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Umesh Pal Hatyakand : 13 फरवरी से प्रतिदिन हुई थी रेकी, तीसरे प्रयास में उमेश को उतारा मौत के घाट

Thu, 23 Mar 2023 06:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल की हत्या का अंतिम खाका अशरफ की अगुवाई में बरेली जेल में 11 फरवरी को खींचा गया। असद, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और विजय चौधरी उर्फ उस्मान समेत अन्य गुर्गे जेल में मीटिंग के बाद 12 फरवरी को वापस आए।
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Prayagraj News : उमेश पाल हत्याकांड। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
उमेश पाल की हत्या का अंतिम खाका अशरफ की अगुवाई में बरेली जेल में 11 फरवरी को खींचा गया। असद, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और विजय चौधरी उर्फ उस्मान समेत अन्य गुर्गे जेल में मीटिंग के बाद 12 फरवरी को वापस आए। शूटरों ने उमेश की हत्या की पहली कोशिश 15 फरवरी और दूसरा प्रयास 21 फरवरी को किया था, लेकिन सफल नहीं हो पाए। 24 फरवरी को उन्होंने उमेश को उनके घर पर गोलियों से छलनी कर दिया। दो सिपाही भी घटना में मारे गए।

अतीक का बेटा असद, उमेश पाल की हत्या के लिए उतावला था। यूं तो उमेश की हत्या के लिए महीनों से प्लानिंग चल रही थी। दो महीनों से रेकी भी कराई जा रही थी, लेकिन अतीक के गुर्गों को कामयाबी नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद असद ने अपने हाथ में कमान ली। उसी ने सब कुछ मैनेज करना शुरू किया। वह अतीक और अशरफ से लगातार संपर्क में रहा। सदाकत, गुलाम और गुड्डू मुस्लिम हर कदम पर उसके साथ खड़े थे।
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Prayagraj News : उमेश पाल हत्याकांड की वायरल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।
असलहा और खर्च की जिम्मेदारी असद को दी गई
 
बरेली जेल में 11 फरवरी को अशरफ से मीटिंग के बाद यह तय हो गया कि असद की देखरेख में उमेश को मारा जाएगा। रेकी असलहों और खर्च समेत अन्य बातों की जिम्मेदारी भी असद को भी सौंपी गई। बरेली से लौटने के बाद असद सबसे पहले धूमनगंज के नियाज अहमद से मिला। उसे यह जिम्मेदारी दी गई कि उमेश जब भी बाहर निकलेगा, वह पीछा करेगा। पल-पल की जानकारी नियाज को इंटरनेट कॉलिंग के जरिये असद को देनी थी।
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Prayagraj News : उमेश पाल। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
उमेश के पड़ोसी शजर भी कर रहा था रेकी

उमेश के पड़ोसी मो. शजर से कहा कि उमेश घर पर रहते हुए कहां बैठता, कौन कौन उससे मिलने आता है, वह बाहर कितने बजे निकला, इसकी जानकारी दे। शजर को आईफोन भी दिया। उस पर पहले से ही कुछ नंबर फीड थे। उन्हीं नंबरों पर शजर को जानकारी देनी थी। अरशद कटरा से भी कचहरी के आस पास उमेश की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया था। इसके साथ अतीक के घर पर हत्या से संबंधित एक मीटिंग 12 फरवरी को हुई है। अन्य लोगों के साथ साथ नियाज, शजर और अरशद कटरा भी मीटिंग में शामिल हुए थे।

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Prayagraj News : माफिया अतीक अहमद और उमेश पाल। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
15 फरवरी को हुआ था पहला प्रयास
 
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 13 फरवरी से उमेश पर नजर रखनी शुरू हो गई। 15 फरवरी को हत्या की पहली कोशिश की गई। शूटर पूरी तरह से तैयार थे लेकिन मौका नहीं मिल पाया। इसके बाद अतीक के घर पर फिर बैठक हुई। असद ने रेकी करने वाले नियाज और शजर को डांटा भी। कहा अगली बार सटीक सूचना होनी चाहिए। इसके बाद 21 फरवरी को दूसरी कोशिश की गई लेकिन वह भी फेल हो गई। 22 को फिर घर में मीटिंग हुई।
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Prayagraj News : उमेश पाल की हत्या का सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : अमर उजाला।
कचहरी से लौटते समय हमले का फैसला
 
24 फरवरी को उमेश को कचहरी जाना था। यह बात सभी को मालूम थी। मीटिंग में निर्णय लिया गया कि इसी दिन उमेश का अंतिम दिन होना चाहिए। कचहरी से लेकर उसके घर तक कहीं भी मौका मिलेगा, उमेश को मार दिया जाएगा। वही हुआ भी कचहरी से लौटते हुए उमेश के घर पर ही हमला किया गया। उमेश के साथ साथ सिपाही राघवेंद्र सिंह और संदीप निषाद भी मारे गए।
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Prayagraj News : उमेश पाल हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : अमर उजाला।
24 को पहली सूचना शजर ने दी, आखिरी नियाज ने

24 फरवरी को जब उमेश पाल घर से निकला तो उसके पड़ोसी मो. शजर ने असद को पहली सूचना दी कि उमेश घर से निकल गया। उसके साथ दो सिपाही और ड्राइवर भी है। इसके बाद नियाज उसकी गाड़ी के पीछे पीछे लग गया। कचहरी में अरशद कटरा भी उमेश की गतिविधियों पर नजर रखे था। वहां काफी भीड़ थी। उमेश के साथ अधिवक्ता भी मौजूद थे। वह ज्यादातर समय कोर्ट में ही था। जब शाम को उमेश वापस लौटने लगा तो नियाज ने लगातार सूचना देनी शुरू की। वह किस रास्ते पर है, कब मुड़ा। अब किस चौराहे पर पहुंचा। अंतिम काॅल भी नियाज की थी कि उमेश अब घर पहुंचने वाला है। इसके बाद शूटर अलर्ट हो गए।
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Prayagraj News : उमेश पाल हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : अमर उजाला।
उसी दिन लिया गया घर पर मारने का निर्णय

उमेश पाल को उनके घर पर ही मारा जाएगा, इसका निर्णय उसी दिन लिया गया। नियाज ने जब बताया कि उमेश अपने घर के लिए चल दिया है तो वहां पहले से मौजूद विजय चौधरी उर्फ उस्मान और गुलाम सक्रिय हो गए। गुलाम घर की गली के बगल में एक दुकान पर मोलभाव करने लगा तो उस्मान सब्जी खरीदने लगा। गुड्डू और अरमान बाइक से उमेश का पीछा कर रहे थे। असद और साबिर क्रेटा कार से उमेश के ठीक पीछे चल रहे थे। जैसे ही उमेश की कार रुकी, सबने मिलकर हमला कर दिया।

किसान यूनियन से भी जुड़ा था नियाज, कई आंदोलनों में दिखा था
उमेश पाल हत्याकांड में रेकी के आरोप में पकड़ा गया नियाज अहमद किसान यूनियन से जुड़ा था। यूनियन के कई आंदोलनों में वह दिखता था।
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