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ट्रिपल मर्डर: मालकिन को नहीं मालूम किरायेदारों के नाम-पता, तीन घंटे बाद क्यों दी सूचना? बांग्लादेशी कनेक्शन

Wed, 05 Aug 2026 11:45 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज में तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस को सूचना देने में हुई देरी अब जांच का विषय बन गई है। मकान मालकिन को मंगलवार सुबह सात बजे वारदात की जानकारी हुई लेकिन पुलिस को सूचना करीब 10:15 बजे दी गई। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई?
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Triple murder in Prayagraj - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
प्रयागराज में तिहरे हत्याकांड के बाद मकान मालकिन सुशीला देवी और उनके बेटे पंकज की लापरवाही भी जांच के दायरे में आ गई है। मूक-बधिर दंपती पिछले छह माह से इनके मकान के एक कमरे में रह रहे थे लेकिन मकान मालकिन ने इनके नाम-पते का कोई विवरण अपने पास नहीं रखा।

पुलिस की जांच में भी अभी तक कमरे से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला है, जिससे मृतकों की पहचान हो सके। किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया जाना भी शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गया है।
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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मकान मालकिन के अनुसार, मूक-बधिर दंपती करीब ढाई साल पहले इसी मकान में रह चुके थे। छह माह पहले दोबारा किराये पर कमरा लिया था। वहीं, कमरे में मिली 45 वर्षीय एक अन्य महिला के बारे में भी मकान मालकिन को कोई जानकारी नहीं थी।
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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने बताया कि महिला को पहली बार देखा था। उसे किरायेदार की रिश्तेदार समझ लिया था। एसीपी कोतवाली रवि गुप्ता के अनुसार, जांच की जा रही है कि किरायेदारों की जानकारी मकान मालकिन के पास क्यों नहीं है? अब पुलिस अन्य किरायेदारों की जानकारी भी जुटा रही है। दूसरी मंजिल पर रहने वाले तीन युवकों से भी पूछताछ की जा रही है।

 

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड, मकान मालिकन से पूछताछ करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मालकिन बोलीं-रात में आई थी महिला
मकान मालकिन सुशीला देवी ने बताया कि उन्होंने कमरे में आई महिला को पहले कभी नहीं देखा था। उसे रिश्तेदार समझकर पूछताछ नहीं की। रात करीब 11 बजे वह सोने चली गई। रोजाना सुबह मूकबधिर दंपती ही पानी की मोटर चलाते थे। जब सात बजे तक मोटर नहीं चली तो वह पूछने ऊपर गईं। कमरे का दरवाजा खुला था। झांककर देखा तो चीख निकल गई।
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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद छतों से देखती महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अस्थायी मजदूरों का रिकॉर्ड चुनौती
शहर में कबाड़ बीनने, मजदूरी और छोटे-मोटे काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग किराये पर रहते हैं। इनमें से कई लोगों का स्थायी पता और पहचान सत्यापित नहीं होने से पुलिस के लिए रिकॉर्ड तैयार करना मुश्किल होता है। अब पुलिस थाना स्तर पर किराये के मकानों का रिकॉर्ड जुटाने की तैयारी में है।
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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद जमा भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस को तीन घंटे बाद दी सूचना
प्रयागराज में तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस को सूचना देने में हुई देरी अब जांच का विषय बन गई है। मकान मालकिन को मंगलवार सुबह सात बजे वारदात की जानकारी हुई लेकिन पुलिस को सूचना करीब 10:15 बजे दी गई। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस को तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई? शाहगंज थाना प्रभारी वैभव सिंह के अनुसार, पुलिस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है। 

 
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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद शवों को लेकर जाती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पता लगाया जा रहा है कि सबसे पहले कमरे के अंदर किसने देखा? घटना की जानकारी किन-किन लोगों तक पहुंची? सूचना देने में देर क्यों हुई? मकान मालकिन का कहना है कि उन्हें शुरुआत में यह अहसास नहीं हुआ कि कमरे के अंदर तीनों की हत्या हो चुकी है। उन्होंने पड़ोसियों से अंदर जाकर देखने को कहा था। बाद में जब स्थिति स्पष्ट हुई तो आशीष नामक युवक ने पुलिस चौकी में फोन कर घटना की जानकारी दी।

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद जांच के लिए पहुंची टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बांग्लादेशी कनेक्शन भी तलाश रही पुलिस
पुलिस बांग्लादेशी कनेक्शन भी खंगाल रही है। पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक दंपती की वास्तविक पहचान क्या थी? वे मूलरूप से कहां के रहने वाले थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, दंपती कबाड़ बीनने का काम करते थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उनका संबंध कहीं ऐसे लोगों से तो नहीं था, जिनकी पहचान संदिग्ध रही हो। 
 

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस कीटीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जनवरी 2026 में जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की आशंका को लेकर पुलिस ने कई इलाकों में सत्यापन अभियान चलाया था। लखनऊ से आई टीम ने स्थानीय पुलिस संग धूमनगंज के हरवारा और करेली के मुर्गा दरबार इलाके की बस्तियों में छापा मारा था। 

 

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद खौफ में बच्चा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस दौरान पहचान पत्र मांगे जाने पर कुछ लोग मौके से भाग निकले थे। उस समय जांच टीम ने आशंका जताई थी कि कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे थे। इनमें कई लोग कबाड़ बीनने, कपड़ा बेचने, मजदूरी और अन्य छोटे-मोटे कामों से जुड़े पाए गए थे। 

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस कीटीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किराये के कमरे में मूक-बधिर दंपती और महिला की हत्या
प्रयागराज के शाहगंज के गढ़ीकलां में किराये के कमरे में रह रहे मूक-बधिर दंपती और एक अन्य महिला की सोमवार रात निर्मम हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह तीनों के शव कमरे में खून से लथपथ मिले। तीनों के सिर और चेहरे पर गहरे जख्म थे। मौके पर खून लगा सिलिंडर मिला है। आशंका है कि उसी से प्रहार किया गया। तीनों मृतकों में से किसी का पहचान पत्र कमरे में नहीं मिला। इससे उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।

 

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद खड़ी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़ीकलां में सुशीला देवी का दो मंजिला मकान है। पति की मौत हो चुकी है। वह बेटे पंकज के साथ भूतल पर रहती हैं। बेटा ऑटो-रिक्शा चलाता है। मकान में चार किरायेदार रहते हैं। दूसरी मंजिल पर अतुल सिंह, धनंजय सिंह, ऋषि सिंह रहते हैं। तीनों रेलवे स्टेशन पर खाने का सामान बेचते हैं।

 

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस कीटीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहली मंजिल पर करीब 35 वर्षीय युवक 32 वर्षीय पत्नी के साथ पिछले छह माह से रह रहा था। दोनों बोल और सुन नहीं सकते थे। इसलिए मोहल्ले वाले उन्हें गूंगा गूंगी नाम से पुकारते थे। दोनों कबाड़ बीनकर घर चलाते थे।

 

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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद खड़ी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह रोजाना सुबह करीब छह बजे घर से निकलते थे लेकिन मंगलवार को कमरे से बाहर नहीं आए। सुबह करीब सात बजे मकान मालकिन को दंपती के कमरे का दरवाजा खुला मिला। झांककर देखा तो पति-पत्नी और 45 वर्षीय महिला के शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़े थे।

 
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प्रयागराज में तिहरा हत्याकांड के बाद शवों को लेकर जाती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भीतर का दृश्य देखकर वह चीख पड़ीं। बेटे और पड़ोसियों को आवाज देकर बुलाया। कोतवाली एसीपी रवि गुप्ता, शाहगंज थाना प्रभारी वैभव सिंह भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि दूसरी महिला भी मूक-बधिर थी। वह रात में इनके घर क्यों आई, इसका पता नहीं चल सका।
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