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प्रयागराज में पेड़ उखड़े, फसलें जमींदोज, बारिश और ओले ने मचाई भारी तबाही

Fri, 13 Mar 2020 07:55 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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ओला वृष्टि - फोटो : अमर उजाला
बेमौसम बारिश, तेज आंंधी, तूफान और ओलावृष्टि से शहर सहित गंगापार और यमुनापार में हाहाकार मचा हुआ है। शहर और ग्रामीण इलाकों की सारी सड़कें पत्ते और पेड़ की टूटी टहनियों से पट गई हैं। शुक्रवार की बारिश ने जमकर तबाही मचाई। खेतों में खड़ी फसल जमींदोज हो गई। खड़े पेड़ उखड़ गए।
 
आम के बौर को भी काफी नुकसान हुआ। जिससे किसानों की जान हलक में अटकी रही। सबसे ज्यादा नुकसान आम और अरहर की फसल को हो रहा है। मौसम का कहर इसी तरह कायम रहा तो आम खास लोगों के लिए ही रह जाएगा। साथ ही आटा, गेहूं के दाम सहित दलहन और तिलहन के दाम भी गरीबों को रुला सकते हैं।
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कई पेड़ उखड़े - फोटो : Amar Ujala
इलाके के शंकरगढ़ और लालापुर क्षेत्र में ओला गिरने से किसान बर्बाद हो गया। गेहूं, चना, मसूर, सरसों, मटर सहित दलहन व सब्जी की फसलों के साथ ही आम के बौर भी गिरकर नष्ट हो गए। जिससे रात दिन पशुओं से खेतों की रखवाली करने वाले किसानों की जान हलक में फंस गई है। शंकरगढ़ क्षेत्र के गोबरा हेवार, कपारी, तालापार, हिनौती, कटरा, सोनवर्षा, ओसा, पूरे बघेल सहित लालापुर के दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं।
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मौसम - फोटो : amar ujala
पहाड़ी गांव के समरेंद्र सिंह, जीत बहादुर सिंह, जूही के श्रीनाथ सिंह, राजेंद्र सिंह, डेराबारी के किसान जगत राज सिंह, लालापुर के शंकरलाल पांडेय, नगरवार के राम गणेश पाठक, मानपुर के मनोज सिंह, मझियारी के जय प्रकाश, तीरथ क़पुरिहा, गोझवार के कृष्णराज सिंह, गोबरा के श्याम लाल उर्फ पेट्टू ,गोइसरा के अतुल उर्फ डब्ल्यू तिवारी आदि ने बताया की मूसलाधार बारिश के साथ पड़े ओले से फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अगर किसानों को फसल का मुआवजा नहीं मिला तो कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे।

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मौसम - फोटो : amar ujala
शुक्रवार दोपहर बाद तेज आंधी बारिश एवं भीषण ओलावृष्टि से फसलें पूरी तरह चौपट हो गई। जिससे किसानों के पेशानी पर बल पड़ने लगा है। चार महीने की सारी खून पसीने की कमाई चौपट होने के कगार पर पहुंच गई है। शाम चार बजे के तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने लगी।
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मौसम - फोटो : amar ujala
उसी के साथ ओला भी गिरना शुरू हो गया। क्षेत्र के मझियारी लकोसा. कोहड़िया धवैया. रूम, बासी, ओठगी आदि गांवोंके किसानो ने बताया लगातार हो रही वर्षा से रवी की फसल वैसे भी खराब हो गई थी। इस समय मसूर, मटर, सरसो आदि फसल पकी हुई थी। इस ओलावृष्टि से सब चौपट हो गई। ग्राम पंचायत गड़ैया, लोनीपार प्रधान प्रतिनिधि विजय सिंह, कोहड़िया प्रधान राम भवन सिंह, धर्मेंद्र, शिवशंकर आदि ने फसल नुकसान के लिए सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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मौसम - फोटो : amar ujala
जसरा बाजार में आधे घंटे की बारिश के बाद जलभराव हो गया। तूफान के साथ आई बरसात ने दलहन और तिलहन की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र के रेरा, गडरा मुड़ेहरा, अमरेहा, बुदावा, जसरा,  पचखरा, चितौरी, खटंगिया , दवना , पांडर आदी गांव में फसल बर्बाद हो गई। रेरा गांव  के पवन मालवीय ने बताया कि जब किसान अपने खेत पर पहुंचा तो फसल की दुर्दशा देखकर कि उसके आंख से आंसू निकल आए। चितौरी गांव के प्रधान मान सिंह पटेल,  खटंगिया गांव के वीरेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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मानधाता क्षेत्र में गिरा ओला। - फोटो : pratapgarh
ओलावृष्टि और तूफानी हवा ने रबी की फसल को बर्बाद कर दिया। इससे अधिकांश फसलें जमींदोज हो गयीं। गेहूं, जौ, सरसो, मटर की फसलों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। कहीं कहीं आलू की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। क्षेत्र के सम्हई, लाई, भगदेवरा, भवानीपुर, रेरुआ, इब्राहिमपुर, उल्दा, शहजादपुर, बरईपुर रामनगर, मेण्डारा, मुहीउद्दीनपुर, पीरदल्लू समेत क्षेत्र के अमूमन सभी गांवों में खराब मौसम ने किसानों को आघात पहुंचाया है। भीखपुर के किसान राम प्यारे पटेल, लाई के महताब हुसैन बताते हैं कि खराब मौसम से सर्वाधिक नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है क्योंकि जो गेहूं फसल जमीन थाम ली है उसमें अनाज होगा ही नहीं है।

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ओला
हंडिया इलाके में बेमौसम की बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। दूसरे दिन भी तूफान भरी बारिस के जारी रहने से किसानों में मायूसी छा गई है। इंद्र देव की इस बेरहमी से नष्ट हुई फसलों को देखकर किसानों के सारे सपने चकनाचूर हो गए। धनूपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव जारांव, किरांव, जगदीशपुर, धनूपुर, मर्रो समेत दर्जनों गांवों के किसानों की सरसों व गेहूं की अधिकांश फसलें जमीन पर लेट गई है।

किसान कमलेश सिंह, छोटेलाल दूबे, शोभनाथ दूबे, प्रेमप्रकाश सिंह यादव, निराला यादव, राकेशकुमार, संजय सिंह, राकेश यादव ने कहा कि इस बे मौसम तूफान भरी बारिस से फसलों की उपज पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उपज के सहारे गृहस्थी के लिए सजाए गए सारे सपने बारिस के इस कहर से चकनाचूर हो गए।
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मौसम - फोटो : amar ujala
आधी रात हुई बारिश से किसानों को भारी झटका लगा है सुबह जब नींद खुली अपने खेतों मैं पहुंचे तो की गेहूं व तिलहन की फसल को देखकर आंखें भर आई। सोरांव तहसील के अत्यधिक आलू तथा गेहूं उत्पादित करने वाले नवाबगंज इलाके में बड़े पैमाने पर पिछले कई वर्ष से आलू के भाव में घाटा खाए किसानों ने इस बार गेहूं की खेती करने में अपनी रुचि दिखाई और मौसम अनुकूल होने के साथ फसल होने के अच्छे आसार दिखाई पड़े तो पिछले कई दिनों से आसमान में काले बादलों के आने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। बृहस्पतिवार की रात अचानक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के चलते गेहूं की फसल खेतों में लुट गई।

इसी के साथ तिलहन की फसल को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है बताया जाता है कि इलाके के कछार व उपरहार इलाके में रोहित सरसों की 50 फ़ीसदी कटाई करने के साथ जब किसानों ने उपज को संजू ने का कार्य शुरू किया था अचानक बारिश शुरू हो गई जिसके चलते बड़े पैमाने पर नुकसान बताया जा रहा है हरिश चंद तिवारी शिव मोहन कल्लू तिवारी सुखदेव यादव तुलसीराम पटेल लालजी पटेल अच्छेलाल पटेल वाह ओमप्रकाश मौर्य ने बताया कि बेमौसम की बारिश से बड़े पैमाने पर क्षति हुई है।
 
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