न बोल बम के शोर न घाटों पर कांवड़ों की कतारें, लेकिन आस्था में कोई कमी नहीं रही। भोले भक्त उसी भाव से देवाधिदेव के दर्शन के लिए निकले। मनकामेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले मार्ग पर आस्थावानों का उत्साह देखते बना। संगम समेत अन्य घाटों पर सावन सोमवार की डुबकी भी लगी और मंदिरों में महादेव की झांकियों का दर्शन भी। आस्था पथ पर भक्ति भावना की लहरें सावन के दूसरे सोमवार भी इसी तरह हर मन में उमड़ती रहीं।