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छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत, नहीं होगी कोई कार्रवाई

Tue, 08 Oct 2019 01:40 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत मिली है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। एलएलएम छात्रा से दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार पूर्व गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने बचाव किया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को स्वामी चिन्मयानंद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि छात्रा व उसके दोस्तों की बातचीत की आडियो व वीडियो देखने के बाद साफ हो गया है कि इस मामले में स्वामी चिन्मयानंद को फंसाया गया है।
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जेल जाते स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला
अब परिषद उनके विरुद्ध न तो निष्कासन की कार्रवाई करेगा न ही इस मामले की चर्चा की जाएगी। इस तरह षड्यंत्र के तहत साधु-संतों को फंसाकर बदनाम करने वालों से निबटने के लिए परिषद रणनीति भी तय करेगा। इससे पहले अखाड़ा परिषद ने इस मामले में स्वामी चिन्मयानंद को संत समाज से बहिष्कृत करने का फैसला लिया था। 
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स्वामी चिन्मयानंद गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व बाघंबरी गद्दी मठ के महंत नरेंद्र गिरि ने सोमवार को कहा कि इस मामले से जुड़े आडियो- वीडियो को सुनने, देखने के बाद स्पष्ट हो गया है कि यह ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूलने से जुड़ी घटना है। स्वामी चिन्मयानंद को फंसा कर ब्लैकमेल किया जा रहा था। उनके साथ अन्याय हुआ है। 

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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
महंत नरेंद्र गिरि ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि संत समाज को बदनाम करने के लिए बड़े पैमाने पर पर षड्यंत्र रचा जा रहा है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। मोटी रकम के लिए चिन्मयानंद को ब्लैकमेल करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई साधु-संतों को बदनाम करने और फंसाने के लिए इस तरह के षड्यंत्र किए जा चुके हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
ऐसे में अब स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई परिषद की ओर से नहीं की जाएगी। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि इस तरह साधु-संतों के खिलाफ षड्यंत्र रचने वालों से निबटने के लिए अब परिषद पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि अखाड़ा परिषद की 10 अक्तूबर को हरिद्वार में होने वाली बैठक में चिन्मयानंद के निष्कासन की कार्रवाई का प्रस्ताव वापस ले लिया जाएगा।
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