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नागरिकता विरोधः प्रयागराज में इंटरनेट के बाद एसएमएस सेवा भी निलंबित

Sun, 22 Dec 2019 03:27 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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news prayagraj - फोटो : प्रयागराज
नागरिकता संशोधन कानून पर विरोध-प्रदर्शन के तीसरे दिन शनिवार को कानपुर समेत कई इलाकों में बवाल को देखते हुए इंटरनेट के साथ बीएसएनएल की एसएमएस सेवा भी निलंबित कर दी गई। बवाल की आशंका पर इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध अगले 24 घंटे के लिए फिर बढ़ा दिया गया। हालांकि  एनआईसी की लीज लाइन इस प्रतिबंध से अलग रखी गई है, ताकि सरकार के सूचना संचार में बाधा न आने पाए। बैंक व बीमा सेवाओं की लीज लाइनें भी पूर्ववत चालू रहेंगी।
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सीएए व एनआरसी पर अफवाह व बवाल फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा को रविवार की रात 10 बजे तक के लिए फिर बंद कर दिया गया। इससे पहले शनिवार की रात 10 बजे तक के लिए ही प्रतिबंध लगाया गया था,लेकिन शाम को इसे बढ़ाने का निर्णय ले लिया गया। एसएमएस सेवा भी बंद कर दी गई। अफसरों के मुताबिक इंटरनेट बंद होने के बाद लोग भीड़ जुटाने के लिए व्हाट्सएप पेसबुक, ट्विटर का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन एसएमएस के जरिए एक दूसरे के बीच अफवाहें फैलाने की आशंका बनी हुई थी।
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बीएसएनएल के महाप्रबंधक आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि डीएम के निर्देश पर इंटरनेट सेवा बंद रखने की अवधि बढ़ा दी गई है। कानपुर में बवाल को देखते हुए बीएसएनएल की एसएमएस सेवा भी निलंबित कर दी गई है। जीएम के मुताबिक बवाल बढ़ने की आशंका पर प्रतिबंध की अवधि में फिर विस्तार किया जा सकता है। शनिवार की शाम एसडीओ एसबी उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी ने दोबारा पत्र भेजकर नेट सेवा पर प्रतिबंध बढ़ाने के लिए कहा है। इसके बाद बीएसएनएल समेत अन्य संचार माध्यमों के ब्राडबैंड अगली सूचना आने तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इंटरनेट आधारित हर तरह की बुकिंग, अपलोडिंग अब सोमवार से ही आरंभ हो सकेगी। 

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इंटरनेट बंद होने से बढ़ी परेशानी, बुक नहीं हुए ई टिकट

प्रयागराज। इंटरनेट सेवा बंद होने से लगातार दूसरे दिन लाखों लोगों को परेशानी हुई। लगातार दूसरे दिन मोबाइल इंटरनेट बंद होने की वजह से जहां एक ओर रेलवे की ई टिकट सेवा का लोग लाभ नहीं ले सके  तो वहीं हवाई टिकट की भी बुकिंग मोबाइल से नहीं हुई। फेसबुक, व्हाट्सअप, इंस्टाग्राम आदि बंद होने से युवा खासे निराश हुए। हालांकि दो दिन से बंद इंटरनेट सेवा की वजह से तमाम लोगों के मोबाइल की बैटरी भी खूब चली। उधर  शनिवार को भी व्यापारी अपना रिटर्न दाखिल न कर सके।
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इंटरनेट बंद होने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी मोबाइल फोन धारकों को हुई है। बड़े संस्थान में लीज लाइन की वजह से इंटरनेट भले ही चल जा रहा हो लेकिन मोबाइल फोन बीते दो दिन से खिलौना बने हुए हैं। ओला, उबर सेवा भी दो दिन से बाधित है। ओला सेवा के एक ड्राइवर ने बताया कि एप के माध्यम से ही बुकिंग कैब की होती है, लेकिन अब नेट बंद होने से वह खाली ही बैठे हुए हैं। इसी तरह ऑन लाइन खाना उपलब्ध करवाने वाली जमैटो, स्वीगी से भी बुकिंग तकरीबन बंद हो गई है।
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हवाई टिकट भी लोग बुक नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से शनिवार को काफी संख्या में लोग एयरपोर्ट गए। वहां जाकर लोगों ने अपने टिकट बुक करवाएं। कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि इंटरनेट बंद होने की वजह से दूसरे दिन भी व्यापारी अपना रिटर्न नहीं भर सके। तमाम व्यापारियों का ई वे बिल भी नहीं बना। लगातार दूसरे दिन इंटरनेट न चलने से तकरीबन सौ करोड़ के व्यापार का नुकसान हुआ। 
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विरोध और समर्थन में वकीलों ने निकाला जुलूस

प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध और समर्थन में शनिवार को जिला न्यायालय के वकीलों ने जुलूस निकाला। दोनों ही पक्षों का जुलूस शांतिपूर्ण रहा। अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंच कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान कचहरी परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

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शनिवार को जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हरिसागर मिश्र की अध्यक्षता में वकीलों की सभा हुई। सभा के बाद संघ के मंत्री राकेश कुमार दुबे के नेतृत्व में अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में संघ भवन से चौरासी खंभा होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सभा में अधिवक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा पारित कानून असंख्य शरणार्थियों के जीवन में आशा की एक नई किरण लेकर आया है। सभा में यह साफ किया गया है कि यह नागरिकता प्रदान करने वाला कानून है। तीन देशों में कई दशकों से अल्पसंख्यकों के साथ उत्पीड़न हो रहा था। इन देशों से विस्थापित होकर आए लोगों को भारत सरकार नागरिकता देगी। वकीलों ने कहा कि नागरिकता कानून के संबंध में कतिपय लोगों द्वारा भ्रम फैला कर हिंसा का रास्ता अपनाया जा रहा है। वकीलों ने लोगों से भ्रम से दूर रहने और देश में शांति बनाए रखने की अपील की है।
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बिल वापस होने तक करेंगे प्रदर्शन 

प्रयागराज। नागरिकता कानून के विरोध में शामिल वकीलों ने जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर  राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा है।

नागरिकता कानून का विरोध कर रहे वकीलों का कहना है कि यह कानून भारतीयों में फूट डालने वाला है। अधिवक्ताओं ने कानून वापस लिए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने में अधिवक्ता वकार अहमद, इफ्तेखार अहमद, तहसीन अहमद, नाथू राम बौद्ध, अधिवक्ता संघ के लाइब्रेरियन अली अहमद, कार्यकारिणी सदस्य मो0 आरिफ, अरशद हामिद माशूक, एसए नसीम, मो0 राशिद, असद अहमद, लालजी यादव, विजय सिंह आकाश आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे है। नागरिकता कानून के विरोध में हुई एक सभा में वकीलों ने निर्णय लिया है कि कानून वापस होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया है कि देश को विभाजित करने वाले इस कानून के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बैठक में केके यादव, संदीप सिंह, महेंद्र वर्मा, अवनीश तिवारी, दीपक शुक्ला, सुशील यादव, हरमंगल सिंह, नजर इकबाल, विजय सिंह आकाश, सुनील चौधरी आदि शामिल थे। बैठक का संचालन ख्वाजा शमशाद अहमद ने किया। 
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