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चैत्र रामनवमी से राम मंदिर निर्माण के शुभारंभ के संकेत

Sat, 15 Feb 2020 09:24 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती - फोटो : अमर उजाला
अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण की शुरुआत चैत्र रामनवमी के शुभ मुहूर्त पर हो सकती है। मंदिर निर्माण के लिए हाल में ही गठित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य जगदगुरु वासुदेवानंद सरस्वती महाराज ने शनिवार को इस बात के संकेत दिए। ट्रस्ट के अध्यक्ष पद को लेकर संतों की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय बैठक में ही लिया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि संत समाज से ही कोई उपयुक्त नाम इस पद के लिए प्रस्तावित किया जाए,लेकिन अगर किसी कार्यकर्ता के नाम पर भी सहमति बनती है तो वह हृदय से स्वागत करेंगे।
 
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स्वामी अच्युतानंद तीर्थ, वासुदेवानंद सरस्वती और नरेंद्रानंद सरस्वती
दिल्ली में 19 फरवरी को होने वाली ट्रस्ट की पहली बैठक से पूर्व अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद ने मंदिर निर्माण से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभी बैठक का कोई एजेंडा नहीं बना है। पहली  बैठक में ट्रस्ट के स्वरूप को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसमें सदस्य पदों पर दो संतों के मनोनयन की प्रक्रिया पूरी होगी। उन्होंने बताया कि सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ वकील के पराशरन और वे खुद अब बढ़ती उम्र की वजह से बहुत भागदौड़ करने लायक नहीं रह गए हैं।
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शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती महाराज
ऐसे में अध्यक्ष पद पर किसी अन्य नाम पर सहमति बनाई जा सकती है। किसी संत को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अगर कार्यकर्ता को भी नामित किया जाता है तो रामकाज करने में किसी को कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। जगदगुरु ने कहा कि भगवान राम के मंदिर निर्माण केलिए धन की कोई कमी नहीं होगी। 1.9 करोड़ रुपये अभी खाते में है।

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जोशीमठ में भक्तों के साथ शंकराचार्य मठ की ओर जाते वासुदेवानंद सरस्वती। - फोटो : Amar Ujala
एक-एक रुपये भी देश के हर सनातनधर्मियों ने रामकाज के लिए अर्पित किया तो रामलला के अद्वितीय मंदिर निर्माण के लिए पर्याप्त धन संग्रह हो जाएगा। उन्होंने बताया रिक ट्रस्ट की बैठक में हिस्सा लेने से पूर्व 17 फरवरी को वह अयोध्या जाएंगे। वहां सुग्रीव किला में आयोजित स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य के बैकुंठोत्सव में हिस्सा लेंगे। सुग्रीव किला कभी राम मंदिर आंदोलन का केंद्र था।
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वासुदेवानंद महाराज - फोटो : अमर उजाला
महामंडल के जनरल सेक्रेटरी से स्वामी वासुदेवानंद की अहम मुद्दों पर चर्चा

प्रयागराज। भारत धर्म महामंडल के जनरल सेक्रेटरी प्रो शंभू उपाध्याय शनिवार को शंकराचार्य आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्य जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से मुलाकात की। इस दौरान करीब घंटे भर दोनों के बीच मंदिर निर्माण व अन्य मसलों पर भी चर्चा हुई। भारत धर्म महामंडल ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर योग्य संन्यासी को नामित करने के लिए अधिकृत आध्यात्मिक संस्था रही है। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद को लेकर स्वामी वासुदेवानंद और स्वामी स्वरूपानंद के बीच वर्षों से विवाद चल रहा है। हाल में ही ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के तौर पर केंद्र सरकार की ओर से जगदगुरु वासुदेवानंद को मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का सदस्य मनोनीत किए जाने के बाद यह प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है।

नृत्य गोपाल दास से नहीं मिलना चाहते स्वामी वासुदेवानंद
प्रयागराज। अयोध्या दौरे के समय यह पहला मौका होगा जब जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष रहे महंत नृत्य गोपाल दास से नहीं मिलेंगे। सोमवार को वह अयोध्या में सुग्रीव किले में कुछ देर रुकने के बाद लखनऊ चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि महंत नृत्य गोपाल दास को अगर बैठक में सदस्य नामित कर दिया गया तो उन्हें वह बधाई देने जाएंगे, लेकिन इससे पहले उनसे मिलना उचित नहीं होगा। इससे पहले वह जब भी अयोध्या जाते थे तो महंत नृत्य गोपाल दास से उनका मिलना जरूर होता था।
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