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Shardiya Navratri 2022: आदिशक्ति की आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्र आज से

Mon, 26 Sep 2022 12:15 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Shardiya Navratri 2022: इस बार नवरात्र में शुक्र अस्त रहेगा। ऐसे में मां की नौ दिवसीय आराधना, अनुष्ठान, स्तोत्र पाठ तो होंगे, लेकिन शुभ कार्य नहीं किए जा सकेंगे। इस दौरान ग्रहों की शांति के लिए पूजा हो सकेगी।
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नवरात्रि 2022 - फोटो : अमर उजाला
भक्तों के कल्याण के लिए महिषासुरमर्दिनी की कलश स्थापना सोमवार को प्रतिपदा तिथि पर होगी। भक्तों के द्वार पर मां दुर्गा के आगमन पर नौ दिवसीय विविध अनुष्ठान घरों से लेकर मंदिरों तक आरंभ हो जाएंगे। शहर में सौ से अधिक स्थानों पर पूजा पंडाल आकार ले चुके हैं।


इस बार नवरात्र में शुक्र अस्त रहेगा। ऐसे में मां की नौ दिवसीय आराधना, अनुष्ठान, स्तोत्र पाठ तो होंगे, लेकिन शुभ कार्य नहीं किए जा सकेंगे। इस दौरान ग्रहों की शांति के लिए पूजा हो सकेगी। शारदीय नवरात्र इस बार ब्रह्म मुहूर्त में उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और चित्र नक्षत्र के साथ शुक्ल योग में आरंभ होगा। दो अक्तूबर को मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाहन होगा।


इसी दिन महासप्तमी भी होगी और शत्रु पराजय के लिए मां कालरात्रि के स्वरूप की आराधना की जाएगी। तीन अक्तूबर को दुर्गाष्टमी पर घरों से लेकर मंदिरों तक कन्या पूजन, लक्ष्मी पूजन के विशेष अनुष्ठान होंगे। इसी तरह चार अक्तूबर को दुर्गा नवमी पर हवन-पूजन के साथ मां की आराधना के नौ दिवसीय अनुष्ठानों की पूर्णाहुति होगी।


पांच अक्तूबर को श्रवण नक्षत्र और विजय मुहूर्त में विजय दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। आदिशक्ति स्वरूपा की आराधना के लिए संगमनगरी तैयार है। ज्योतिषाचार्य पं. बृजेंद्र मिश्र के मुताबिक ब्रह्म मुहूर्त में वेदियों पर घट पूजन के साथ मां का आह्वान सबसे उत्तम रहेगा। इसी के साथ कलश स्थापना कर नौ दिन के व्रत अनुष्ठान आरंभ होंगे।
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Prayagraj News : नवरात्रित की पूर्व संध्या पर मां दुर्गा की मूर्तियों की खरीददारी करते भक्त। - फोटो : अमर उजाला।
फूलों से सजे शक्तिपीठ, प्रथम दिन शैलपुत्री स्वरूप में सजेंगी झांकियां
शहर केदेवी मंदिरों में सोमवार से नवरात्र के क्रम में झांकियां सजाई जाएंगी। इसी के साथ नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकियां सजाई जाएंगी। महाशक्तिपीठ ललिता धाम को फूलों और झालरों से सजा दिया गया है। वहां मां के प्रथम रूप शैलपुत्री की झांकी सजाई जाएगी। इसी तरह कल्याणी देवी में भी नवरात्र के प्रथम दिन मां कल्याणी देवी का शैलपुत्री के रूप में शृंगार किया जाएगा। अलोप शंकरी माता के मंदिर को भी भव्य सजा दिया गया है। भोर से ही वहां भक्तों की लंबी कतार दर्शन के लिए लग जाएगी। 

कलश स्थापना

मुहूर्त: सुबह 5:55 बजे से पहले कलश स्थापन किया जाना सबसे उत्तम होगा
सुबह 06:20 बजे से 10:19 बजे तक भी कलश स्थापना करें

अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:54 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में किया जा सकेगा कलश स्थापन
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Prayagraj News : मां दुर्गा पूजनोत्सव की तैयारी जोरों पर चल रही है। - फोटो : अमर उजाला।
अनुपम स्वरूप में देवी को सजाने के लिए सजे बाजार

शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर बाजारों में खूब रौनक रही। देवी मूर्तियों सहित देवी को अर्पित की जाने वाली चुनरी, नारियल, पूजा सामग्रीकी खरीद के लिए दुकानों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। साथ ही श्रद्धालुओं ने व्रत से जुड़ी सामग्री जैसे सिंगाड़े का आटा, कुट्टू की दलिया, साबुदाना, मूंगफली का दाना, सेंधा नमक, मिश्री और तरह-तरह के मेवों की भी खरीद की। 


हालांकि पूजा से लेकर व्रत तक की सामग्री की कीमतें बीते वर्ष की अपेक्षा अधिक रहीं। चौक में नारियल, चुनरी बेचने वाले संजय बताते हैं, देवी को अर्पित करने के लिए चुनरी खासतौर पर कानपुर और दिल्ली से मंगाई गई है। हां, बीते वर्ष की अपेक्षा चुनरी के दाम में15 से 20 रुपये तक का अंतर आया है। इसी तरह तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश से आने वाला नारियल भी पांच से दस रुपये तक महंगा हुआ है। बीते वर्ष 100 नारियल जहां 1200 रुपये में मिलते थे , वही अब 100 नारियल के 2000 रुपये देने पड़ रहे हैं ।

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Prayagraj News : सिद्धपीठ अलोपी देवी मंदिर में तैयारी जोरों पर चल रही है। - फोटो : अमर उजाला।
बीते पांच दशकों से लोकनाथ में फूल बेचने वाले नाटे माली कहते हैं, नवरात्र पूजन में फूलों की मांग बढ़ने से दाम में भी बढ़ोतरी होती है। इस बार भी गेंदे की बड़ी माला 30 रुपये तथा गुलाब की 10 से 15 रुपये के बीच मिल रही है। इतना ही नहीं नवरात्र में फूल कम भी पड़ जाते हैं । मनमोहन पार्क  चौराहे से कंपनी गार्डेन जाने वाली सड़क पर मूर्तियों का स्टाल लगाने वाले  धूमनगंज हरवारा के सोनू बोले, कानपुर और कलकत्ता से मंगाई जाने वाली मूर्तियां 20 से पचास रुपये तक महंगी हुई हैं।
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Prayagraj News : नवरात्रि की पूर्व संध्या पर खरीददारी करतीं भक्त। - फोटो : अमर उजाला।
पूजन सामग्री खरीदने आईं सुमन शर्मा और झूंसी की ऊषा तिवारी बोलीं, नौ दिनों तक व्रत रखते हैं, ऐसे में व्रत की सामग्री का महंगा होना कष्टप्रद है। व्रत सामग्री के साथ ही घी,तेल के दाम भी बढ़ गए हैं। कटरा में पूजा का समान खरीद रहीं बघाड़ा की रोशनी ने कहा, बीते वर्ष 100 रुपये में जो चुनरी ली थी,अबकी वैसी ही चुनरी 130 रुपये की मिली है । नारियल, तिल का तेल भी मंहगा है । वह नौ दिन का उपवास रखती हैं । वहीं पूजन सामग्री बेचने वाले अनिल केसरवानी ने कहा, नवरात्र से दो दिन पहले ही खरीदारों का तांता लग जाता है । कटरा में किराना स्टोर के प्रोपराइटर रत्नेश ने माना कि सिंगाड़ा , साबुदाना , मूंगफली ही नहीं दूध के दाम भी बढ़े हैं।
 

बंगलूरू से आए शृंगार के सामान
देवी के शृंगार के लिए सजावटी सामानों की पूरी रेंज बाजार में मौजूद है। अबकी देवी के मनोहारी शृंगार के लिए जरदोजी वर्क, मोरपंखी युक्त लहंगा-चुनरी, जड़ाऊ कंगन खासतौर पर बंगलूरू से मंगाया गया है। चौक, कटरा,सिविल लाइंस, मीरापुर, प्रीतमनगर, दारागंज, मुट्ठीगंज आदि के बाजारों में खरीदारों की सुविधा के लिए दुकानें रात तक खुली रहीं।
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