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सीए पर संतों ने भरी हुंकार, नरेंद्र गिरि बोले-'पार्कों में दिन में भाषण, रात को बिरयानी मिलती है'

Sun, 02 Feb 2020 12:50 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
अचला सप्तमी महोत्सव में शनिवार को साधु-संतों ने नागरिकता संशोधन कानून को राष्ट्रीय हितों के लिए जरूरी बताया। संतों ने कहा कि इस कानून के विरोध में जिन पार्कों में भी धरने हो रहे हैं, वहां दिन में भाषण और रात को बिरयानी का इंतजाम किया जा रहा है। ऐसे धरना-प्रदर्शन के पीछे खड़े लोगों को चिह्नित कर उनसे सख्ती से निबटा जाना चाहिए। बाघंबरी गद्दी मठ में अचला सप्तमी पर आयोजित वैदिक आचार्यों के सम्मान समारोह के अवसर पर यह बातें कही गईं।
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
सुबह ध्वजारोहण के बाद हुई सभा में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोगों को सुधर जाने की चेतावनी दी। कहा कि अगर सीएए के समर्थन में संत सड़कों पर उतरे तो विरोधियों को भारी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सीएए का विरोध करने वालों से ज्यादा तादात में साधु संन्यासी इस कानून के समर्थन में खड़े हैं। महंत नरेंद्र गिरि ने सीएए के विरोध में उपद्रव करने वालों के खिलाफ  केंद्र व प्रदेश सरकारों से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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magh mela prayagraj - फोटो : प्रयागराज
उन्होंने कहा कि सीएए के विरोधियों के खिलाफ हर कार्रवाई का अखाड़ा परिषद पुरजोर समर्थन करेगा। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने संस्कृत महा विद्यालयों की लगातार गिरती स्थिति पर भी चिंता जताई। कहा कि शिक्षक न होने से कई संस्कृत विद्यालय बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने सीएम योगी से संस्कृत भाषा को बचाने के लिए रिक्त पदों पर संस्कृत के शिक्षकों की नियुक्ति की भी मांग की। इससे पहले अचला सप्तमी पर महंत ने श्रीमठ बाघंबरी गद्दी में सस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों समेत 100 से अधिक संस्कृत विद्वानों को सम्मानित किया।
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