शनिवार की सुबह सेना का एक बदला रूप नजर आया। संत महात्माओं की तरह सेना के अफसर और जवान शनिवार की सुबह माघ मेला क्षेत्र में भगवान की भक्ति में तल्लीन दिखे। उनके हाथ में बंदूक नहीं, बल्कि तमाम तरह के ध्वज थे। आधुनिक वाहनों की बजाय ये अफसर और जवान हाथी, घोड़ा और बग्घी में बैठे नजर आए। मौका था सेना की निशान यात्रा का। हर वर्ष की तरह इस बार भी माघ मेले के अवसर पर गंगा पूजन के लिए सेना की निशान यात्रा आयुध भंडार किला से निकली। जो त्रिवेणी मार्ग, बांध होते हुए संगम तक गई।