महाकुंभ में संगम स्नान के लिए भारत के हर राज्य से करोड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इनके अलावा साधु संत भी बड़ी तादात में आए हैं, जो गंगा किनारे धूनी रमाए आपको चौबीसों घंटे दिख जाएंगे। महाकुंभ में इन साधु संतों का बड़ा अनोखा संसार बसा है। कोई बाबा रबड़ी खिला रहे हैं, तो कोई श्रद्धालुओं को सैर करा रहे हैं। इनके अलावा बंगाली बाबा और बड़े बाबा की बड़ी बड़ी बातें सुननी हों, तो महाकुंभ जरूर आइए। आप इन संतों से बात करिए तो इस महान आयोजन का पूरा श्रेय सीएम योगी को देते हैं।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और जम्मू से बड़ी संख्या में साधु संत महाकुम्भ पहुंचे हैं। उनका कहना है कि संगम किनारे हम जो राम नाम का जप कर रहे हैं, वो योगी महराज की कृपा से ही संभव हो पाया है। उन्होंने कहा, योगी देश के इकलौते ऐसे सीएम हैं, जो पूरे विश्व के संतों और सनातनियों के बारे में सोचते हैं। देशभर से महाकुंभ नगर में जुटे संतों ने जय श्री राम का उदघोष किया। वहीं संगम पर चारो तरफ हर हर गंगे, बम बम भोले गुंजायमान हो गया।
144 वर्ष बाद यह शुभ घड़ी आई
मध्य प्रदेश से आए स्वामी तन्मयनंद पुरी बाबा बताते हैं कि 144 वर्ष बाद यह शुभ घड़ी आई है, जिसके लिए योगी सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। संगम के किनारे रेत पर सुबह शाम साधु संत राम नाम का भजन कर पा रहे हैं।