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संतों ने की घोषणा चलेगी ‘ग्राम-ग्राम, राम-राम’ मुहिम

Thu, 23 Jan 2020 12:34 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के माघ मेला स्थित शिविर में बुधवार को हुई ’सन्त-भक्त संसद्’ में सन्तों ने ‘ग्राम-ग्राम, राम-राम’ मुहिम चलाने की घोषणा की। संतों ने शंकराचार्य जी द्वारा प्रस्तुत स्वर्णजटित बाल राम मन्दिर के निर्माण के विचार का स्वागत करते हुए इसके लिए पूरे देश में स्वर्णसंग्रह की मुहिम चलाने का ऐलान किया । शंकराचार्य स्वरूपानंद के मॉडल पर मंदिर निर्माण के लिए सोना संग्रह की शुरुआत भी हो गई। बड़ोदरा की गार्गी पंडित स्वर्णदान करने वाली पहली भक्त बन गईं। बुधवार की शाम तक तकरीबन दो हजार ग्राम सोना एकत्रित कर लिया गया।
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
मुहिम के तहत देश के  प्रत्येक गांव में एक दायित्वधारी संत को भेजा जाएगा, जो सभी रामभक्तों से राम-राम कहलवाएगा और प्रत्येक गांव से एक ग्राम सोना एकत्रित  करके प्रदेश के राममन्दिर रथ के सारथी को सौंपेगा। इसके बाद सारथी रथ के साथ  ’एक ग्राम (गांव) से एक ग्राम (वजन), सोना चला राम के काम’ का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ेगा। सोना एकत्रित करके हर प्रदेश से राममन्दिर रथ अपने सारथी के नेतृत्व में  प्रयाग के मनकामेश्वर मंदिर पहुंचेगा और फिर यहां से सभी अयोध्या के लिए रवाना होंगे। इस कार्य के लिए 37 प्रदेशों में राम मंदिर सारथी नियुक्त किए गए हैं।
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Shankaracharya Swaroopanand
सन्तों ने यह निर्णय भी लिया कि हिंदू समाज के प्रश्नों के समाधान खोजने के लिये शीर्ष धर्माचार्यों का निर्देश ही स्वीकार किया जाएगा। सनातनधर्मियों के सुप्रीम कोर्ट में चार शंकराचार्य, पांच वैष्णवाचार्य और तेरह अखाडे़ शामिल हैं। क्योंकि शीर्ष धर्माचार्यों को हाशिए पर करके स्वयं को आगे करना अशिष्टता है। संतों ने पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती के उस वक्तव्य का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने कहा कि धर्म के मामलों में शंकराचार्य का निर्णय सर्वोच्च है । स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती की अध्यक्षता में आयोजित संसद का संचालन श्रीमहंत श्रीभगवान ने किया। संसद में बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु मौजूद थे।
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