ज्ञान -भक्ति के प्रवाह के बीच सत्संग-भजनों की गूंज से संगम तट गुलजार हो गया है। मकर संक्रांति स्नान के बाद बृहस्पतिवार को साधु संतों के शिविरों में श्रीराम कथा, श्रीमद्भागवत, रासलीला मंचन के साथ ही सत्संग शुरू हो गए। कथाओं में प्रेम, शांति और मानवता का संदेश दिया गया।