पात्र होने के बावजूद हजारों श्रमिक एवं गरीब प्रदेश सरकार की एक हजार रुपये आर्थिक मदद की योजना से वंचित हैं। अलग-अलग विभागों के पोर्टल पर इनका पंजीकरण तो है, लेकिन आधार कार्ड या बैंक खाता संख्या ही लिंक नहीं है। जबकि, सहायता राशि पात्रों के सीधे खाते में जानी है। सरकारी विभाग तथा आवागमन के साधन बंद होने से मुश्किलें और बढ़ गईं हैं तथा पूरा अमला लगाए जाने के बाद भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है।
श्रम विभाग, नगर विकास विभाग में पंजीकृत तथा सक्रिय मनरेगा जॉब कार्डधारकों को एक-एक हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की गई है। इनके अलावा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, ठेलिया वालों, नाई, बढ़ई आदि को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। शहर में नगर निगम तथा गांवों में तहसील स्तर पर सर्वे कराके ऐसे पात्रों की सूची तैयार की जा रही है। इस योजना का लाभ करीब चार लाख लोगों को मिलने की बात कही जा रही है।