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राहत के लिए आधार कार्ड एवं खाता संख्या की बाधा

Thu, 09 Apr 2020 12:56 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
पात्र होने के बावजूद हजारों श्रमिक एवं गरीब प्रदेश सरकार की एक हजार रुपये आर्थिक मदद की योजना से वंचित हैं। अलग-अलग विभागों के पोर्टल पर इनका पंजीकरण तो है, लेकिन आधार कार्ड या बैंक खाता संख्या ही लिंक नहीं है। जबकि, सहायता राशि पात्रों के सीधे खाते में जानी है। सरकारी विभाग तथा आवागमन के साधन बंद होने से मुश्किलें और बढ़ गईं हैं तथा पूरा अमला लगाए जाने के बाद भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है।

श्रम विभाग, नगर विकास विभाग में पंजीकृत तथा सक्रिय मनरेगा जॉब कार्डधारकों को एक-एक हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की गई है। इनके अलावा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, ठेलिया वालों, नाई, बढ़ई आदि को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। शहर में नगर निगम तथा गांवों में तहसील स्तर पर सर्वे कराके ऐसे पात्रों की सूची तैयार की जा रही है। इस योजना का लाभ करीब चार लाख लोगों को मिलने की बात कही जा रही है।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
इसके विपरीत अभी तक 71 हजार पात्रों के खाते में ही एक-एक हजार रुपये पहुंचे हैं। इनमें से श्रम विभाग में पंजीकृत करीब 41 हजार श्रमिकों के खाते में राशि पहुंची है। नगर विकास विभाग में पंजीकृत करीब 30 हजार के खाते में राशि पहुंचाई गई है। अब भी ज्यादातर गरीब एवं मजदूर इस योजना से वंचित हैं। अफसरों के अनुसार इनमें ढाई लाख तो ऐसे हैं, जिनका कहीं पंजीकरण ही नहीं है, पंजीकृत हैं तो नवीनीकरण नहीं कराया है। इन्हें इस योजना के लाभ के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। 

इनके अलावा पंजीकृत श्रमिकों एवं गरीबों में से भी बड़ी संख्या ऐसे पात्रों की है, जिनके बैंक खाता या आधार लिंक नहीं हैं। अकेले श्रम विभाग में ही 18 हजार से अधिक पात्र श्रमिक हैं, जिनका बैंक खाता लिंक नहीं है। मंडल में यह संख्या 35 हजार से अधिक है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से कराए जा रहे सर्वे में भी बड़ी संख्या में पात्रों के पास आधार कार्ड नहीं है या उसमें गड़बड़ी है। अब नए सिरे से उनके आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं या संशोधन कराया जा रहा है।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj

बैंकों से ली जा रही मदद

जिनके खाते में केवाईसी संबंधित दिक्कत है या फिर आधार कार्ड में गड़बड़ी है, उन्हें दुरुस्त करने के लिए बैंकों से मदद ली जा रही है। एक अलग काउंटर पर पात्रों के डिटेल का मिलान किया जा रहा है, लेकिन कई मामलों में पात्र की उपस्थिति अनिवार्य है। ऐसे में आवागमन का साधन नहीं होने की वजह से अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही।

कैसे भेजें ऑनलाइन डिटेल

श्रम विभाग में पंजीकृत पात्रों से बैंक के डिटेल मोबाइल तथा मेल पर मांगे गए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में श्रमिक इस तकनीकी से अछूते हैं। उनके पास ई-मेल की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में वे दूसरों पर निर्भर हैं, लेकिन साइबर कैफे के साथ ज्यादातर ग्राहक सेवा केंद्र भी बंद हैं। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।

बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी से करें संपर्क

आधार कार्ड, बैंक खाता का डिटेल आदि जुटाने की जिम्मेदारी नगर पंचायतों में प्रशासनिक अफसरों तथा गांवों में बीडीओ को दी गई है। बीडीओ ग्राम विकास अधिकारियों की मदद से पात्रों का विवरण एकत्रित करेंगे। यह प्रक्रिया शुरू भी है। अफसरों का कहना है कि ग्रामीण इनसे संपर्क करके पात्रता के बारे में जानकारी प्राप्त करने के साथ डिटेल उपलब्ध करा सकते हैं।
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