प्रो. पीके साहू
- फोटो : Prayagraj
-डीन, विभागाध्यक्षों ने भी बैठक में दी अपनी सहमति
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में अब शनिवार को भी कक्षाएं चलेंगी। एक दिन के लिए विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति बने प्रो. पीके साहू ने छात्रहित में बुधवार को यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। छात्र लगातार मांग कर रहे थे कि सप्ताह में छह दिन कक्षाओं का संचालन किया जाए ताकि, कोर्स समय से पूरा हो सके। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू तो कर दिया गया है लेकिन, अगले सत्र में यह व्यवस्था बरकरार रहेगी, इस पर असमंजस है। इविवि में पांच दिन की कक्षाओं के संचालन की व्यवस्था पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने लागू की थी।
इविवि में बुधवार को मकर संक्रांति का अवकाश था लेकिन, प्रो. साहू सुबह दस बजे ही वीसी कार्यालय पहुंच गए और 10.30 बजे से सीनेट हॉल में पहले डीन और फिर विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। इसके बाद ऑटा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक से खाली होने के बाद कई शिक्षकों एवं कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और कुछ आदेश भी जारी किए।
कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीके साहू की अध्यक्षता में डीन और विभागाध्यक्षों की बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में मौजूदा सत्र से ही कक्षाओं का संचालन सप्ताह में छह दिन (सोमवार से शनिवार तक) होगा और कार्यालय भी छह दिन खुलेंगे। निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया और सोमवार को नया टाइम टेबल जारी करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थिति सभी डीन और विभागाध्यक्षों ने इस पर अपनी सहमति जताई। प्रो. साहू ने बताया कि अगले सप्ताह से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
एक दिन के कुलपति ने बदल दी व्यवस्था
-इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पांच दिन की कक्षाओं के संचालन का निर्णय पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के कार्यकाल में लिया गया था और एक दिन के लिए कुलपति प्रो. पीके साहू ने व्यवस्था में बदलाव कर दिया।
इविवि में प्रो. हांगलू ने अपनी ज्वाइनिंग के बाद 25 फरवरी 2016 को हुई कार्य परिषद की पहली बैठक में यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया था, जिसे कार्य परिषद ने अपनी मंजूरी दे दी थी। हालांकि इससे पहले पूर्व कुलपति प्रो. एके सिंह के कार्यकाल में भी कार्य परिषद में यह प्रस्ताव रखा गया था कि लेकिन, कार्य परिषद ने पांच दिन की कक्षाओं के संचालन के प्रस्ताव को इस तर्क के साथ खारिज कर दिया था कि इससे इविवि में शिक्षा का स्तर गिरेगा। पूर्व कुलपति प्रो. एके सिंह के समय कार्य परिषद के सदस्यों ने जो आशंका जताई थी, वह बाद में सही साबित हुई। इविवि में पांच दिन की कक्षाओं की व्यवस्था लागू से शिक्षा का स्तर लगातार गिरता गया और एनआईआरएफ रैंकिंग में इविवि पिछड़ता चला गया।
प्रो. पीके साहू के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
-पीएचडी मूल्यांकन के लिए परीक्षकों के नाम तय
एक दिन के कुलपति प्रो. पीके साहू ने कुलपति के विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए पीएचडी थीसिस मूल्यांकन के लिए परीक्षकों के नाम फाइनल कर दिए। उन्होंने बताया कि वैसे तो यह निर्णय एकेडमिक कौंसिल की बैठक में लिया जाता है लेकिन, कौंसिल की बैठक में देरी के कारण छात्र-छात्राओं को नुकसान हो रहा था, सो उन्होंने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए यह निर्णय लिया।
-छुट्टी से पहले बताना होगा कौन लेगा क्लास
कार्यवाहक कुलपति प्रो. साहू ने निर्देश जारी किए कि अगर कोई शिक्षक छुट्टी पर जाता है तो उसे इसकी पूर्व सूचना देनी होगी। साथ ही बताना होगा कि उसकी अनुपस्थिति में कक्षाओं का संचालन कैसे होगा, ताकि शिक्षक के छुट्टी पर जाने से विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान न हो। यह व्यवस्था अगले सत्र से लागू की जाएगी।
हांगलू के अमर्यादित शब्दों को रिकार्ड से हटाया
यात्रा के लिए शिक्षकों की ओर से ली गई एलटीसी को लेकर जो घपला हुआ था, उस मामले में पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने कार्रवाई के दौरान कुछ अमर्यादित टिप्पणियां की थीं। प्रो. साहू ने बताया कि उन्होंने रिकार्ड से शिक्षकों पर की गईं अमर्यादित टिप्पणियों को हटाने के आदेश दिए हैं।
-प्रोन्नति के लिए कमेटी गठन का निर्णय
कुलपति प्रो. पीके साहू से ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे एवं अन्य पदाधिकारियों ने मुलाकात की। ऑटा की ओर से मांग की गई कि कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत शिक्षकों की प्रोन्नति के लिए जल्द ही चयन समितियों की बैठक बुलाई जाए। इस पर प्रो. साहू ने चयन समितियों के गठन का निर्णय लिया और तत्काल समितियों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए।
-वेसाबइट पर जारी होगी वरिष्ठता सूची
प्रो. साहू ने निर्देश दिए हैं कि इविवि के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तत्काल तैयार की जाएगी और इसे विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा ताकि शिक्षकों की वरिष्ठता को लेकर कोई विवाद न रहे।
-रिसर्च डिग्री कमेटी की हर माह होगी बैठक
प्रो. साहू की अध्यक्षता में हुई डीन और विभागाध्यक्षों की बैठक में निर्णय लिया गया कि विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए रिसर्च डिग्री कमेटी की बैठ हर माह होगी। यह भी तय हुआ कि शुक्रवार को कमेटी की पहली बैठक होगी, ताकि वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके।
प्री पीएचडी कोर्स तत्काल शुरू करने के निर्देश
- कार्यवाहक कुलपति प्रो. साहू ने निर्देश दिए कि जिन विद्यार्थियों का प्रवेश पीएचडी में हो चुका है, उनका प्री पीएचडी कोर्स तत्काल शुरू कराया जाए।
शिक्षकों की सेवाएं जोड़ने की सिफारिश
- प्रो. पीके साहू ने शिक्षकों के हित एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अन्य विश्वविद्यालयों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आए शिक्षकों की पुरानी सेवाएं जोड़ने के लिए एक प्रस्ताव कार्य परिषद में रखने सिफारिश भी की। हालांकि यह नियम पहले से लागू है लेकिन इविवि में शिक्षकों को इसका फायदा लंबे समय से नहीं मिल रहा है।
पत्राचार संस्थान पर पुनर्विचार के लिए लिखा पत्र
- प्रो. पीके साहू इविवि के पत्राचार संस्थान के निदेशक भी रहे चुके हैं। पत्रचार संस्थान बंद होने के बाद वहां के कर्मचारियों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर कर्मचारियों ने प्रो. साहू से मुलाकात की और ज्ञापन दिया। प्रो. साहू ने पत्राचार संस्थान पर पुनर्विचार के लिए मंत्रालय को पत्र लिखा है।
छात्रसंघ पर बोले प्रो. साहू, ‘एक दिन में क्या करुंगा’
- छात्रों से ज्ञापन लेकर कहा, कार्य परिषद करेगी फैसला
सीनेट हॉल में डीन और विभागाध्यक्षों के साथ बैठक करने के बाद बाहर आने पर कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीके साहू को कुछ छात्र ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन के जरिये छात्रसंघ बहाली की गई मांग की गई। इस पर प्रो. साहू बोले, ‘यह ऐसा मुद्दा है कि इसमें एक दिन में क्या करुंगा। अगर दो दिन का वक्त मिलता तो कुछ सोचते। फिलहाल वह इस पर निर्णय लेने के लिए छात्रों का ज्ञापन को कार्य परिषद को अग्रसारित देंगे।’ छात्रों ने एक दिन के कुलपति को फूल देकर उनका स्वागत किया।
छात्रों ने छह दिन कक्षाओं के संचालन की मांग की, जो कुछ देर पहले ही पूरी हो चुकी थी। इसके पिछले कुछ वर्षों में निलंबित किए गए छात्रों का निलंबन रद्द करने और छात्रावास की बढ़ी फीस वापस लेने की मांग की गई। इस पर कुलपति बोले कि यह निर्णय भी एकेडमिक कौंसिल और कार्य परिषद में ही लिया जा सकता है।