फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : मौत से पहले किसके आने का था महंत को इंतजार, कहीं पीछे के रास्ते से मौत बनकर तो नहीं आया मुलाकाती

Tue, 28 Sep 2021 02:28 AM IST
विनोद सिंह अनूप ओझा, प्रयागराज

सार

बाघंबरी मठ में घटना वाले दिन किसी की राह देख रहे थे महंत नरेंद्र गिरि। इसके बाद ही उनका शव पंखे के सहारे लटकता दिखा। सीबीआई कई बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। इस मामले में सेवादारों और शिष्यों से आज भी कई घंटे पूछताछ हुई।
विज्ञापन
Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत प्रकरण। - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन
बाघंबरी गद्दी मठ में महंत नरेंद्र गिरि की मौत किसी मुलाकाती के रूप में तो नहीं आई? इस रहस्यमय घटना के पीछे यह बड़ा सवाल उभरकर सामने आया है। मौत से पहले महंत नरेंद्र गिरि एक आगंतुक की राह देख रहे थे। उनको किसी के आने का बेसब्री से इंतजार था।

उसी व्यक्ति से मिलने के लिए वह पहली मंजिल के अपने निजी कक्ष से उतर कर नीचे आगंतुक कक्ष में पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। वह मुलाकाती कौन था? कब और किधर से मठ में आया? अब इस राज को खोलना चुनौती बन गया है।
विज्ञापन

2 of 6
Prayagraj News : मठ बाघंबरी गद्दी। - फोटो : प्रयागराज
सीबीआई की एफआईआर में महंत नरेंद्र गिरि की संदेहास्पद मौत 20 सितंबर को दिन में12:30 से शाम पांच बजे के बीच किसी समय हुई। मठ से उनके कक्ष के आखिरी सीसीटीवी फुटेज में वह दिन के      12: 24 बजे सीढ़ियों से उतरते दिखाई दिए थे। शाम पांच बजे के बाद दरवाजा तोड़कर महंत के गले में कसी नायलॉन की रस्सी का फंदा काटकर शव नीचे उतारने का दावा करने वाले मठ के मुंशी सर्वेश तिवारी उर्फ बब्लू से उस दिन महंत की आखिरी बात दिन में करीब एक बजे फोन पर हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 6
Prayagraj News : बाघंबरी गद्दी मठ में छानबीन करने पहुंची सीबीआई टीम। - फोटो : प्रयागराज
यानी आगंतुक कक्ष में उस समय तक महंत जिंदा थे। बब्बू की मानें तो दोपहर करीब 12:15 बजे खाना खाने के बाद ही महंत आगंतुक कक्ष में किसी से मुलाकात के लिए नीचे आए थे। इसके बाद ऊपर नहीं गए। तब उन्होंने बब्लू और अन्य करीबी सेवादारों को बताया था कि कोई मिलने के लिए आने वाला है, तुम लोग आसपास ही रहना। लेकिन, इसके बाद के घटनाक्रम की किसी को भी जानकारी नहीं है। 

मठ में प्रवेश करने के लिए मुख्य द्वार के अलावा एक रास्ता महाविद्यालय की तरफ से भी आता है। कहीं मुलाकाती और उसके साथ के लोग पीछे के रास्ते से मौत बनकर तो मठ में नहीं आए? सवाल उठता है कि महंत के कमरे में वह शख्स कब और किधर से पहुंचा, उस पर वहां आसपास महंत की ओर से पहले से निगरानी में लगाए गए सेवादारों की नजर क्यों नहीं पड़ी।

4 of 6
Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम। - फोटो : प्रयागराज
दोपहर में जब महंत की मुंशी के फोन पर बात हुई, उसके बाद से शाम तक उनके कमरे से सेवादार और कर्मी क्यों दूर रहे। अचानक शाम पांच बजे ही क्यों उस कक्ष में चाय पहुंचाने की जरूरत महसूस की गई। महंत की मौत को आत्महत्या में तब्दील करने का यह बहाना तो नहीं था? चार घंटे के इस लंबे अंतराल के बाद दरवाजा तोड़कर बिना पुलिस की मौजूदगी के रस्सी गले से काटकर शव को नीचे उतारने की कहानी किसी के गले नहीं उतर रही है। 
विज्ञापन

5 of 6
Prayagraj News : महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच करने मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई की टीम। - फोटो : प्रयागराज
बिजली जाने पर महंत ने की थी बात
प्रयागराज। गले की रस्सी काटकर शव उतारने का दावा करने वाले मठ के मुंशी से महंत नरेंद्र गिरि की आखिरी बात बिजली के मुद्दे पर हुई थी। तब उन्होंने खुद फोन कर उससे मठ की लाइट के बारे में पूछा था। महंत ने जानना चाहा था कि लाइट आ गई है या नहीं। इसलिए कि उस दिन 12:16 से 12:58 बजे तक मठ में बिजली नहीं थी। बब्लू के मुताबिक उसने महंत को बताया था कि महाराज  बिजली आ गई है। 
विज्ञापन

6 of 6
Prayagraj News : सीबीआई टीम ने मठ बाघंबरी गद्दी में पहुंचकर छानबीन की। - फोटो : प्रयागराज
आखिर किसने दी मुलाकाती के आने की सूचना
मौत के दिन महंत से मिलने के लिए आने वाले के बारे में एक और कहानी सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि इस मुलाकाती के आने की सूचना मठ के ही किसी करीबी ने उनको दी थी, जिससे महंत मिलना चाहते थे। उस मुलाकाती के आने की झूठी सूचना देकर महंत को उस कमरे तक लाए जाने की भी चर्चा है।
विज्ञापन
Next