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Prayagraj Weather : दिन में कड़क धूप व शाम को छाए बादल, रात में आंधी के साथ उड़ी बिजली

Wed, 08 Apr 2026 12:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj News :  प्रयागराज और आसपास के जनपदों में बेमौसम बारिश से परेशानी बढ़ गई है। एक तरह जहां गली-मोहल्लों में पानी भर गया और मच्छरों की भरमार हो गई है वहीं ग्रामीण अंचलों में बारिश का सीधा असर गेहूं की खड़ी फसल पर पड़ रहा है। बारिश के चलते दानों के खराब होने की आशंका  बढ़ गई है। इसको लेकर किसान  चिंतित हैं। 
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कोरांव। बारिश व ओले गिरने से नष्ट फसलों का अवलोकन करते विधायक व राजस्व टीम। - फोटो : संवाद

दिन में तेज धूप के बाद मंगलवार की शाम आसमान पर बादलों का डेरा हो गया गया। गरज-चमक के साथ बादल झूमकर बरसे। इससे पहले तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली, जिससे अधिकांश इलाकों की बिजली गुल हो गई। वहीं, आंधी-पानी से गेहूं की तैयार फसल खेतों में गिर गई। रात में रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। खलिहानों में पड़े गेहूं के बोझ भी भीग गए। नुकसान की आशंका से किसान चिंतित हैं। बुधवार को भी भोर से ही बादल छाए रहे। सुबह साढ़े नौ बजे शहर समेत कई ग्रामीण अंचलों में तेज बारिश हुई। इसके बाद दिन भर बादलों की लुकाछिपी का खेल चलता रहा।

मंगलवार शाम से बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से रात में धूल भरी आंधी आई और इसके थोड़ी देर बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जिससे गर्मी से फौरी राहत मिली। हालांकि, कई मोहल्लों में बिजली के तार टूटने और शाॅर्ट सर्किट से जंपर उड़ने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे परेशानी हुई। शहर के सिविल लाइंस, लीडर रोड, अतरसुइया, मीरापुर, शास्त्रीनगर, दारागंज, सोहबतियाबाग, कीडगंज, मुट्ठीगंज, चौक, कल्याणी देवी, करेली समेत कई इलाकों में बिजली गुल रही। शहर ही नहीं नैनी, झूंसी और फाफामऊ सहित ग्रामीण अंचलों में भी आंधी और पानी का कहर बरपा।

सोरांव के हरिसेनगंज, ददौली और मऊआइमा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सिर्फ 25 से 30 फीसदी किसानों ने ही गेहूं की कटाई-मड़ाई कर उपज सुरक्षित की है। अचानक बदला मौसम उन किसानों के लिए किसी आफत से कम नहीं है, जिनकी फसल खेतों में खड़ी है। भीरपुर, करछना, मेजा, कोरांव, मांडा समेत अन्य इलाकों में आंधी-बारिश किसानों के लिए परेशानी लेकर आई। मौसम वैज्ञानिक इविवि के शैलेंद्र राय के मुताबिक आठ अप्रैल तक हवाओं की गति तेज रहेगी। आंधी ही नहीं, गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस दौरान पहले तापमान गिरेगा फिर अचानक बढ़ भी सकता है। फसलों को नुकसान हो सकता है, लेकिन लोगों को गर्मी से राहत भी मिलेगी।

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आम के टिकोरे गिरे, बीनते रहे बच्चे

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प्रयागराज शहर में तेज आधी तूफान के चलते बिजली गुल रही। - फोटो : अमर उजाला।
बेमौसम बारिश और धूल भरी आंधी से सर्वाधिक नुकसान गेहूं और आम की फसल को हुआ है। किसानों के मुताबिक गेहूं खेतों में पड़ा भीग रहा है। वहीं, आम की बौर अब टिकोरों (अमिया) में बदल गई है। उम्मीद थी कि आम खूब खाने को मिलेगा, लेकिन आंधी से आम के टिकोरे बहुतायत में गिर गए हैं। आंधी का प्रकोप कम हुआ तो गांवों में किसानों के बच्चे बाग में अमिया बीनते रहे। सिविल लाइंस के कई बंगलों में भी गिरे आम के टिकोरों को उठाने की होड़ मची रही।
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आंधी से बिजली आपूर्ति चरमराई, कई इलाकों में घंटों गुल रही बत्ती

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प्रयागराज शहर में तेज आधी तूफान के चलते बिजली गुल रही। - फोटो : अमर उजाला
धूल भरी आंधी और बारिश की वजह से मंगलवार की रात शहर की बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई। कई प्रमुख इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बाधित रही जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में बारिश रुकने के बाद भी बिजली गुल रही। जिन मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बहाल हुई वहां आती-जाती रही। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि लोकल फॉल्ट की वजह से दिक्कत हुई जिसे सामान्य कर आपूर्ति क्रमश: बहाल कर दी गई है।

रामबाग उपकेंद्र से जुड़े रामबाग, गऊघाट, कीडगंज, फोर्ट रोड, नैनी, झूंसी, कल्याणी देवी, करेलाबाग, करेली, खुसरोबाग, सिविल लाइंस, म्योहल, टैगोर टाउन और तेलियरगंज सहित कई क्षेत्रों में 33 केवी लाइन बंद होने के कारण लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं राजरूपपुर, झलवा, सुलेमसराय, बमरौली, टीपी नगर और मुंडेरा जैसे इलाकों में भी घंटों बत्ती गुल रही। बताया गया कि रामबाग उपकेंद्र के 33 केवी मिनी पार्क फीडर में ट्रिपिंग से पूरे इलाके की बिजली अचानक गुल हो गई। सूचना पर पहुंची विभागीय टीम ने फॉल्ट को ठीक कर आपूर्ति बहाल की।

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तेज आंधी पानी के चलते गेहूं की फसल गिर गई है। - फोटो : अमर उजाला।
गेहूं का दाना पड़ने लगा काला, एक बीघा में दो क्विंटल तक सिमटी गेहूं की फसल

आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बारिश की वजह से बार-बार गेहूं की फसल भीगने से दाना भी अब काला पड़ने लगा है। एक बीघे में पांच से छह क्विंटल निकलने वाला गेहूं आधा से कम होकर दो क्विंटल तक सिमटता नजर आ रहा है।

गंगापार के किसान अनिल, जयचंद्र और धमेंद्र यादव ने बताया कि खेतों में उनकी गेहूं की फसल कटी है। उसमें बारिश से भीगने की वजह से दीमक लग रही है। बार-बार फसल भीगने से गेहूं का दाना भी काला पड़ने लगा है। आंधी से चने की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों ने बताया कि उनकी चने की फसल खेतों में पड़ी थी, तेज आंधी से उड़ गई।

इस माह आठ से 10 दिन मौसम खराब रहेगा। बेहतर है कि किसान अपनी फसल को बचाने का उपाय कर लें। आंधी और बारिश आने वाले दिनों में फिर हो सकती है। -डॉ.रमेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक
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प्रयागराज में तेज आंधी पानी के कारण गेहूं की फसल बर्बाद हो रही हैष। - फोटो : अमर उजाला।
आंधी और बूंदाबांदी ने बढाई किसानों की मुश्किलें

आए दिन मौसम की बेरुखी से किसानों की मुश्किल कम होने का नाम नही ले रही है। मंगलवार को देर शाम एक बार फिर आंधी व बूंदाबांदी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोरांव तहसील के हरिसेनगंज, ददौली और मऊआइमा सहित अन्य क्षेत्रों के साथ भीरपुर, करछना, मेजा, मांडा आदि क्षेत्रों में आंधी और बेमौसम की बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सुबह के समय मौसम सामान्य था, जिससे किसान खेतों में गेहूं की कटाई-मड़ाई में जुटे थे। शाम को आंधी और बारिश शुरू हो गई। बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी तथा कटी हुई फसल भीग गई। कई जगह गेहूं की बालियां खेतों में ही गिर गईं। वहीं, खुले में रखे अनाज भी भीगकर खराब होने लगे। 
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