प्रतीकात्मक तस्वीर
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कई कंपनियों के पास जो पुराना स्टॉक था, उसकी प्रोसेसिंग ( पत्ती से दाना बनाने की प्रक्रिया) कर जैसे तैसे लॉक डाउनपार्ट वन एवं पार्ट टू में काम चलाया, लेकिन पार्ट थ्री के अंत तक चाय के दाम उसकी प्रोसेसिंग करने वालों को बढ़ाने पड़े। महारानी चाय प्रयागराज के श्याम बंसल बताते हैं कि चाय बगान से आने वाला कच्चा माल कम आ रहा है।
यह कारोबार वर्तमान समय खराब दौर से गुजर रहा है। बागानों में सही समय पर तुड़ाई न होने से फसल खराब हो चुकी है। 50 फीसदी कर्मचारियों की बाध्यता से प्रोसेसिंग में भी तेजी नहीं आ पा रही है। उत्पादन कम होने की वजह से अलग-अलग क्वालिटी की चाय में 50 से 100 रुपये किलो तक की बढ़ोत्तरी हुई है।