फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: बड़े हनुमान मंदिर के द्वार पर पहुंचीं गंगा, कछार में घुसा पानी

Sat, 29 Aug 2020 03:21 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 6
prayagraj news - फोटो : prayagraj
स्नान घाटों समेत आरती स्थलों के डूबने के बाद शुक्रवार की शाम गंगा-यमुना के तटवर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया। कछारी इलाके बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। गंगा बड़े हनुमान के द्वार तक पहुंच गईं। इसी के साथ कछारी इलाके की बस्तियों से लोग गृहस्थी समेट कर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। नगवासुकि से पचासों परिवारों ने परेड में शरण ले ली।  
 
विज्ञापन

2 of 6
prayagraj news - फोटो : prayagraj
उधर, हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बांधों से शुक्रवार को भी गंगा में 4.39 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। पानी बढ़ने से गंगा आरती अब ऊपर होने लगी है। जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से शाम तक संगम क्षेत्र पूरी तरह खाली कर दिया गया। तीर्थ पुरोहितों की चौकियां बेनी बांध, हनुमान मंदिर मार्ग, त्रिवेणी मार्ग के अलावा परेड मैदान में देर रात तक लगाई जाती रहीं।
विज्ञापन

3 of 6
prayagraj news - फोटो : prayagraj
वीआईपी घाट, रामघाट, दशाश्वमेध घाट पूरी तरह डूब गया। शाम को किला के सामने नावें चलने लगी। अलावा नागवासुकी व बेनी बांध के आसपास रहने वाले सैकड़ों गरीबों ने सामान समेट कर परेड में अपना ठिकाना बना लिया। वहीं बांधों से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

4 of 6
prayagraj news - फोटो : prayagraj
सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के मुताबिक शुक्रवार की शाम छह बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.12 मीटर और छतनाग में 79.07 मीटर रिकार्ड किया गया। नैनी में यमुना का जल स्तर 79.67 मीटर रिकार्ड किया गया। उधर, बांधों से भी गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन

5 of 6
prayagraj news - फोटो : prayagraj
शुक्रवार को हरिद्वार से 74,782 हजार क्यूसेक, नरोरा से 90,858 क्यूसेक और कानपुर से 2.73 लाख, 981 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इसी के साथ कछारी बस्तियों की ओर जल दबाव बढ़ने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
prayagraj news - फोटो : prayagraj
इससे दारागंज, नाग वासुकि, बघाड़ा, छोटा बघाड़ा, चांदपुर सलोरी, रसूलाबाद घाट, गंगा नगर, बेली, राजापुर क्षेत्रों के गंगा की बाढ़ से प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें