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Prayagraj News: गंगा-यमुना में उफान, चार स्लूज गेट बंद

Fri, 28 Aug 2020 03:33 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
रात को स्थिर गंगा-यमुना के जलस्तर में बृहस्पतिवार की सुबह फिर तेज रफ्तार से वृद्धि शुरू हो गई। देर रात बख्शी बांध और सलोरी के चार स्लूज गेट बंद कर दिए गए। तीन दिन पहले बांधों से छोड़ा गया पानी यहां पहुंचने के साथ ही बारिश की वजह से जलस्तर में तीन सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार वृद्धि होने के बाद सिंचाइ बाढ़ खंड ने यह कदम उठाया।

 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
उधर, हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बांधों से इस दिन भी गंगा में 4.31 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। इससे घाटों के ऊपर जलदबाव बढ़ने लगा है। कई इलाकों में कटान भी तेजी से होने लगी है। फिलहाल फाफामऊ में गंगा खतरे के निशान से चार मीटर और नैनी में यमुना पांच मीटर नीचे बह रही है।
 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
गंगा-यमुना के जलस्तर में तेज वृद्धि से तटवर्ती इलाकों में लोगों की नींद उड़ गई है। रात गंगा में तीन और यमुना में चार सेंमी प्रतिघंटा का इजाफा होने की जानकारी मिलने के बाद एक्सईएन बाढ़ खंड ब्रजेश सिंह के निर्देशन में बख्शीबांध और सलोरी में लगे चार स्लूज गेट बंद कर दिए गए।

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prayagraj news - फोटो : prayagraj
तीर्थपुरोहितों के अलावा फेरी वालों और फूलमाला कारोबारियों ने अपना समान फिर समेट लिया। पानी बढ़ने के साथ ही जिंदगियां अब ऊपर की ओर खिसकने लगी हैं। सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.94 मीटर रिकार्ड किया गया।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
जबकि छतनाग में गंगा 78.66 मीटर पर पहुंच गईं। इसी तरह नैनी में यमुना का जल स्तर 79.32 मीटर रिकार्ड किया गया। उधर, बांधों से फिर चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से गंगा में जलदबाव और बढ़ने की आशंका है।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
इस दिन हरिद्वार से 71,400 क्यूसेक, नरोरा से 90,858 क्यूसेक और कानपुर से 2.68 लाख, 961 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। अभियंताओं के मुताबिक जिस तरह गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे जल्द ही कछारी इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने की आशंका बन गई है।
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