प्रयागराज में वैश्य परिवार के चार लोगों की हत्या सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों की संपत्ति का हकदार कौन होगा? करीब 15 साल पहले छोटे बेटे को संपत्ति से बेदखल किया जा चुका है। इसके बाद अश्विनी परिवार से अलग रहने लगा।
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Prayagraj mass murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
प्रयागराज में वैश्य परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद एक सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। कारोबारी वीरेंद्र, उनकी पत्नी अनीता, बेटे अभिषेक और बेटी मीनाक्षी की हत्या के बाद करोड़ों रुपये की संपत्ति का वास्तविक उत्तराधिकारी कौन होगा? स्थानीय लोगों के अनुसार, वीरेंद्र ने अपने दोनों बेटों को अलग-अलग समय पर संपत्ति से बेदखल कर दिया था। बड़े बेटे अश्विनी वैश्य ने करीब 15 वर्ष पहले परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह कर लिया था। इससे नाराज होकर वीरेंद्र ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद अश्विनी परिवार से अलग रहने लगा। वहीं, वर्ष 2022 में वीरेंद्र ने अपने दूसरे बेटे अभिषेक को भी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि पिता-पुत्र के बीच संपत्ति और आर्थिक मामलों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
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प्रयागराज में कारोबारी का घर और दुकानें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जवाब अभी स्पष्ट नहीं... परिवार का इकलौता जीवित
सदस्य अश्विनी वैश्य है, जो वर्तमान में कौशाम्बी जेल में बंद है। इसी वजह से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या वह संपत्ति का वारिस होगा? या फिर बेदखली के दस्तावेज उसके अधिकारों को प्रभावित करेंगे। चर्चा है कि संपत्ति के उत्तराधिकार का प्रश्न भविष्य में राजस्व और दीवानी अदालतों के समक्ष भी पहुंच सकता है। इसलिए करोड़ों रुपये की संपत्ति का वास्तविक मालिक कौन होगा, इसका जवाब अभी स्पष्ट नहीं है।
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प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, मौके पर जमा भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेदखली का मतलब उत्तराधिकार खत्म होना नहीं: अधिवक्ता
अधिवक्ता प्रणेश मिश्रा ने बताया कि किसी व्यक्ति के बेटे या बेटी को संपत्ति से बेदखल करने की सार्वजनिक घोषणा और वैधानिक उत्तराधिकार दो अलग-अलग विषय हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति स्वयं अर्जित है या पैतृक है।
बेदखली किस कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई थी। यदि वीरेंद्र वैश्य ने अपनी स्वयं अर्जित संपत्ति के संबंध में विधिवत वसीयत बनाई है, तो संपत्ति का बंटवारा वसीयत के अनुसार हो सकता है। यदि कोई वैध वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकार के नियम लागू होंगे। जीवित कानूनी वारिसों के अधिकारों पर विचार किया जाएगा।
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प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, शवों को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्याकांड के दूसरे दिन भी नहीं थमी चर्चा, सील मकान के बाहर जुटते रहे लोग
साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की सनसनीखेज वारदात का असर दूसरे दिन भी पूरे इलाके में देखने को मिला। बुधवार को भी घटनास्थल के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही। सील किए गए मकान और बंद दुकानों को देखने के लिए आसपास के लोग पहुंचते रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा करते रहे। पुलिस की निगरानी भी दिनभर बनी रही।
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अभिषेक की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मकान के बाहर लोगों के छोटे-छोटे समूह खड़े दिखाई दिए। घटनास्थल के आसपास बुधवार को भी हल्की दुर्गंध महसूस की जा रही थी। कई लोग नाक पर रुमाल रखकर वहां से गुजरते दिखाई दिए। चौराहे से गुजरने वाले राहगीर भी कुछ देर रुककर घटना की जानकारी लेते रहे।
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सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
जिस व्यावसायिक कांप्लेक्स में चार सदस्यों की हत्या हुई, वह आम दिनों में बेहद व्यस्त रहता है। दो मंजिला इस भवन के भूतल पर चश्मे, खाद्य पदार्थ और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। ऊपरी मंजिल पर वैश्य परिवार का आवास था।
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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद गेट पर लगा ताला
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को भवन के नीचे स्थित सभी दुकानें बंद रहीं। पूरे परिसर में असामान्य सन्नाटा पसरा रहा। केवल पुलिसकर्मी और घटना की जानकारी लेने पहुंचे लोग ही नजर आए। पुलिस ने मकान के मुख्य प्रवेश द्वार को सील कर दिया है। किसी भी व्यक्ति को परिसर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद सन्नाटा पसरा दिखा
- फोटो : अमर उजाला
जेल में बंद बेटे की गैरमौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
हत्याकांड में जान गंवाने वाले कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटे अभिषेक और बेटी मीनाक्षी के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी रिश्तेदारों ने संभाली। परिवार का छोटा बेटा अश्विनी जेल में बंद है। दूसरे बेटे अभिषेक की हत्या हो चुकी है। बेटे की गैरमौजूदगी में दारागंज घाट पर विद्युत शवदाह गृह में माता-पिता और भाई-बहन का अंतिम संस्कार हुआ।
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प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें मंगलवार देर शाम मिली। इसके बाद वे तत्काल प्रयागराज के लिए रवाना हुए। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने वालों में अनीता वैश्य के कौशाम्बी मंझनपुर निवासी भाई प्रेमचंद्र केसरवानी, महेश केसरवानी, पंकज कुमार उर्फ बबलू, संजय कुमार और वीरेंद्र के भतीजे गौरव, चचेरे भाई अशोक और जानसेनगंज निवासी राजेश और गोपीगंज निवासी प्रवीण शामिल थे।
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प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, मौके पर जमा भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिश्तेदारों ने बताया कि अनीता वैश्य का मायका कौशाम्बी के मंझनपुर में है। हालांकि, पिछले कई साल से वीरेंद्र और उनके परिवार का रिश्तेदारों से बहुत अधिक मेलजोल नहीं था। बुधवार देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने चारों शव रिश्तेदारों को सौंप दिए। रात करीब 8:30 बजे एंबुलेंस के जरिये शवों को दारागंज घाट ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। घाट पर रिश्तेदारों की आंखें नम थीं।
प्रयागराज में कारोबारी, उनकी पत्नी, बेटा व बेटी की सिर कूंचकर हत्या, मौके पर पुलिस और जमा भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कारोबारी की हत्या से फूटा गुस्सा, शोकसभा में सुरक्षा पर उठे सवाल
साउथ मलाका में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य समेत परिवार के चार सदस्यों की निर्मम हत्या के विरोध में व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के मुट्ठीगंज स्थित कार्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया। अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी ने सामूहिक हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की। साथ ही मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस जघन्य हत्याकांड से पूरे शहर का व्यापारी समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।