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Prayagraj Flood Update : तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, बड़े हनुमानजी कभी भी कर सकते हैं अमृत स्नान

Wed, 19 Aug 2026 01:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Prayagraj Flood Update: प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार सुबह आठ बजे तक गंगा 79.30 मीटर और यमुना 73.35 मीटर पर पहुंच गईं। संगम तट पर स्थित बड़े हनुमानजी मंदिर के पास पानी पहुंचने से अब अमृत स्नान का इंतजार बढ़ गया है। जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो मां गंगा कभी भी बड़े हनुमानजी को स्नान करा सकती हैं।

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हनुमान मंदिर कॉरिडोर के पास पहुंचीं मां गंगा। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार 19 अगस्त को सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर करीब 79.30 मीटर और यमुना का जलस्तर 73.35 मीटर पर है। दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। स्थिति यह है कि पानी संगम तट पर स्थित श्री बड़े हनुमान जी के मंदिर के पास पहुंच गया है। नदियों के वृद्धि की रफ्तार इसी तरह रही तो मां गंगा कभी भी हनुमानजी को स्नान करा सकती हैं। लगातार बारिश और जलस्तर में वृद्धि से रिहायशी इलाकों में मुश्किलें बढ़ गई हैं।




गंगा नगर, करेली और राजापुर के निचले इलाकों में स्थित कॉलोनियों में पानी भर गया है। लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने भी कमर कस ली है। नदियों का पानी बढ़ने के साथ गंगा-यमुना किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। घाटों की सीढ़ियां डूबने, तटवर्ती रास्तों पर पानी पहुंचने और निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित होने का खतरा मंडराने लगा है। संगम क्षेत्र, दारागंज, सलोरी, फाफामऊ, नैनी समेत नदी किनारे के इलाकों में लोगों की निगाहें अब लगातार जलस्तर पर टिकी हैं।
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हनुमान मंदिर कॉरिडोर के पास तक पहुंचीं गंगा। - फोटो : अमर उजाला।
चार घंटे में भी जारी रहा बढ़ाव

मंगलवार दोपहर 12 से शाम चार बजे के बीच नैनी में 17 सेंटीमीटर, फाफामऊ में चार सेंटीमीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर छह सेंटीमीटर पानी बढ़ा। शाम चार से रात आठ बजे के बीच नैनी में एक, फाफामऊ में चार और छतनाग में चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, एसटीपी बक्शी बांध पर इस दौरान जलस्तर 10 सेंटीमीटर घट गया।
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प्रयागराज में बारिश के बाद रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया है। - फोटो : अमर उजाला।
खतरे के निशान से अभी नीचे 

प्रयागराज में बाढ़ का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। फिलहाल गंगा और यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने पर जलस्तर में और तेजी आने की आशंका है।

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प्रयागराज में भारी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गई हैं। - फोटो : अमर उजाला।
हनुमान मंदिर में प्रवेश कर सकती हैं गंगा

जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार इसी तरह से जारी रही तो संगम तट पर स्थित श्री बड़े (लेटे) हनुमान मंदिर में गंगा जी कभी भी प्रवेश कर सकती हैं। बाढ़ का पानी मंदिर के पास सड़क तक पहुंच गया है। वर्ष 2025 में सावन में मां गंगा ने पांच बार हनुमानजी को अमृत स्नान कराया था। यही स्थिति इस बार भी देखने को मिल सकती है। 
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प्रयागराज में भारी बारिश के बाद हालात बेकाबू। - फोटो : अमर उजाला।

प्रयागराज बना वॉटर पार्क... सोशल मीडिया में खूब बरसे तंज

बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में हुए जलभराव और अव्यवस्था के प्रति सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों का गुस्सा फूटा। किसी ने कहा, ‘प्रयागराज वाटर पार्क बन गया है’ तो किसी ने राज्य व केंद्र सरकार के साथ प्रयागराज में भाजपा के महापौर का जिक्र करते हुए लिखा, ‘यह देखिए ट्रिपल इंजन की सरकार का कारनामा।’

लोगों की परेशानी के बीच जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन पोस्ट में लोग व्यवस्था पर सवाल उठाने के साथ तंज भी कस रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री व सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये प्रयागराज के विकास कार्यों पर सवाल उठाए। उन्होंने महाकुंभ के नाम पर हुए बड़े खर्च और शहर के स्मार्ट विकास का जिक्र करते हुए प्रयागराज का नाम ‘जलराजन नगर’ रखने की बात कही।

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प्रयागराज में भारी बारिश के चलते सड़क पर भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।

पूर्व महापौर अभिलाषा ने भी कसा तंज

पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने जलभराव की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘ऐसे तो हालात ना थे कभी जैसे ये नजारे हैं।’ उनकी इस पोस्ट पर भी लोगों ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर प्रतिक्रियाएं दीं। फेसबुक यूजर अभिनव द्विवेदी ने सीएमपी डिग्री कॉलेज परिसर का वीडियो साझा किया जिसमें कॉलेज के अंदर पानी भरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए इसे ‘हर क्लास में जल योजना’ बताया। कहा कि जब पूरे प्रयागराज की व्यवस्था डगमगा रही है तो कॉलेज भी इससे अछूता नहीं है।

वहीं, साकिर साकिर के फेसबुक वीडियो में जलभराव को ‘नया वॉटर पार्क’ बताया गया। वीडियो में स्थानीय लोग पानी निकासी की समस्या दूर नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी देते नजर आए। लोगों ने बताया कि घरों में पानी घुसने से सामान खराब हो रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल इन तस्वीरों और वीडियो ने प्रयागराज की जलनिकासी व्यवस्था और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नई बहस छेड़ दी है।

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