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फरारी में भी पूर्व विधायक अशरफ ने बनाई करोड़ों की संपत्ति, पुलिस उसके करीबियों की तैयार कर रही सूची

Sun, 05 Jul 2020 08:34 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
एक लाख के इनामी पूर्व विधायक अशरफ ने फरारी के दौरान भी करोड़ों की संपत्ति बनाई। अब तक की पूछताछ और जांच में पता चला है करेली धूमनगंज से लेकर कौशाम्बी तक की कई बड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त में वह शामिल है। शामिल नहीं हुआ तो जमीनों के लेनदेन में बिल्डरों से वह गुंडा टैक्स वसूलता था। उसके कई ऐसे करीबियों के बारे में जानकारी मिली है, जिनके नाम अब तक सामने नहीं आए थे। अब सबकी संपत्तियों की जांच होगी। पुलिस ने संपत्तियों के बारे में जानकारी इकट्ठी करनी शुरू कर दी है।

तीन साल से फरार अशरफ को पुलिस ने शुक्रवार तड़के धूमनगंज के शिवाला से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि वह फरारी के दौरान भी करोड़ों की संपत्ति बनाता रहा। करेली, धूमनगंज, पुरामुफ्ती, करारी आदि इलाकों में जो भी बड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त या हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू होते, उसमें अशरफ का भी हिस्सा होता था।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
कई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में वह सीधे सीधे शामिल था। बिल्डर के साथ अशरफ का भी पैसा प्रोजेक्ट्स में लगा है। यह भी जानकारी मिली है कि अशरफ को कुछ सफेदपोश लगातार पैसा पहुंचा रहे थे। पुलिस अब उन सभी संपत्तियों की जांच में जुट गई है, जिनमें अशरफ का अप्रत्यक्ष रूप से पैसा लगा है। पुलिस अब सभी संपत्तियों की सूची बना रही है। पहले बिल्डरों और ठेकेदारों से पूछताछ की जाएगी।

उनकी कॉल डिटेल्स भी निकली जा रही है। पता चला है कि फरारी के दौरान अशरफ अक्सर अवैध बिजनेस के सिलसिले में यहां आता रहता था। अशरफ से संबंध रखने वालों के नाम जल्द ही अतीक गिरोह की सूची में शामिल किया जाएगा। हटवा में रहने वाले अशरफ के सालों और उसके रिश्तेदारों की संपत्ति की भी जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अशरफ और अतीक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। गिरोह से संबंध रखने वाले सभी लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। जिन लोगों ने अशरफ और अतीक के नाम पर संपत्ति बनाई है, सब के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दिनेश सिंह, एसपी सिटी 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj

अशरफ दूसरों के सेल फोन से करता था बात

प्रयागराज। फरारी के दौरान अशरफ ने इस बार काफी सतर्कता बरती थी। पुलिस ने 2011 में उसे मोबाइल के प्रयोग के कारण ही पकड़ा था। इस कारण अशरफ इस बार मोबाइल का प्रयोग नहीं करता था। उसने तीन साल दूसरों के मोबाइल से लोगों से बात की। पुलिस ने उसके कई रिश्तेदारों और करीबियों के नंबर सर्विलांस पर लगाए थे। लेकिन, पुलिस अशरफ के नंबर का पता नहीं कर पाई थी।

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Ateeq Ahmed
पुलिस की पूछताछ में अधिकारी उससे मोबाइल के बारे में पूछ रहे थे। उसने साफ-साफ बताया कि मोबाइल का प्रयोग करने से वह पिछले बार पकड़ा गया था। इसी कारण उसने इस बार मोबाइल का प्रयोग ही नहीं किया। मुंबई और हरियाणा में रहने के दौरान वह जहां जाता था, वही के लोगों से मोबाइल लेकर अपने करीबियों और रिश्तेदारों से संपर्क में रहता था।

एक बार मोबाइल का प्रयोग करने के बाद वह महीनों तक उस व्यक्ति के पास नहीं जाता था। इस दौरान उसने लगातार अपना ठिकाना भी बदला। मुख्य रूप से वह मुंबई और हरियाणा में ही रहा लेकिन अलीगढ़ और मेरठ में रहने वाले अपने करीबी रिश्तेदारों के घर भी वह अक्सर आता जाता रहता था। बातचीत के लिए व रिश्तेदारों का मोबाइल ही प्रयोग करता था। अवैध बिजनेस और धंधों के लिए वह एक-दो दिन के लिए मोबाइल और सिम लेता था। बात करके मोबाइल और सिम तोड़ देता था।
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पुलिस ने पूर्व सपा विधायक खालिद अजीम को गिरफ्तार किया - फोटो : अमर उजाला

करीबी हुए भूमिगत, तलाश में जुटी पुलिस

अशरफ के तमाम करीबी भूमिगत हो गए हैं। अशरफ के पकड़े जाने के बाद बाद ही पुलिस उसके करीबियों और बिजनेस पार्टनरों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। पुलिस की नजर उन तमाम संपत्तियों और जमीनों पर है जिसे गुंडई और दहशत के बल पर खरीदा गया था। पता चला है कि कई लोगों ने डर के मारे रिपोर्ट ही नहीं दर्ज कराई थी।

ओने पौने दामों पर उनकी जमीनों को हथिया लिया गया था। अब सब मामले खोले जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक चकिया, धूमनगंज, हटवा, हरवारा मरियाडीह, बमरौली आदि इलाकों में रहने वाले उसके तमाम करीबी फरार हो गए हैं। इनमें से कई के खिलाफ पुलिस ने पहले ही कार्रवाई की थी। लेकिन अब उन्हें दोबारा कार्रवाई का डर सता रहा है।
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