प्रयागराज के हंडिया में सड़क हादसे के बाद कार के परखचे उड़ गए।
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अनाथ हो गए दिनेश और कविता के बच्चे
श्याम लाल अग्रहरि के तीसरे बेटे दिनेश अग्रहरि की तीन साल पहले ही मौत हो गई थी। पत्नी कविता ही शायली (14), गुड़िया (12), काजल (10) और शेष (5) को संभाल रही थी। ओजस के मुंडन समारोह में कविता के साथ उसके बच्चे भी जाने की जिद कर रहे थे लेकिन गाड़ी में जगह न होने की वजह से कविता ने अपने बच्चों को समझा बुझाकर रोक दिया। हादसे में कविता की भी मौत हो गई। चारों बच्चे बिलख बिलख कर रोते रहे। कहा कि मां के मरने पर वे अनाथ हो गए। परिवार के अन्य लोग उन्हें ढांढस बंधाते रहे।