परेड ग्राउंड में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर कार्यक्रम सियासत से दूर रहा। यहां हजारों की संख्या में आए दिव्यांग और वृद्धजनों को पीएम मोदी, सीएम योगी आदि ने संबोधित किया। लेकिन, कहीं भी किसी ने सीएए-एनआरसी व वर्तमान सियासत का जिक्र तक नहीं किया। जबकि, सियासी गलियारे में चर्चा थी कि दिल्ली में हुए दंगे के बाद पीएम इस मामले में विपक्ष पर हमला बोलने के साथ देश को प्रयागराज की धरती से कुछ न कुछ संदेश जरूर देंगे।
शनिवार को पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत में ही पिछले कुंभ के दौरान 24 फरवरी को पांच सफाईकर्मियों के पांव पखारने की बात का जिक्र कर दिया। कहा, तब मुझे उन सफाईकर्मियों को नमन करने का अवसर मिला। अब एक वर्ष बाद प्रयागराज की पावन धरती पर प्रधान सेवक के रूप में हजारों दिव्यांगजनों, बुजुर्ग की सेवा करने का अवसर मिला है। हालांकि, बातों ही बातों में पीएम ने पूर्व की सरकार को अपने भाषण में थोड़ा बहुत जरूर घेरने का प्रयास किया।