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प्रयागराज में एशिया के सबसे बड़े कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर सकते हैं पीएम

Sun, 02 Feb 2020 01:33 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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नरेन्द्र मोदी
शहर के सूबेदारगंज में बने रेलवे के डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कारपोरेशन लिमिटेड (डीएफसीसीएल) के कंट्रोल रूम में तमाम खूबियां हैं। यह देश ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा कंट्रोल रूम है। इस कंट्रोल रूम से डीएफसीसी के पूर्वी कॉरीडोर में चलने वाली मालगाड़ियों की निगरानी की जाएगी। इस पूरे कॉरीडोर की लंबाई 1854 किलोमीटर है। इस माह 29 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डीएफसीसी के इस कंट्रोल रूम का उद्घाटन कर सकते हैं।
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नरेंद्र मोदी - फोटो : Twitter
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयागराज आगमन को लेकर डीएफसीसी के कंट्रोल रूम में इन दिनों तैयारियां चल रही हैं। पिछले वर्ष 23 सितंबर से डीएफसीसी के सूबेदारगंज में बनाए गए कंट्रोल रूम से अब तक एक हजार मालगाड़ियों की निगरानी की जा चुकी है। हर रोज औसतन सात से आठ मालगाड़ियां भदान से खुर्जा के बीच चल रही हैं। अभी डीएफसीसी के अप लाइन पर ही मालगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है, जबकि डाउन लाइन में एनसीआर प्रशासन द्वारा डीएफसीसी को कुछ तकनीकी कारणों से अब तक एक भी मालगाड़ी नहीं दी गई है। 
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PM Modi - फोटो : ANI
दरअसल डीएफसीसी के तहत बन रहे एक नए रेलखंड का निर्माण पिछले कुछ वर्ष से चल रहा है। इसका निर्माण मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए ही हो रहा है। इसका पूर्ण निर्माण हो जाने के बाद मालगाड़ी का रास्ता अलग हो जाएगा। वर्ष 2022 तक लुधियाना से पश्चिमी बंगाल के दानकुनी तक कुल 1854 किमी लंबा यह रूट पूरी तरह तैयार हो जाएगा। अभी इस रूट के न्यू भदान से न्यू खुर्जा तक 184.72 किमी तक के रेलखंड में ट्रायल के रूप में मालगाड़ियां चल रही हैं। कानपुर के निकट भाऊपुर तक इस रूट पर मार्च 2020 तक मालगाड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। डीएफसी के सीनियर अफसर प्रदीप गुप्ता ने बताया कि कंट्रोल रूम में 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में मालगाड़ियों की निगरानी की जा रही है। मार्च 2017 में ही इस इमारत का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
डीएफसीसी कंट्रोल रूम से जुड़ी खास बातें
0 11*5 मीटर की कुल चार अलग-अलग एलईडी स्क्रीन रहेगी कंट्रोल रूम में
0 वर्तमान समय दो एलईडी स्क्रीन से न्यू भदान से न्यू खुर्जा तक हो रही निगरानी 
0 पंजाब से बंगाल तक कहां-कहां हैं गुड्स ट्रेनें सभी जानकारी रहेगी स्क्रीन पर
0 कंट्रोल रूम से संबंधित रूट के हर स्टेशन, सेक्शन और सिगनल पर रहेगी नजर
0 कंट्रोल रूम की विधिवत शुरुआत के बाद हर शिफ्ट में 50 से ज्यादा रहेंगे कर्मचारी 
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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
डीएफसीसी के लिए प्रयागराज में इसी वर्ष तैयार हो जाएगा नया यमुना पुल
डीएफसीसी के लिए प्रयागराज में पुराने यमुना पुल से तकरीबन सात किलोमीटर दूर एक दूसरा यमुना का पुल बनाया जा रहा है। इस पुल के पिलर का काम पूरा होने के बाद उसमें अब गार्डर लगाए जा रहे हैं। डीएफसीसी अफसरों का कहना है कि इस वर्ष के अंत तक यह पुल कंपलीट हो जाएगा। डीएफसीसी के मुख्य महाप्रबंधक प्रयागराज पूर्व ओम प्रकाश ने बताया कि अगले माह भाऊपुर-भदान रेलखंड पर मालगाड़ी चलने की उम्मीद है। इसके बाद भाऊपुर से मुगलसराय के बीच भी एक वर्ष बाद मालगाड़ी संचालन शुरू हो सकता है। 
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PM Modi in Tumakuru - फोटो : ANI
दिव्यांगों और वृद्धजनों के उपकरण वितरण समारोह के लिए तैयारी तेज कर दी गई है। परेड में 29 फरवरी को होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 हजार से अधिक पात्रों को उपकरण देंगे। वह 680 दिव्यांगों को बैटरी चलित ट्राईसाइकिल भी देंगे। प्रशासन के सामने इतनी बड़ी संख्या में दिव्यांगों, वृद्धजनों तथा उनके परिजनों के साथ उपकरण लाने की चुनौती है। ऐसे में इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। नौ फरवरी को माघी पूर्णिमा स्नान के बाद माघ मेला का दबाव कम हो जाएगा। इसलिए 10 फरवरी से ही परेड में उपकरण रखने का निर्णय लिया गया है।
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पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
परेड में 29 फरवरी को कई रिकार्ड भी बनेंगे। इसमें 26 हजार से अधिक लोगों को उपकरण दिए जाएंगे जो विश्व रिकार्ड होगा। इसमें करीब 10 हजार वृद्धजनों को उपकरण बांटे जाएंगे। यह भी एक रिकार्ड होगा। इसके अलावा भी अलग-अलग वर्ग में कई रिकार्ड बनने की बात कही जा रही है। हर पात्र के साथ एक-एक परिजन को भी समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। इस तरह से 52 हजार से अधिक लोग तो समारोह का सीधे तौर पर हिस्सा होंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए और भीड़ की उम्मीद है। ऐसे में शनिवार को तैयारियों को लेकर अलग-अलग बैठकें हुईं। उपकरण कैसे आएंगे और कहां रखे जाएंगे इसका भी निरीक्षण किया गया। हालांकि, प्रधानमंत्री का प्रोटोकाल आने तक अफसर अभी कुछ बोलने से बच रहे हैं।
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