Prayagraj : माफिया मुख्तार अंसारी को जिला न्यायालय में पेशी पर लगाया गया।
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तूफान कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ, दुनिया समझ रही थी मेरी कश्ती भंवर में है
रिमांड अवधि खत्म होेने के बाद बुधवार को मुख्तार अंसारी की कोर्ट में पेशी के दौरान हुए दो वाकयेे दिन भर चर्चा में रहे। कोर्ट रूम में जाते वक्त मीडिया के सवालों पर माफिया ने कहा कि बोलने पर पाबंदी है। लेकिन कुछ देर बाद कोर्ट रूम से निकलते ही उसने शेर सुनाया, जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
मुख्तार को ईडी की टीम दोपहर 12 बजे के करीब लेकर कोर्ट पहुंची। कोर्ट रूम में जाते वक्त मीडिया के सवाल पर उसने कुछ कहने से इन्कार कर दिया। सिर्फ इतना कहा कि बोलने पर पाबंदी है।
हालांकि करीब एक घंटे बाद सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान जैसे ही वह कोर्ट रूम से बाहर निकला, उसने एक शेर पढ़ा... ‘तूफान कर रहा था मेरे अज्म का तवाफ, दुनिया समझ रही थी मेरी कश्ती भंवर में है।’ इसके बाद वह प्रिजन वैन में बैठकर बांदा के लिए रवाना हो गया।