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Paush Purnima 2023 : सर्व सिद्धि योग में श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी, मास पर्यंत अनुष्ठान शुरू

Fri, 06 Jan 2023 09:15 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

भीषण ठंड और कोहरे के बीच माघ मेले के प्रथम स्नान का श्रीगणेश पौष पूर्णिमा से हो गया। गंगा, यमुना और अदृश्य संगम में पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। संगम तट पर एटीएस कमांडों को तैनात किया गया है। पौष पूर्णिमा डुबकी के साथ कल्पवासियों का मास पर्यंत चलने वाला अनुष्ठान शुरू हो गया है।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
पौष पूर्णिमा पर शुक्रवार को संगम पर भक्ति  के कारवां के बीच आस्था की डुबकी के साथ संतों-भक्तों के सबसे बड़े समागम के रूप में महीने भर के माघ मेले का शुभारंभ हो गया। आस्था, भक्ति और विश्वास की त्रिवेणी में प्रथम डुबकी लगा कर जीवन धन्य बनाने के लिए हर कोई आतुर था। कोहरे की घनी चादर में हाड़ कंपा देने वाली ठंड भी आस्था के कदमों को नहीं डिगा सकीं।कोई लेटते हुए संगम पर स्नान के लिए पहुंचा, तो कोई बैंडबाजा के साथ नाचते-कीर्तन करते हुए। इसी के साथ महीने भर का माघ मेला आरंभ हो गया।


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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
देर शाम मेला प्रशासन ने शाम तक 5.10 लाख श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का दावा किया। भोर में ही सिर पर आस्था की गठरी लिए श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ने लगे। 6.04 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़के तापमान के बीच हर हर गंगे के जयकारों केसाथ लोग संगम की ओर आगे बढ़ते रहे। एक तरफ स्नान और दूसरी ओर पतितपावनी गंगा के दोनों तटों पर अन्न, वस्त्र का दान कर पुण्य कमाने के जतन कि जाते रहे।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
कहीं जयकारे गूंजते रहे तो कहीं दीयों की लौ जलाकर मंगल कामनाएं की जाती रहीं। संगम के अलावा रामघाट, काली घाट, गंगोली शिवाला घाट, अरैल, दशाश्वमेध घाट पर देर शाम तक संतों-भक्तों और कल्पावसियों ने पुण्य की डुबकी लगाई। त्रिवेणी की धारा में गोता लगाकर पुण्य कमाने की होड़ में युवा भी शामिल रहे। कल्पवासियों, श्रद्धालुओं की भीड़ तो उमड़ी ही, संतों की टोलियां भी स्नान के लिए दिन भर संगम पहुंचती रहीं।

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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
पौ फटने के साथ ही संगम केतट पर गठरी, झोला, कपड़ा रखने और सहेजने की चिंता हर तरफ दिखाई देने लगी। स्नान घाटों हर श्रद्धालु के माथे पर तिलक-त्रिपुंड लगाने वाले पुरोहित भी भक्ति भाव का संचार करते रहे।

इससे पहले माघ मेला के प्रथम स्नान पर्व पर आधी रात के बाद ही मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। इस दौरान ट्रैक्टर-ट्राली पर पुआल, लकड़ी,चूल्हा और गृहस्थी के सामान लेकर कल्पवासी अलग मार्ग से अपने शिविरों में पहुंचते रहे। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और मेलाधिकारी अरविंद चौहान लगतार संगम समेत अन्य घाटों पर सुगम स्नान के बाबत भ्रमण करते रहे।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
स्नान घाटों पर मुस्तैद रहे अफसर, प्रवेश द्वारों पर कड़ी सुरक्षा
पौष पूर्णिमा पर कल्पवासियों, संतों, भक्तों के संगम पर डुबकी लगाने के लिए  सुगम यातायात और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। इस दौरान कमांडो दस्ता के साथ पुलिस के आला अफसर मार्च करते रहे। इसके लिए अलग-अलग घाटों और तिराहों, चौराहोंपर पुलिस, पीएसी, एटीएस, आरएएफ के अलावा घुड़सवार पुलिस, महिला पुलिस के जवानों के साथ अग्निशमन दस्ते को तैनात किया गया था। गंगा की धारा में स्नानार्थियों की सुरक्षा के लिए गोताखोर भी लगाए गए थे। इस दौरान एडीजी भानु भास्कर, पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा, अपर पुलिस कमिश्नर आकाश कुलहरि, एसएसपी माघ मेला डॉ. राजीव नारायण मिश्र और एसपी मेला आदित्य शुक्ल लगातार मेला क्षेत्र में गश्त करते रहे।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
माघ मेला की व्यवस्था एक नजर में
14 घाटों पर होगा पौष पूर्णिमा का प्रथम स्नान।
16 प्रवेश द्वारों पर कोविड हेल्प डेस्क करेगी कोरोना के संदिग्धों की जांच।
05 पांटून पुलों से होकर गुजरेंगे संत और भक्त।
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Prayagraj News : पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
एमडी ने किया मेला क्षेत्र का निरीक्षण
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने बृहस्पतिवार को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को मेला क्षेत्र में अधिक सतर्कता बरतने की हिदायत दी। उन्होंने मेला क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए। प्रबंध निदेशक ने मुख्य अभियंता विनोद कुमार गंगवार और माघ मेला में तैनात अधिशासी अभियंता भविष्य कुमार सक्सेना से मेला क्षेत्र के कार्यों की पूरी जानकारी भी प्राप्त की। 
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Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : अमर उजाला।
सवा पांच लाख रुद्राक्ष से बने महाकाल की यज्ञशाला में होगा राष्ट्र रक्षा महायज्ञ
महाकुंभ के रिहर्सल के रूप में बसे माघ मेले में इस बार महाकाल की यज्ञशाला देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं का ध्यान खींचेगी। इस यज्ञशाला में शुक्रवार से महीने भर चलने वाला राष्ट्ररक्षा महायज्ञ आरंभ होगा।

सेक्टर तीन में खाक चौक स्थित महावीर मार्ग पर स्थित इस यज्ञशाला में सवा पांच लाख रुद्राक्ष के मनकों से महाकाल का पांच फुट ऊंचा शिवलिंग बृहस्पतिवार की शाम तैयार कर लिया गया। विशाल यज्ञ वेदी में चार चरणों में स्हस्त्र त्रिशूल स्थापित किए गए हैं। इसमें इसमें काले रंग के घेरा वाले त्रिशूल आतंक के विनाश के लिए, सफेद रंग के घेरे वाले त्रिशूल ज्ञान-विद्या के लिए और इसी तरह लाल रंग के त्रिशूल अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए और पीले त्रिशूल शत्रु पराजय की कामना से लगाए गए हैं।

इस महाकाल यज्ञशाला में पौष पूर्णिमा की सुबह सात बजे शिव योगी मौनी स्वामी लेटकर मंगल यात्रा की शुरुआत करेंगे। यह यात्रा महावीर पांटून पुल से होकर संगम तट पर पहुंचेगी। वहां वह डुबकी लगाने के बाद उसी क्रम में यज्ञशाला वापस आएंगे और वहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ आरंभ होगा।

इस यज्ञशाला में राष्ट्र रक्षा की कामना से सवा पांच लाख आहुतियां दी जाएंगी। साथ 1.51 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मौनी बाबा ने बताया कि यह उनका 37वां अनुष्ठान है। इससे पहले माघ मेले में उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए महायज्ञ किया था।
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