भक्ति का जन प्रवाह शनिवार की रात तेज हो गया। देश को कोने-कोने से श्रद्धालु संगम पहुंचने लगे। सूर्य के उत्तरायण होने पर रविवार की सुबह पुण्यकाल का फल अर्जित करने के लिए पुरनियों से लेकर युवाओं तक में होड़ सी मच गई। कोई लेटते हुए संगम पर पहुंचा तो कोई बैंडबाजे के साथ।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
माघ मकर गत रवि जब होई/तीरथपतिहिं आव सब कोई/देव दनुज किन्नर नर श्रेनी/सादर मज्जहिं सकल त्रिवेनी...। तुलसी की यह चौपाइयां रविवार को मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम तीरे साकार होती रहीं। बर्फीली हवाओं के बीच कंपकंपी की परवाह किए बिना त्रिवेणी की पावन धारा को आस्थावान मथकर धन्य होते रहे।
अनेक पंथों, विचारों, मतों के लोगों का संगम पर डुबकी का समागम देखने लायक था। देर शाम तक मेला प्रशासन ने 15 स्नान घाटों पर 24.60 लाख श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया।
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Prayagraj News : माघ मेला।
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भक्ति का जन प्रवाह शनिवार की रात तेज हो गया। देश को कोने-कोने से श्रद्धालु संगम पहुंचने लगे। सूर्य के उत्तरायण होने पर रविवार की सुबह पुण्यकाल का फल अर्जित करने के लिए पुरनियों से लेकर युवाओं तक में होड़ सी मच गई। कोई लेटते हुए संगम पर पहुंचा तो कोई बैंडबाजे के साथ। उत्साह का ठिकाना नहीं था। काली मार्ग हो या त्रिवेणी मार्ग या फिर पांटून पुलों से होकर गंगा पार सेक्टरों में जाने वाले रास्ते, हर तरफ लंबी कतारें लगी रहीं।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
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अपनों का हाथ थामे सिर पर गठरी और हाथ में झोला लिए श्रद्धालु घाटों की ओर बढ़ते रहे। कहीं रेती पर ध्यान तो कहीं शंखनाद कर संक्रांति पर्व के भावों को प्रकट किया जाता रहा। संगम जाने वाले रास्तों पर स्नान, ध्यान के साथ ही आतिथ्य सत्कार और सेवा की भी मिसाल पेश की जाती रही। जगह-जगह खिचड़ी, खीर-पूड़ी, बुंदिया का वितरण कर पुण्य अर्जित करने में लोग लगे रहे।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
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महिलाएं डुबकी के साथ गंगा के तटों पर दीपदान, आरती कर मंगल गीत गाती रहीं। गंगा के स्नान घाटों पर हर तरफ एक जैसा ही हाल रहा। स्नान के साथ तीर्थ पुरोहितों की टोलियां कमंडल के साथ श्रद्धालुओं के माथे पर तरह-तरह के तिलक-त्रिपुंड लगाकर आशीष से नवाजतीं भी रहीं।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
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-18500 शौचालय मेला क्षेत्र में स्वच्छता के लिए किए गए हैं स्थापित
-15 घाटों पर लगी मकर संक्रांति स्नान पर्व की डुबकी
-24.60 लाख श्रद्धालुओं ने किया मकर संक्रांति पर संगम स्नान
-100 से अधिक स्थानों पर खिचड़ी, खीर-पूड़ी के वितरण से दिया गया आतिथ्य का संदेश
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
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बिछड़ीं 21 महिलाओं समेत 105 लोग अपनों से मिले
मकर संक्रांति स्नान पर्व के दूसरे दिन उमड़े जनसैलाब में दिन भर श्रद्धालु अपनों से बिछड़ते और मिलते रहे। त्रिवेणी बांध के नीचे स्थापित भूले भटके शिविर में देर शाम तक बिछड़े 105 लोगों को अपनों से मिलाया गया। मेले में भटकने वालों में 79 पुरुष, 21 महिलाएं और पांच बच्चे शामिल थे।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
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मकर संक्रांति पर गुलजार हुए भंडारे, भक्तों ने चखा खिचड़ी का स्वाद
मकर संक्रांति पर रविवार को गंगा किनारे श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा तो उनके स्वागत और आतिथ्य के लिए संगमनगरी के लोगों ने पलक-पांवड़े बिछा दिए। संतों ने तो अन्न क्षेत्रों में प्रसाद वितरण कराया ही, स्वयंसेवी संस्थाओं और व्यापारियों ने भी शहर से लेकर संगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दिन भर भंडारे लगाए। हर चौराहे पर श्रद्धालुओं की भीड़ खिचड़ी, खीर, पूड़ी, कढ़ी-चावल समेत तरह-तरह के व्यंजनों का लुत्फ उठाती रही। स्नानार्थियों ने कहीं पूड़ी सब्जी तो कहीं दाल चावल और कहीं तिल के लड्डू, गुड़ की भेली का स्वाद चखा।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर डुबकी लगाने बाद दीपदान करतीं महिलाएं।
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संगम अपर मार्ग पर ओम नम: शिवाय के भंडारे की सेविका तूलिका सूर्यवंशी ने बताया कि मेला क्षेत्र में चार जगहों पर संस्था की ओर से 24 घंटे प्रसाद वितरित किया जा रहा है। कोई भूखे पेट न रहने पाए, इसके लिए रास्ते भर कार्यकर्ता लगाए गए हैं। राह चलते श्रद्धालुओं को रोककर प्रसाद खिलाया जा रहा है। यह संस्था अपने ध्येय वाक्य कोई भूखा जाने न पाए, सोने न पाए, रोने न पाए... को पूरा कर रही है। सुबह से ही यहां लोगों को कढ़ी-चावल प्रसाद का भोग कराया जा रहा है।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
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इसी मार्ग पर राधा आध्यात्मिक सत्संग मंडल के शिविर में खिचड़ी के साथ ही पराठा और बूंदी का वितरण डॉ.. अमिता राधाचार्या के नेतृत्व में दिन भर किया गया। सेक्टर पांच स्थित चरखी दादरी के शिविर में अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष स्वामी ब्रह्माश्रम की मौजूदगी में सैकड़ों संतों-भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इसी तरह लेटे हनुमान जी मंदिर ढाल पर हरिद्वार की श्री कृष्ण जन कल्याण संस्थान ने श्रद्धालुओं को गुड़ की भेली बांटी।
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Prayagraj News : माघ मेला।
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विनीत त्रिपाठी ने बताया कि समूह ने करीब डेढ़ कुंतल गुड़ की भेलियां श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण की । इसके साथ ही संस्था ने सुबह सबसे पहले दाल-चावल और तिल के लड्डू भी बांटे। संयुक्त व्यापार मंडल खुल्दाबाद के व्यापारियों ने बंधवा स्थित लेटे हनुमान मंदिर के निकट श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी भोज का आयोजन किया। संगठन मंत्री अजय श्रीवास्तव ने कहा कि भंडारे में दो कुंतल चावल की खपत हुई। इस दौरान अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, उपाध्यक्ष शाने मोहम्मद, कमल वासन, विकास वर्मा और प्रवीण मौजूद रहे।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए जुटी भीड़।
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इसी तरहल्पवासियों और श्रद्धालुओं की सेवा के लिए आए स्वामी नारायण दास ने अपने सहयोगियों केसाथ महावीर मार्ग पर आने जाने वाले श्रद्धालुओं को खिचड़ी बांटी उन्होंने कहा कि कल्पवास में हम यह संकल्प लेक र आए हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा कर सकें।
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Prayagraj News : माघ मेला।
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माघ मेला पहुंचे अभिषेक ब्रह्मचारी, मानस को बताया संस्कृति का प्राण
त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी स्थित अखिल भारतीय धर्म संघ के शिविर में रविवार को स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के पहुंचने पर संतों-भक्तों ने उनका स्वागत किया। यहां उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के बल पर ही भटके हुए लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ जनप्रतिनिधि जनता की भलाई की बजाय सनातन संस्कृति के प्राण ग्रंथ रामचरित मानस पर भी गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं को रामचरित मानस पर गलत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। प्रभु राम सद्भावना और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। इस मौके पर संदीप ब्रह्मचारी, नागेश शुक्ला, अजय पांडेय, राजीव मौर्य, जितेंद्र यादव समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
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Prayagraj News : मकर संक्रांति पर स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देतीं युवतियां।
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संत सम्मेलन में गंगा-गीता-गाय की रक्षा पर दिया जोर
दंडी संन्यासियों ने रविवार को गंगा, गाय और गीता के संरक्षण का संकल्प दोहराया। माघ मेले में सेक्टर पांच में स्थित मछली बंदर मठ में हुए संत सम्मेलन में भारतीय संस्कृति के प्रचार के साथ ही वेदों के अध्ययन के लिए एकजुट प्रयास की जरूरत पर बल दिया गया। अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वामी विमल देव आश्रम ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा को प्रस्तुत करने के लिए संत समाज को जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने गंगा, गीता और गाय की रक्षा के लिए साधु -संतों से आगे आने का आह्वान किया। इस मौके पर जगदगुरु महेशाश्रम, अरविंद स्वरूप, रामदेव आश्रम, प्रणव आश्रम, विश्वंभर आश्रम, सुदर्शन आश्रम समेत कई संत मौजूद थे।
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Magh Mela : मकर संक्रांति पर डुबकी लगाने के बाद मां गंगा का पूजन करते श्रद्धालु।
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मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।
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Prayagraj News : माघ मेला।
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मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।
Magh Mela : मकर संक्रांति पर संगम स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देता साधु।
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संगम पर ठंड से पांच महिलाएं अचेत
मकर संक्रांति पर रविवार को संगम पर डुबकी के दौरान ठंड लगने से पांच महिलाएं अचेत हो गईं। उन्हें सिविल डिफेंस की महिला ब्रिगेड ने घाट से उठाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। संगम नोज पर चार बजे भोर में डुबकी लगाने के बाद ठंड से अकड़कर अचेत हुईं पांच महिलाएं अचेत हो गईं। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात सिविल डिफेंस की महिला ब्रिगेड ने उन्हें अलाव तपाकर होश में लाया गया।
सिविल डिपेंस से स्टाफ आफीसर रवि शंकर द्विवेदी ने बताया कि ठंड से अचेत हुई महिला श्रद्धालुओं को होश आने पर घर भिजवा दिया गया। इसके अलावा स्नान घाटों को भीड़ से खाली कराने, महिलाओं को चेजिंग रूम में कपड़े बदलने और घाटों पर दिया न जलाने के लिए भी जागरूक किया जाता रहा। इस दौरान डिप्टी चीफ वार्डेन सादिक हुसैन सिद्दीकी, एलके अहिरवार, रौनक गुप्ता, महेंद्र सक्सेना, रजनी सिंह, पूनम गुप्ता, वर्षा निषाद, मीना निषाद, सोनी भारतीया, मौली गुप्ता, दीपिका निषाद श्रद्धालुओं की मदद के लिए तैनात रहीं।