श्रद्धालुओं का भीड़ बीते रविवार से संगम क्षेत्र में आना जाना प्रारंभ हो गया। रेलवे स्टेशनों और बसअड्डों से स्नानार्थी गंगा मैया की जयकारे लगाते हुए संगम के लिए उमड़ पड़े। इन्हें न तो लंबी दूरी की फिकर रही, और नहीं जिला प्रशासन के बेरीकेडिंग की। मन में सिर्फ संगम दर्शन और स्नान की हिलोंरे मार रही थी। भजन कीर्तन करते श्रद्धालु संगम की ओर पैदल चलते गए। जब संगम घाट पर पहुंचे तो सुबह सात पुण्य डुबकी लगाई तो आसमान से एकाएक अचानक गुलाब के पुष्पों की बारिश होने लगी।