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कुंभ में विहिप की धर्मसंसद, सबरीमाला को देशव्यापी आंदोलन बनाने का प्रस्ताव पास, देखें तस्वीरें

Thu, 31 Jan 2019 03:37 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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कुंभनगर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सेक्टर-14 स्थित शिविर में गुरुवार यानि आज से दो दिनों तक चलने वाली धर्मसंसद की शुरुआत हो गई है। विश्व हिंदू परिषद के धर्मसंसद में आज दो बड़े प्रस्ताव पास किए गए। पहला प्रस्ताव सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर और दूसरा हिंदू समाज के विघटन को रोकने का प्रस्ताव पास किया गया। धर्म संसद में आज का विषय सबरीमाला मंदिर में माहिलाओं का प्रवेश, रखा गया है। राम मंदिर विषय पर कल चर्चा होगी।

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nritya gopal Das

दो दिन तक चलने वाली धर्म संसद में देशभर के तकरीबन 5,000 साधु-संत जुटे हैं। इस आयोजन में वीएचपी और संघ के बड़े पदाधिकारी भी पहुंचे  हैं। वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे समेत वीएचपी की पूरी कार्यकारिणी कुंभ में हो रहे इस आयोजन में मौजूद हैं। धर्मसंसद में श्री राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष और मणि रामदास जी छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास भी मौजूद हैं।

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Dharma Sansad

धर्म संसद में आज शबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर बैन की परंपरा की रक्षा करने पर भी सहमति बनी। इसमें तय किया गया कि सबरीमाला का आंदोलन भी अयोध्या आंदोलन के समकक्ष होगा। इसके साथ ही साथ आंदोलनकारियों पर केरल सरकार की कार्यवाही की निंदा की गई। 

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Ramdev

धर्मसंसद को  योग गुरु बाबा रामदेव ने संबोधित करते हुए कहा कि, जब संतो की बात पर वोट डाले जाएंगे तो धर्मसंसद की बात देश की संसद भी सुनेगी। रामदेव ने देश में कॉमन सिविल कोड लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में दो बच्चों का कानून लागू होना चाहिए। दो बच्चों से ज्यादा पैदा करने वालों से वोट का अधिकार छीन लेना चाहिए।

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Mohan Bhagwat

धर्मसंसद में राम मंदिर निर्माण पर कल चर्चा होगी। धर्मसंसद को सर संघचालक मोहन भागवत ने संबोधित करते हुए कहा कि, सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर कोर्ट ने कहा महिला अगर प्रवेश चाहती है तो करने देना चाहिए, अगर किसी को रोका जाता है तो उसको सुरक्षा देकर जहां से सब दर्शन कर सकें वहां से ले जाना चाहिए। लेकिन कोई जाना नहीं चाह रहा है इसलिए श्रीलंका से लाकर पीछे के दरवाजे से महिलाओं को घुसाया जा रहा है। मोहन भागवत ने कहा कि, हिंदु समाज को एकजुट होना होगा। आज के समय में जरूरत इस बात की है कि, हम युवाओं को जड़ों से जुड़ने का संस्कार दें। जब युवा जड़ से जुड़ेंगे तभी हिंदू समाज एक होगा और हिंदू समाज का उत्थान होगा। मोहन भागवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारे मंदिर को पब्लिक प्लेस बताया है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह पब्लिक प्लेस होने के साथ-साथ हिन्दू समाज का एक देव स्थान है। कोर्ट का आदेश हमें सही नहीं लगता है। हिंदू धर्म की महिलाएं सबरीमाला मंदिर में स्वेच्छा से प्रवेश नहीं करती है। कोर्ट के आदेश को दिखाने के लिए श्रीलंका और कई जगह की महिलाओं को बुलाकर प्रवेश कराया जा रहा है। 


 

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keshav Prasad Maurya

विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा के मुताबिक धर्म संसद में सरसंघ चालक मोहन भागवत सहित देश-विदेश के संत-धर्माचार्य शामिल होंगे, राजनीतिक हस्तियां धर्म संसद में शामिल नहीं होगी। लेकिन धर्मसंसद के पहले दिन उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए हैं। केशव प्रसाद मौर्य ने सभी संतों का आशिर्वाद लिया और फिर पीछे जाकर बैठ गए। वहीं धर्म संसद से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुंभ क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत व स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से साथ ही महंत नृत्य गोपालदास से भी भेंट की। संतों से भेंट करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर रवाना हो गए।

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