Mohan Bhagwat
धर्मसंसद में राम मंदिर निर्माण पर कल चर्चा होगी। धर्मसंसद को सर संघचालक मोहन भागवत ने संबोधित करते हुए कहा कि, सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर कोर्ट ने कहा महिला अगर प्रवेश चाहती है तो करने देना चाहिए, अगर किसी को रोका जाता है तो उसको सुरक्षा देकर जहां से सब दर्शन कर सकें वहां से ले जाना चाहिए। लेकिन कोई जाना नहीं चाह रहा है इसलिए श्रीलंका से लाकर पीछे के दरवाजे से महिलाओं को घुसाया जा रहा है। मोहन भागवत ने कहा कि, हिंदु समाज को एकजुट होना होगा। आज के समय में जरूरत इस बात की है कि, हम युवाओं को जड़ों से जुड़ने का संस्कार दें। जब युवा जड़ से जुड़ेंगे तभी हिंदू समाज एक होगा और हिंदू समाज का उत्थान होगा। मोहन भागवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारे मंदिर को पब्लिक प्लेस बताया है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह पब्लिक प्लेस होने के साथ-साथ हिन्दू समाज का एक देव स्थान है। कोर्ट का आदेश हमें सही नहीं लगता है। हिंदू धर्म की महिलाएं सबरीमाला मंदिर में स्वेच्छा से प्रवेश नहीं करती है। कोर्ट के आदेश को दिखाने के लिए श्रीलंका और कई जगह की महिलाओं को बुलाकर प्रवेश कराया जा रहा है।