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संगम पर आस्था-विश्वास-भक्ति की लहरें एकाकार, 1.70 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

Sun, 10 Feb 2019 10:48 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Tisra Shahi Snan
संगम तट पर रविवार को एक बार फिर आस्था, विश्वास और भक्ति की लहरें एकाकार हुईं। भक्ति के सागर में भावों का जन प्रवाह उठा तो उठता ही गया। कहीं बाजे गाजे के साथ संतों का कारवां चला तो कहीं भक्तों के भाव की धारा फूटती रही। प्रयागराज कुंभ के तीसरे स्नान पर्व वसंत पंचमी पर अरैल से फाफामऊ के बीच 40 घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए एक समान सैलाब उमड़ा। हेलीकॉप्टर से श्रद्धा के फूल बरसते रहे। कुंभ मेला प्रशासन के अनुसार शाम तक 1.70करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। 
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Tisra Shahi Snan
मध्यरात्रि के बाद ही हर हर महादेव और जयश्रीराम के गगनभेदी जयघोष के साथ वसंत पंचमी का स्नान शुरू हो गया। अखाड़ों के शाही स्नान के चलते पांच पांटून पुलों पर शनिवार की रात 12 बजे से यातायात रोके जाने की वजह से नागवासुकि, बख्शीबांध, शिवकुटी से लगे घाटों पर भीड़ का दबाव बढ़ गया। गंगा पार झूंसी, बदरा सोनौटी और अरैल के घाटों पर भी भारी भीड़ का जमावड़ा होने लगा। सबके मन में संगम तट पर पहुंचने की आतुरता थी। भोर में चाहे दारागंज वाली सड़क हो या फिर सिविल लाइंस-बैरहना मार्ग।
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Tisra Shahi Snan
काली सड़क हो या लाल सड़क, सभी रास्तों पर रेला उमडऩे लगा। बेनी बांध के नीचे काली त्रिवणी मार्ग और अक्षयवट मार्ग पर भजनानंदियों की टोलियां डफली लेकर राम नाम के भजन में झूम रही थीं, तो दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार के अलावा अन्य प्रदेशों से आए श्रद्धालुओं के समूह हाथों में लाल, हरी, नीली ध्वजाएं लिए हर हर महादेव का जयकारा लगाते आगे बढ़ रहे थे। आठ से 10 किमी तक की लंबी दूरी तय करने के बाद भी पांव लपकते हुए बढ़ते रहे। कोई दादी को संभाल रहा था तो कोई चाची, मामी को।

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Tisra Shahi Snan
बच्चों को कंधे पर या फिर कमर में फेंटा के सहारे बांध कर भी महिलाएं चलती रहीं। अमृतमयी कुंभ में डुबकी लगाकर जीवन को धन्य बनाने और पुण्य कमाने की चाह हर किसी के चेहरे पर कुछ ऐसी ही दिख रही थी। संगम तट पर जन सैलाब के बीच डुबकी लगाने में किसी के कपड़े छूटे, किसी की गठरी खो गई तो किसी का पर्स ढूंढते -ढूंढते नहीं मिला। सैकड़ों की तादाद में लोग बिछड़ते, मिलते रहे। 
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Tisra Shahi Snan
तीसरे और अंतिम शाही स्नान पर नागाओं ने भांजी लाठी-तलवार-त्रिशूल
वसंत पंचमी के स्नान पर्व पर शस्त्र प्रदर्शन पर रोक के बावजूद नागाओं ने रेती पर लाठी, तलवार के खेल जमकर खेले। भस्मी-भभूत पोतकर नागाओं ने शोभायात्राओं के आगे खुलकर शस्त्रप्रदर्शन किया। इस दौरान नागाओं की झलक पाने की होड़ मची रही। 
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Pushp Versha
वासंतिक छटा के बीच संगम पर श्रद्धा के फूलों की बारिश
वासंतिक छटा के बीच संगम पर सुबह से शाम तक श्रद्धा के फूलों की बारिश होती रही। संतों-भक्तों पर पुष्पवर्षा से स्नान पर्व की महिमा में चार चांद लगा दिया गया। सुबह से ही लोगों को हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश होने का इंतजार था। दिन के करीब नौ बजे जैसे ही उडऩखटोला मंडराने लगा , लोग हर हर महादेव के जयकारे लगाने लगे। संगम नोज से लेकर अरैल-फाफामऊ के बीच हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा शुरू हो गई। 
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Tisra Shahi Snan
मुख्य बातें:-
-1.70करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के वसंत पंचमी पर संगम में डुबकी लगाने का अनुमान
-40 घाटों पर भोर से लेकर शाम तक लगी पुण्य की डुबकी 
-8 किमी लंबे संगम तट पर उमड़ा आस्था का जन सैलाब
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