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Kumbh 2019: पहले ही सफर में वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों ओर से लेट, जानिए यात्रियों का क्या रहा अनुभव

Mon, 18 Feb 2019 04:07 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला प्रयागराज
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vande bharat express
देश में निर्मित पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का आगाज अच्छा नहीं रहा। अपने पहले ही सफर में वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली से इलाहाबाद जंक्शन पहुंचने में 1.08 घंटे लेट हो गई। वापसी में वाराणसी से आने में भी ट्रेन 1.42 घंटे विलंबित रही। इस वजह से यात्रियों को दिक्कत तो हुई लेकिन नई ट्रेन में सफर करने की चाह पूरी होने से अधिकांश के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। ट्रेन में दोनों ही ओर से प्रतीक्षा सूची रही। आने वाले कई दिनों में ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार में प्रतीक्षा सूची ही है।
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दिल्ली से वंदे भारत एक्सप्रेस रविवार सुबह छह बजे चली। इस बीच दिल्ली और एनसीआर में कोहरे की वजह से ट्रेन की स्पीड पर भी फर्क पकड़ा। कानपुर पहुंचते-पहुंचते ट्रेन 1.12 घंटे लेट हो गई। इलाहाबाद जंक्शन पर भी ट्रेन दिन में 12.23 बजे की बजाय 1.31 बजे पहुंची। 1.35 बजे ट्रेन जंक्शन से प्रयाग के रास्ते वाराणसी के लिए रवाना हुई। वहां भी 1.25 घंटे की देरी से ट्रेन दिन में 3.25 बजे वाराणसी पहुंच सकी। उधर, वाराणसी से भी वंदे भारत दिन में तीन बजे की बजाय शाम 4.20 बजे चली, जो 1.42 घंटे की देरी से शाम 6.17 बजे जंक्शन पहुंची।
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पहले दिन इस ट्रेन से इलाहाबाद से वाराणसी के बीच 117 यात्रियों ने सफर किया, जबकि इलाहाबाद से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या 657 रही। इसमें 67 यात्री एग्जीक्यूटिव क्लास और चेयरकार में 590 यात्री रवाना हुए। दिल्ली से इलाहाबाद पहुंचने पर वंदे भारत प्लेटफार्म नंबर पांच पर यहां चार मिनट तो वापसी में प्लेटफार्म नंबर छह पर कुल तीन मिनट रुकी। हालांकि ट्रेन का ठहराव यहां कम होने की वजह से कैटरिंग वाले वेंडर उतर नहीं सके। जबकि ऑटोमेटिक दरवाजे ट्रेन के निर्धारित ठहराव दो मिनट के बाद बंद हो जाने से चेकिंग स्टाफ को पीछे वाले कोच से चढ़ना पड़ा।

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vande bharat express
वंदे भारत में बिना टिकट यात्रा करने वाले पकड़े गए तीन वर्दीधारी
वंदे भारत में बिना टिकट सफर करना तीन पुलिस वालों को महंगा पड़ गया। कानपुर से ये तीनों वर्दीधारी ट्रेन में सवार हो गए। इनके पास टिकट नहीं था। इसकी सूचना जंक्शन पर मिली तो ट्रेन आने के पहले ही चेकिंग स्टाफ प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंच गया। इस दौरान तीनों वर्दीधारी नीचे उतरे तो उनसे चेकिंग स्टाफ ने जुर्माना वसूला। चेकिंग स्टाफ के साथ आरपीएफ कर्मी भी मौजूद रहे। तीनों ही पुलिस कर्मियों से 3510-3510 रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही हिदायत दी गई कि बिना टिकट वे सफर न करें। इनके नाम गया प्रसाद, पुनीत दुबे और महेंद्र प्रसाद बताए जा रहे हैं। उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है।
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वंदे भारत एक्सप्रेस
दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए जंक्शन से ही चढ़ा खाना
वंदे भारत से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए इलाहाबाद जंक्शन से ही रात का खाना चढ़ा। यहां आईआरसीटीसी ने ट्रेन में खाने का ठेका सिविल लाइंस की पिंड बल्लुची नाम की फर्म को दिया है। इस दौरान संबंधित फर्म से जुड़े लोगों ने वंदे भारत में भोजन के 600 से ज्यादा पैकेट चढ़ाए। हर एक पैकेट में खाने का वजन 675 ग्राम रहा। इसमें दो सब्जियां, एक दाल, सलाद, कुल्चा रोटी, राइस, मिठाई आदि शामिल रही।
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Vande Bharat Expressway
वंदे भारत से आए यात्रियों ने सफर को बताया यादगार
वंदे भारत एक्सप्रेस के पहले सफर को तमाम यात्रियों ने यादगार बताया। इस ट्रेन में दिल्ली से आने वाले बहुत से यात्री ऐसे रहे जो कुंभ दर्शन के साथ संगम स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचे। यात्रियों का कहना था कि सुबह के समय पड़े कोहरे की वजह से ट्रेन भले ही घंटे भर लेट हो गई लेकिन दिल्ली से इलाहाबाद तक के सफर का अनुभव अच्छा रहा। ट्रेन में भोजन की क्वालिटी शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस के मुकाबले यात्रियों ने बेहतर बताई। साफ सफाई पर भी यात्रियों का सकारात्मक रुख रहा।
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Vande Bharat Expressway
संगम स्नान के लिए चंडीगढ़ से आए एक चार सदस्यीय दल में शामिल डा. अलका मेहता, अजय मेहता, अनीता ने बताया कि सफर के दौरान रास्ते भर झटके बिल्कुल भी महसूस नहीं हुए। एक वक्त ऐसा भी आया कि जब लगा ट्रेन पटरी पर नहीं, बल्कि पानी में तैर रही है। प्रयागराज के प्रीतमनगर निवासी एवं अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि वंदे भारत के पहले सफर में यात्रा कर वे खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। देर से ही सही शहरवासियों को शताब्दी से ज्यादा अच्छी ट्रेन दिल्ली के लिए मिल गई।

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vande bharat express - फोटो : अमर उजाला
भदोही जिले की सोनू शुक्ला और उनके दो छोटे बच्चे अंशिका और अंशुल को भी वंदे भारत का सफर खासा भाया। सोनू ने कहा कि ट्रेन की कैटरिंग अच्छी रही। रास्ते में खाना भी गर्म ही मिला। हालांकि चेयरकार की सीट थोड़ी आरामदायक नहीं है। इसमें सुधार किया जाना चाहिए। इसी तरह मुंबई की सर्जन डा. वृंदा नय्यर जो इलाहाबाद से वाराणसी जा रही थीं, ने बताया कि उन्हें आज सुबह ही मालूम पड़ा कि वंदे भारत पहले सफर पर निकली है। इसी तरह गोरखपुर के रमेश प्रजापति भी इस ट्रेन में सफर करने को लेकर खासे उत्साहित दिखे। वाराणसी जा रही सिविल लाइंस की निधि मेहरोत्रा ने बताया कि वह पहली बार अपने दोनों बच्चियों सिद्धि और आद्या को लेकर अकेले सफर को निकली हैं। कहा कि मालूम पड़ा है कि ट्रेन महज 1.35 घंटे में ही वाराणसी पहुंच जाएगी। इसी वजह से उनके पति ने उन्हें वंदे भारत से ही वाराणसी जाने को कहा।

 
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हाथरस में खड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस - फोटो : अमर उजाला
हुआ एनाउंसमेंट, यात्रियों को छोड़ने के लिए आए लोग न चढ़ें ट्रेन में
वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच में ऑटोमेटिक दरवाजे होने की वजह से इलाहाबाद जंक्शन पर रेलवे को एक खास एनाउंसमेंट पहली बार करवाना पड़ा। जंक्शन पर वंदे भारत के आगमन प्रस्थान के दौरान एनाउंसमेंट करवाया गया कि जो लोग यात्रियों को छोड़ने के लिए आए हुए हैं वे ट्रेन के कोच में न चढ़े। क्योंकि सभी कोच में ऑटोमेटिक दरवाजे हैं। जो यात्रियों के चढ़ने के बाद बंद हो जाएंगे। रेलवे के इस एनाउंसमेंट की वजह से जंक्शन पर यात्रियों को छोड़ने के लिए आए तमाम लोग वंदे भारत के कोचों के अंदर नहीं गए। जो गए भी वे सेल्फी और फोटो खिंचवाकर तुरंत बाहर आ गए। हालांकि आनन फानन में इलाहाबाद से ट्रेन में खाना चढ़ाने गए आईआरसीटीसी के कुछ कर्मचारी दरवाजा बंद होने की वजह से ट्रेन से उतर नहीं सके। ऐसे में उन्हें इलाहाबाद से कानपुर तक जाना पड़ा।
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