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Kumbh 2019 :ध्वस्त हुए इंतजाम, भीषण जाम, माघी पूर्णिमा से एक दिन पहले ही करना पड़ा ट्रैफिक डायवर्जन

Mon, 18 Feb 2019 03:56 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला प्रयागराज
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traffic jam
माघी पूर्णिमा से दो दिन पहले ही रविवार को शहर में पर्व जैसे हालात रहे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सड़कों पर नजर आई। नतीजा यह हुआ कि मेला क्षेत्र व उसके आसपास के इलाकों में दिनभर भीषण जाम लगा रहा। जिसके असर अन्य मार्गों के यातायात पर भी पड़ा। हाल यह रहा कि सुबह शुरू हुआ जाम रात तक खत्म नहीं हो सका था और वाहनों के रेंगने का सिलसिला जारी रहा।
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traffic jam
माघी पूर्णिमा का पर्व 19 फरवरी को है। ऐसे में पुलिस के साथ ही मेला अफसर भी रिलैक्स मोड में थे। हालांकि अनुमान से परे रविवार को ही शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके चलते मेला क्षेत्र व उसके आसपास की सड़कों में सुबह से ही जाम लग गया। सड़कों पर श्रद्धालुओं के वाहनों की कतार लग गई। उधर, छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में शहरी भी मेला घूमने के लिए निकले। जिसका नतीजा यह हुआ कि दोपहर 11 बजे तक सड़कें चोक हो गई।
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traffic jam in Mussoorie - फोटो : अमर उजाला
फिर चाहे जीटी जवाहर हो या फिर सोहबतियाबाग, बैरहना हो, चुंगी या झूंसी पुल, हर तरफ वाहनों की कतार ही नजर आई। नए यमुना पुल पर टोल प्लाजा तक वाहन रेंगते रहे। हालात यह रहे कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। स्थिति इस कदर गंभीर हो गई कि कई जगहों पर पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ी। सीएमपी के सामने बैरिकेडिंग कर चारपहिया वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।उधर, बैरहना में भी चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई। मेला क्षेत्र में तो हालात और भी बुरे रहे। यहां सड़कों पर पांव रखने की भी जगह नहीं रही। हालात यह रहा कि मेला के साथ ही थानों की पुलिस को भी जाम खुलवाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा।

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traffic jam
एक दिन पहले ही लागू करना पड़ा प्रतिबंध
आमतौर पर स्नान पर्व के एक दिन पहले से ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किया जाता है। हालांकि रविवार को उपजे हालात को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को एक दिन पहले ही प्रतिबंध लागू करना पड़ा। इसके तहत बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहन पार्किंग स्थलों में खड़े करा दिए गए। सुबह 11 बजे के करीब चौतरफा वाहनों की कतार को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। 
हालांकि इस समय तक भी बड़ी संख्या में वाहन शहर में प्रवेश कर चुके थे और यही वजह रही कि राहगीर जबरदस्त जाम में जूझते रहे।
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बनारस में लगा जाम - फोटो : amar ujala
महीने भर से कमोबेश यही हैं हालात
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस अफसर चाहे जितने भी दावे करें लेकिन पौष पूर्णिमा से ही कमोबेश जाम की यही हालत बनी हुई है। बैरहना, जीटी जवाहर, चुंगी, अलोपीबाग फ्लाईओवर पर रोजाना राहगीरों को जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। इसके चलते नए यमुना पुल व झूंसी पुल से आने-जाने वालों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस समस्या से निपटने के लिए ही अलोपीबाग फ्लाईओवर पर एक महीने से सोहबतियाबाग की ओर जाने वाला व उधर से आने वाले रास्ते पर इंट्री रोक दी गई है। फिर समस्या जस की तस है।
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Jam in city
कल्पवासियों को लेने पहुंचे वाहनों ने बिगाड़ी हालत
रविवार को जाम लगने का एक कारण कल्पवासियों को लेने के लिए बाहर से आए वाहन भी रहे। जानकारों का कहना है कि माघी पूर्णिमा से ही कल्पवास खत्म हो जाएगा और कल्पवासी वापस जाएंगे।ऐसे में दो दिन पहले ही परिजन वाहन लेकर उन्हें लेने पहुंच गए। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में वाहनों के आने से भी यातायात का दबाव बढ़ गया। जिससे भीषण जाम लगा।
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Jam in city
अपनों को बेरोकटोक ढोती रहीं पुलिस की गाड़ियां
इससे पहले शनिवार को भी मेला में जाम लगा था। इसे देखते हुए मेले में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस प्रतिबंध का शहरियों व बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से तो सख्ती से पालन कराया गया लेकिन, पुलिस की गाड़ियों को छूट दी गई। खास बात यह कि इन गाड़ियां मेला ड्यूटी के संबंध में नहीं बल्कि ‘अपनों’ को संगम तक पहुंचाने के लिए दौड़ती रहीं। इनमें कई पुलिस अफसरों के भी वाहन शामिल थे। हाल यह था कि डिप्टी एसपी लिखी गाड़ियों से भी पुलिस अफसरों व कर्मचारियों के परिजन बेरोकटोक मेला में घूमते रहे। इसे लेकर कई जगह श्रद्धालुओं व ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों में नोकझोंक भी होती नजर आई।
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