Peshwai Mahanirvani
शाही पेशवाई में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में भी शाही खर्च जारी है तो संतों, महामंडलेश्वरों, भक्तों, श्रद्धालुओं के खान-पान सहित उनके रुकने की व्यवस्था और अनुष्ठान, समारोह, स्वागत आदि में भी बड़ी रकम खर्च होगी। शाही पेशवाई और शाही स्नान में आचार्य महामंडलेश्वर, महामंडलेश्वरों, श्रीमहंतों के सोने-चांदी के सिंहासनों, सजे हुए रथों के अतिरिक्त हाथी, घोड़े, ऊंट सहित कई दर्जन चुनिंदा बैंडबाजों, गाड़ियों के काफिले पर भी खर्च जारी है। तकरीबन माह भर से ज्यादा समय तक रेती पर ठौर के दौरान विविध अनुष्ठानों से इतर कई नए महामंडलेश्वर भी बनेंगे। इसमें संतों, श्रद्धालुओं के स्वागत सहित उनकी दक्षिणा और भंडारे में भी लाखों खर्च होंगे।