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कुंभ 2019: सूर्य को अर्घ्य देने का यह है बड़ा महत्व, आपके स्वास्थ्य से है गहरा नाता

Wed, 23 Jan 2019 08:46 PM IST
kapil kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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kumbh photo 2019
कुंभ की धरती पर आकर अपनों के साथ अपने पूवर्जों को याद करने की परंपरा भी है।  इसका सबसे बड़ा माध्यम सूर्य को अर्घ्य देना है। 
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kumbh photo 2019
सूर्य को अर्घ्य देने से आत्मिक सुख तो मिलता ही है, इसका वैज्ञानिक पक्ष यह है कि इससे चर्म रोग दूर होता है, हाई ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है। किसी को लो ब्लड प्रेशर है तो उससे भी राहत मिलती है।
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kumbh photo 2019
देवराहा बाबा सेवाश्रम ट्रस्ट के प्रमुख डा. रामेश्वर प्रपन्नाचार्य बताते हैं कि अघ्र्य हमेशा ताबे के बर्तन से दिया जाता है। इसमें गंगाजल या सामान्य जल के साथ उसमें लाल रंग का पुष्प जिसमें गुलाब, गेंदे का फूल, गुड़हल या फिर कोई और पुष्प के साथ रोली और अक्षत डालकर अर्घ्य दिया जाता है।

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प्रयागराज कुंभ 2019
डा. प्रपन्नाचार्य ने बताया कि अर्घ्य देने का विधान यह है कि मस्तक से छह अंगुल ऊपर से दोनों हाथ उठाकर सूर्य की दिशा में जल छोड़ना चाहिए। यदि सूर्य का उदय हो गया है तो सूर्य को पात्र से गिर रहे जल के बीच से देखना चाहिए।
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सूर्य को अर्घ्य देते श्री विद्यामठ के बटुक
इसके अलावा अंजुली से भी अर्घ्य देने की परंपरा है। वैसे अंजुली से अर्घ्य देने को अर्घ्य नहीं सूर्य तर्पण कहा जाता है। इससे भी सूर्य की किरणों से शरीर को ऊर्जा मिलती है। जिससे बीमारियां ठीक होती है।
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