Female Naga Sadhu
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खुद चुन सकते हैं अखाड़ा
नागा संन्यासी को संन्यास ग्रहण करते समय पांच गुरुओं को अपनाना होता है। ये कंठी गुरु, भगवा गुरु, भभूति गुरु, लंगोटी गुरु व चोटी गुरु होते हैं। गुरु, अखाड़ा व मढ़ी का चयन संन्यासी स्वेच्छा से कर सकता है। पर यह तय है कि संन्यास दिलाने वाले गुरु और अखाड़ा बदलने पर भी संन्यासी संन्यास दिलाने वाले गुरु का ही चेला कहलाएगा।