कुंभ में अभिव्यक्तियों का भी खूब संगम हो रहा है। कहीं रामलीलाओं के मंचन तो कहीं राधा-कृष्ण के महारास के जरिए रामायण-महाभारत काल के भाव जीवंत हो रहे हैं। रविवार की शाम सरस्वती पंडाल में तुलसीदास के रामचरित मानस पर आधारित चित्रकूट नृत्य नाटिका का मंचन यादगार बन गया। (सभी तस्वीरें:- फोटोग्राफर अनिरूद्ध पांडे)