तंत्र साधकों की सबसे कठिन साधना में से एक अघोर शिव का आवाहन जूना अखाड़े के जगद्गुरु पंचानन गिरि की अगुवाई में किया गया। करीब 40 की संख्या में साधक शनिवार की रात रसूलाबाद श्मशान घाट पर पहुंचे। रात में 12 बजे अघोर शिव के आवाहन से पहले श्मशान भैरव और भूतनाथ क्षेत्रपाल का आवाहन किया गया। श्मशान की रक्षा करने वाली 24 हजार योगिनियों को रक्त और मदिरा चढ़ाई गई। इसके बाद विधिवित पूजा शुरू हुई। जगद्गुरु पंचानन गिरि ने बताया कि इस साधना में पंचमकार क्रिया अनिवार्य होती है। इसमें मदिरा, मांस, बलि समेत पांच क्रियाओं का प्रयोग होता है लेकिन वह इनमें से किसी क्रिया का प्रयोग नहीं करते।