फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुंभ 2019: कई विदेशियों सहित 2 हजार बने नागा संन्यासी, गंगा किनारे खुद का किया पिंडदान, तस्वीरें

Mon, 28 Jan 2019 04:24 PM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
1 of 8
New Naga Sadhu
प्रयागराज कुंभपर्व में पहल करते हुए रविवार को जूना अखाड़े की ओर से साधुओं को नागा सन्यासी बनाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। तमाम तरह की ऊहापोह से निकलकर आखिरकार रविवार को गंगा किनारे जुटे साधुओं ने खुद के लिए सत्रहवां पिंडदान किया और संन्यासी बन गए।
विज्ञापन

2 of 8
New Naga Sadhu
इस दौरान अखाड़े के कोतवाल, धर्मदंड लेकर उन्हेें नियंत्रित करते रहे।संकल्प के तहत अवधूतों को नागा बनाने की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले मुंडन संस्कार कराया गया।
विज्ञापन

3 of 8
New Naga Sadhu
फिर गंगा स्नान, भस्म स्नान, गोमूूत्र, गाय के गोबर, पंचगव्य, पंचामृत स्नान, गंगा स्नान के बाद लंगोटी दी गई। यज्ञोपवीत के बाद उन्हें परंपरानुसार पलाश का दंड और कुल्हड़ का कमंडल दिया गया। काशी के पुरोहितों डॉ.रविशंकर तिवारी, आचार्य जितेंद्र मणि त्रिपाठी, आचार्य संतोष जी, आचार्य बचऊजी और उज्जैन के आचार्य संजय बधेका के आचार्यत्व में पिंडदान के बाद सभी ने गंगा में पिंडों को विसर्जित किया।

4 of 8
New Naga Sadhu
आधी रात के बाद विजयाहवन संस्कार किया गया। इससे पहले ओम नम:शिवाय का जाप भी भोर तक जारी रहा। जूना के राष्ट्रीय महामंत्री नारायण गिरि के मुताबिक मौनी अमावस्या स्नानपर्व (चार फरवरी) की भोर में अखाड़े की छावनी में जूना पीठाधीश्वर आचार्य महा मंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के आचार्यत्व में संकल्प और संस्कार दीक्षा के बाद इन सभी संन्यासियों की लंगोटी खोलकर उन्हें बनाया जाएगा।
विज्ञापन

5 of 8
New Naga Sadhu
इसके बाद सभी मौनी अमावस्या के दूसरे शाही स्नानपर्व पर अखाड़े की शोभायात्रा के साथ शामिल होंगे। गंगा किनारे हुए अनुष्ठान में तक्षक पीठाधीश्वर रविशंकर सहित अनेक संत, संन्यासी मौजूद थे।
 
विज्ञापन

6 of 8
New Naga Sadhu
अमेरिका, आस्ट्रिया से भी आए बनने नागा
जूना की पहल पर हजारों की संख्या में नागा बनने के लिए जुटे साधुओं में से अनेक विदेशी भी रहे। इसमें अमेरिका के रूछ गिरि, आस्ट्रिया के सागर गिरि, उक्रेन के शंभू गिरि आदि शामिल थे।
विज्ञापन

7 of 8
New Naga Sadhu
खास यह कि पूरे संस्कार के दौरान इन साधुओं की दृढ़ता में कहीं कोई कमी नहीं नजर रही। उन्होंने अन्य साधुओं की तरह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुरोहितों के निर्देशों का पालन किया, मंत्र पढ़े और पितरों सहित स्वयं के निमित्त पिंडदान किया।
विज्ञापन

8 of 8
New Naga Sadhu
खास बातें:-
-नागा संन्यासियों के शरीर पर लगाने के लिए बाबा विश्वनाथ मंदिर की भभूत और दंड बनाने के लिए पलाश सहित अन्य पूजा सामग्री काशी से लाई गई
-नागा बनाने के लिए किसी भी तरह के जाति बंधन से सभी मुक्त रखा गया। संन्यासियों में मुस्लिम और ईसाई छोड़कर सभी जातियों के साधु शामिल थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें