कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ रुपये के गबन के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही मुख्य आरोपी अंशुमान दुबे के नए कारनामे सामने आ रहे हैं। जांच में पता चला है कि वह दो बैंकों के चेस्ट में रकम जमा होने की आड़ में हेराफेरी करता था। जिस चेस्ट में कम रकम जमा होती थी, उसकी भरपाई वह कुछ दिनों बाद ब्याज से मिले पैसों से कर देता था। यही वजह थी कि वह लंबे समय तक खेल करता रहा।
कोटक महिंद्रा बैंक में 9.46 करोड़ के गबन मामले में एक दिन पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी व बैंक के तत्कालीन एसडीओ (सर्विस डिलीवरी आफिसर) अंशुमान दुबे समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उनके कब्जे से 1.2 करोड़ नकद व 70 लाख के गहने, कार भी बरामद हुए थे। जांच में यह भी बात पता चली है कि अंशुमान हेराफेरी का यह पूरा खेल दो बैंकों के चेस्ट में रकम जमा होने की आड़ में करता था। दरअसल कोटक महिंद्रा बैंक का अपना चेस्ट शहर में न होने के कारण इसकी रकम बैंक ऑफ बड़ौदा व यूनियन बैंक के चेस्ट में जमा होती है।