Kaushambi Accident News: कौशांबी की सिराथू तहसील के टीकरडीह गांव में सोमवार सुबह मिट्टी का टीला ढहने से नौ लोग मलबे में दब गए, जिसमें से दो किशोरियों समेत पांच की मौत हो गई। चार घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जिनकी हालत गंभीर है।
कौशांबी की सिराथू तहसील के टीकरडीह गांव में सोमवार सुबह मिट्टी का टीला ढहने से पांच की दर्दनाक मौत हो गई। मां और भयाहू (छोटे भाई की पत्नी) के साथ मिट्टी निकालने गए सुग्गन ने तालाब के अंदर ही अंदर खोदाई करने को हादसे का प्रमुख कारण बताया। टीले के नीचे लोग इस कदर दबे थे कि उन्हें बाहर निकालने में घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी। बोले कि अचानक टीला ढहने के बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया था। टीले के नीचे दबने से उसका सिर फट गया था।
घायल सुग्गन ने बताया कि सोमवार सुबह सभी लोग घर की पोताई के लिए मिट्टी खोदने पिपरहाई तालाब गए थे। वह और उसकी भयाहू मैना देवी व पड़ोस की लखनी और सपना बाहरी हिस्से की तरफ खोदाई कर रहे थे, इसलिए वह लोग बच गए। जबकि, उसकी मां समेत अन्य चट्टान के अंदर मिट्टी निकाल रही थीं।
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हादसे में घायल सुग्गन
- फोटो : संवाद
टीला ढहा तो सभी दब गए थे। कुछ देर बाद वह संभला तो पहले अपनी मां और भयाहू की तलाश की। बाहरी हिस्से में होने के कारण भयाहू मैना को बाहर निकाल लिया। वहीं, भीतरी हिस्से में होने के कारण वृद्ध मां का सिर्फ खून से लथपथ हाथ दिख रहा था। इस पर उसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचते कि इससे पहले वह बेसुध होकर गिर पड़ा। आठ घंटे बाद होश आने पर खुद को अस्पताल में पाया।
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मिट्टी का टीला ढहने से सुनीता की मौत के बाद घर के बाहर जुटे लोग
- फोटो : संवाद
अनुसूचित बस्ती में नहीं जले चूल्हे
टीकरडीह की अनुसूचित बस्ती में सोमवार को दिनभर चूल्हा नहीं जला। घर के बड़े, बुजुर्ग अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस और फिर संदीपन गंगा घाट की भागदौड़ करते रहे। वहीं, महिलाएं और बच्चे घर पर आने वाले रिश्तेदारों के साथ रोते-बिलखते रहे। गांव के संभ्रांत लोगों ने छोटे-छोटे बच्चों के लिए खाने के लिए कुछ इंतजाम किया। बड़ों के मुंह में तो दिनभर एक निवाला भी नहीं गया।
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मिट्टी का टीला ढहने से ललिता की मौत पर रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद
मेहनत-मजदूरी कर गुजारा करने वाले परिवारों पर टूटा गमों का पहाड़
टीकरडीह हादसे का शिकार हुए लोग बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। किसी के पति ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करते हैं तो किसी के पिता राजगीरी कर परिवार का गुजारा करते हैं। सुनीता और ललिता की मौत ने तो सभी को झकझोर दिया। दरअसल, इनके बच्चों के सिर से मां का साया छिन गया। सभी पांच परिवारों पर गमों का पहाड़ टूटा है।
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टीकरडीह गांव के इसी तालाब में मिट्टी का टीला ढहने से हुई है पांच लोगों की मौत
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हादसे में मौत का शिकार ललिता और सुनीता देवरानी-जेठानी हैं। ललिता के पति अवधेश सरोज और सुनीता के पति राजेश ईंट-भट्ठे में मजदूरी करते हैं। अवधेश हाथरस और राजेश अलीगढ़ स्थित भट्ठे में झोंकाई का काम करने गया था। घर अवधेश की पत्नी 11 वर्षीय बेटे सोम, बेटी शालिनी, सुषमा व सुमित समेत चार बच्चों के साथ रहती थीं। इसी तरह से राजेश की पत्नी भी पांच वर्षीय बेटे हिमांशु, बेटी हिमांशी व प्रियांशु समेत तीन बच्चों के साथ रह रही थीं।
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मृतक देवरानी और जेठानी के बच्चे
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हादसे में दोनों महिलाओं की मौत से बच्चे बिना मां के हो गए। घटना के बाद से बच्चे बिलख रहे हैं। उधर, पत्नियों के मौत की मनहूस खबर मिलते ही दोनों भाई काम छोड़कर घर के लिए निकल पड़े हैं। इसी तरह हादसे का शिकार खुशी ने इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। उसके पिता मूलचंद सूरत शहर में सुरक्षा गार्ड हैं। तीन भाई दो बहनों में मझली खुशी की मौत से परिजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
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मृतकों के घर जांच करते सिराथू एसडीएम योगेश कुमार गौड़
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घर वालों ने बताया खबर मिलते ही मूलचंद्र सूरत से निकल पड़े हैं। वहीं, मौत का शिकार उमा उर्फ सुमन के पिता मायादीन राजगीरी करते हैं। पांच भाई-बहनों में मझली उमा ने इसी साल हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। घर वाले उसके शादी के सपने बुन रहे थे, कि सोमवार को हादसा हो गया। कछरही के परिवार पर तो दुखों को पहाड़ टूटा है। हादसे में कछरही की मौत के साथ ही उनका बेटा और बहू घायल हुए हैं। हादसे के बाद से पीड़ित परिवार के लोगों की की रो-रोकर हालत खराब है। बच्चों का रोना देख लोगों का कलेजा फट रहा है।
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टीला ढहने से पांच लोगों की मौत के बाद पोस्ट मार्टम हाउस में पंचनामा करती पुलिस
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कौशाम्बी में मिट्टी का टीला ढहने से नौ लोग दबे, दो किशोरियों समेत पांच की मौत
कौशांबी की सिराथू तहसील के टीकरडीह गांव में सोमवार सुबह मिट्टी का टीला ढहने से नौ लोग मलबे में दब गए, जिसमें से दो किशोरियों समेत पांच की मौत हो गई। चार घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जिनकी हालत गंभीर है। हादसा घर की पुताई के लिए तालाब की मिट्टी खोदते समय हुआ। नगर पालिका भरवारी के वार्ड नंबर छह बालाजी नगर (टीकरडीह गांव) स्थित पिपरहाई तालाब की मिट्टी से ग्रामीण घर की पुताई करते हैं। तालाब के चारों तरफ मिट्टी का टीला है, जिसके अंदर तक खोदकर लोग मिट्टी निकालते हैं।
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टीकरडीह गांव के इसी तालाब में मिट्टी का टीला ढहने से हुई है पांच लोगों की मौत
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सोमवार सुबह भट्ठा मजदूर अवधेश सरोज की पत्नी सुनीता उर्फ ममता (35) अपनी देवरानी ललिता देवी (35) पत्नी राजेश कुमार, पड़ोसी स्व. छोटेलाल की पत्नी कछरही देवी (65), कछरही की बड़ी बहू मैना देवी (22) पत्नी राजू, कछरही का बेटा सुग्गन उर्फ आक्रोश (30), सुमन उर्फ उमा देवी (18) पुत्री मायादीन, खुशी (17) पुत्री मूलचंद्र, सपना (16) पुत्री भरतलाल, लखनी देवी (40) पत्नी स्व. लखन समेत नौ लोग तालाब में मिट्टी खोदने गए थे।
टीकरडीह गांव में घटना के बाद निरीक्षण करते डीएम
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सुबह तकरीबन साढ़े सात बजे अचानक टीला ढह गया। इससे सभी मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुन जुटे ग्रामीणों ने आननफानन मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला। इसी बीच कोखराज कोतवाल चंद्रभूषण मौर्या और एसडीएम सिराथू योगेश कुमार गौड़ भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। दो एंबुलेंस से सभी को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने सुनीता देवी, ललिता देवी, कछरही देवी, खुशी, सुमन को मृत घोषित कर दिया। सपना, मैना, सुग्गन उर्फ आक्रोश, लखनी देवी को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डीएम मधुसूदन हुल्गी ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।