कौशांबी की पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हो गया। आग की चपेट में आने से मालिक समेत सात लोगों की मौत हो गई। धमाका इतना भयावह था कि शव 200 मीटर तक बिखरे मिले।
कौशाम्बी जिले के मंझनपुर के भरवारी कस्बे के खल्लाबाद मोहल्ले में रविवार सुबह पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से मालिक समेत सात लोगों की मौत हो गई। जबकि, आठ मजदूर झुलस गए। एक गिरकर चोटिल हो गया। झुलसे सात लोगों को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) और एक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विस्फोट इतना भयावह था कि मजदूरों के शव 200 मीटर दूर जा गिरे। पुलिस के मुताबिक, जनरेटर से निकली चिंगारी आग की वजह हो सकती है। मौके पर पहुंचे एडीजी जोन भानु भाष्कर ने मामले की विस्तृत जांच के लिए एडिशनल एसपी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
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Kaushambi firecracker factory
- फोटो : PTI
जानकारी के अनुसार, कोखराज थाना इलाके के भरवारी कस्बा निवासी शाहिद अली (35) ने बस्ती से दूर खल्लाबाद मोहल्ले में न्यू रंगोली फायरब्रिगेड नाम से पटाखा फैक्टरी खोल रखी थी। रविवार को करीब 15 मजदूर काम करा रहे थे। तकरीबन 11 बजे अचानक वहां विस्फोट हो गया। तेज धमाके के साथ भीषण आग लग गई।
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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस व फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के साथ ही भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। इसके लिए कौशांबी फतेहपुर और प्रयागराज की पांच दमकल को पांच घंटे तक जूझना पड़ा। उधर, घटनास्थल पर पहुंचे मजदूरों के परिजन अपनों को बचाने के लिए फैक्टरी तक जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान झड़प हुई और पुलिस को लाठी फटकार कर खदेड़ना भी पड़ा। गंभीर रूप से झुलसे फैक्टरी मालिक समेत 15 मजदूरों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मालिक समेत सात को मृत घोषित कर दिया और एक को भर्ती कर लिया। गंभीर हाल में सात को प्रयागराज के एसआरएन भेज दिया गया, जहां छह की हालत बेहद गंभीर बनी हु्ई है।
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ऐन घटना के वक्त फैक्टरी के बाहर निकला एक मजदूर भी घायल हो गया। इस दौरान फैक्टरी के पास घास काट रही महिला भी घायल हो गई। हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मौके पर पहुंचे एडीजी जोन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। आईजी प्रेम कुमार गौतम, एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
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200 मीटर दूर खेतों तक बिखरे शरीर के अंग
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कई लोगों के चीथड़े उड़ गए। आसपास के खेतों में उनके शरीर के अंग बिखरे मिले। चार घंटे तक रुक-रुक धमाका होता रहा। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्टरी के अंदर काम करने वाले मजदूरों के शरीर के अंग 200 मीटर दूर स्थित खेतों में बिखरे पड़े मिले।
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मानो भूकंप आ गया
भरवारी निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि विस्फोट के बाद ऐसा लगा कि मानो भूकंप आ गया हो। घर की दीवारें व कमरों में रखा सामान तक हिलने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आंखों के सामने ही मजदूर 15 फुट तक उछलकर फैक्टरी से बाहर गिरते रहे।
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पटाखा फैक्टरी मालिक के पिता पर एफआईआर
भरवारी के असदुल्ला रोही निवासी पटाखा फैक्टरी मालिक शाहिद अली के पिता शराफत अली के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। हादसे में जान गंवाने वाले अंबहा निवासी अशोक पटेल के बेटे विनोद पटेल ने इसकी तहरीर दी है।
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पटाखा फैक्टरी में आग के बाद उठा धुएं का गुबार।
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इन लोगों की गई जान
शाहिद अली उर्फ शनि (35) पुत्र शराफत अली निवासी खल्लाबाद
शिवनारायण पटेल (28) पुत्र भोलानाथ निवासी अंबहा
शिवाकांत पटेल (25) पुत्र रामभवन निवासी अंबहा
अशोक कुमार (55) पुत्र गया प्रसाद निवासी अंबहा
जयचंद उर्फ दीना पटेल(17) पुत्र पुनीलाल निवासी बैरिहा
हरिलाल(45) पुत्र देवतादीन निवासी चमंधा, कोखराज
एक अज्ञात
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आग बुझाने के बाद भी हो रहे धमाके।
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एक शव अत्यधिक क्षत विक्षत हो गया है, ऐसे में उसकी पहचान नहीं हो सकी है। उधर, एक मजदूर सोनेलाल पुत्र छोटेलाल निवासी चमंधा लापता है, जिनका देर रात तक पता नहीं चल सका। बताते हैं कि वह फैक्टरी गए थे लेकिन घर नहीं लौटे।
फिलहाल यह बात सामने आई है कि बारूद में विस्फोट होने के बाद फैक्टरी में आग लगी। सात लोगों की मौत हुई है। विस्तृत जांच के लिए एडिशनल एसपी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। इसमें एडीएम और मुख्य अग्निशमन अधिकारी को भी शामिल किया गया है।- भानु भाष्कर, एडीजी जोन प्रयागराज