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प्रयागराज के मो. अनस ने दिल्ली हिंसा में फंसी हिन्दू महिला की बचाई जान 

Thu, 27 Feb 2020 01:29 AM IST
विनोद सिंह शाश्वत, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
नागरिकता कानून संशोधन कानून को लेकर पिछले तीन दिनों से हिंसा की आग में सुलग रही दिल्ली के उसी इलाके से आपसी भाईचारे और मानवता की रक्षा करने वाली भी एक अच्छी खबर भी निकलकर आई है। दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में हिंसा के बीच अपने घर में अकेली फंसी हिन्दू महिला की जान सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे झूंसी के युवा सोशलिस्ट मोहम्मद अनस ने सोशल मीडिया फेसबुक के जरिए बचा ली।
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
फेसबुक पर अनस की अपील पर दिल्ली में रहने वाले उसके एक दर्जन मुसलिम दोस्त मौके पर पहुंचे और हिन्दू महिला को उसके घर से पूरी तरह महफूज हालत में निकाल लाए। बुधवार को महिला को सकुशल उसके घर पहुंचा दिया गया। 
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CAA PROTEST - फोटो : पीटीआई
सोमवार को ईस्ट दिल्ली में हिंसा अपने चरम पर थी। घर, दुकान और मकानों में आग लगाई जा रही थी। हिंसा के बीच मुस्तफाबाद इलाके में बुजुर्ग हिन्दू महिला मंजू सारस्वत अपने घर में अकेली फंस गई। उस वक्त उनके पति, बेटा और बेटी घर पर मौजूद नहीं थे। जब उनके पड़ोसी के घर को आग के हवाले किया गया तो मंजू ने यह मान लिया था कि अब उनकी भी जान नहीं बचने वाली है।

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नागरिकता कानून - फोटो : Amar Ujala Graphics
मंजू ने फोन पर बेटे को पूरी बात बताई। इसी बीच बेटे का संपर्क सैकड़ों किलोमीटर दूर झूंसी में बैठे उसके मुसलिम दोस्त मोहम्मद अनस से हो गया। अनस का भी दिल्ली में मकान है। साथ ही लगातार सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण अक्सर उनका दिल्ली आना-जाना होता है। अनस ने तत्काल दिल्ली में रहने वाले अपने मुसलिम दोस्तों के साथ के साथ ही फेसबुक पर वॉल लिखकर हिंसा में फंसी बुजुर्ग महिला मंजू के मदद की अपील की। अनस लिखा कि मुस्तफाबाद में रहने वाले मेरे जो दोस्त इस पोस्ट को पढ़ रहे हैं।
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वो तत्काल मंजू आंटी की मदद करें। अनस के फेसबुक वॉल को देखते ही उसके मुसलिम दोस्त सक्रिय हुए और हिंसाग्रस्त क्षेत्र मुस्तफाबाद पहुंचे। भारी मशक्कत के बाद मंजू को सुरक्षित उनके घर से निकाला गया। हिंसा शांत होने तक मंजू सारस्वत झूंसी निवासी मोहम्मद अनस के दोस्त मोमिन सैफी के घर पर रहीं। अनस के पहल से हिन्दू महिला की जान बचने की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है। अनस का कहना है कि नफरत से किसी का भला नहीं होने वाला है। आपसी प्रेम और भाईचारे से ही दोनों समुदाय तथा देश का भला होगा।
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