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जमात से लौटे इलाहाबाद विवि प्रोफेसर का मामला पहुंचा एचआरडी मंत्रालय

Thu, 09 Apr 2020 08:30 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Allahabad University
दिल्ली की जमात से लौटे इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के प्रोफेसर का मामला केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक पहुंच गया है। इविवि प्रशासन के अफसरों ने मंत्रालय को इस पूरे मामले से अवगत करा दिया है और अब उनकी नजर अब प्रोफेसर की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

रिपोर्ट निगेटिव आए या पॉजिटिव, प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। फिलहाल प्रोफेसर करेली के एक गेस्ट हाउस में परिवार समेत क्वारंटीन हैं। क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद इविवि प्रशासन की ओर से प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और विधि सम्मत कार्रवाई भी होगी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
प्रोफेसर ने दिल्ली से लौटने के बाद कला संकाय के इस प्रोफेसर ने 17 मार्च को अपने ही विभाग में वार्षिक परीक्षा के दौरान सेंटर सुप्रीटेंडेंट के रूप में ड्यूटी की थी। इस दौरान वह सैकड़ों छात्रों के संपर्क में आए। विभाग में कई शिक्षकों और कर्मचारियों से भी उनकी मुलाकात हुई।

होली की छुट्टी के बाद विश्वविद्यालय खुलने पर वह 17 मार्च तक कब-कब विश्वविद्यालय आए और किनसे मुलाकात की, इविवि प्रशासन अब यह आंकड़ा भी जुटाने में लगा है। इसके अलावा प्रोफेसर के कई शोधार्थी भी उनसे नियमित रूप से संपर्क में रहे होंगे। उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। अगर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो इविवि प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ जाएगी और इन परिस्थितियों में प्रोफेसर के विभाग को भी सेनिटाइज किया जाएगा।
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allahabad university
इविवि प्रशासन को प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी अभी नहीं मिली है, लेकिन विश्वविद्यालय अपने स्तर से यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि प्रोफेसर दिल्ली कब गए और वहां से कब लौटे। इसके बाद कितनी बार विश्वविद्यालय जाए और किन लोगों से मुलाकात की।

इविवि के पीआरओ डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र ने कुलपति की ओर तरफ से बताया कि रिपोर्ट निगेटिव आए या पॉजिटिव, लेकिन प्रोफेसर को नोटिस जारी किया जाएगा। प्रशासन की बार-बार अपील के बाद भी उन्होंने जमात से लौटने की बात छिपाकर रखी। एक शिक्षक होने के नाते उन्हें खुद आगे आकर नजीर पेश करनी चाहिए थी। फिलहाल वह क्वारंटीन में हैं। उनके लौटने के बाद नोटिस जारी किया जाएगा और उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई भी होगी।

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Sanakata is surrounding the area after Markaji, who came from the Jamaat, was found corona positive at the Abdullah Mosque at Katju Road. - फोटो : prayagraj

प्रोफेसर के संक्रमित होने की कम है आशंका

प्रोफेसर कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं, यह तो जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा लेकिन उन्हें दिल्ली से लौटे तकरीबन एक माह बीत चुके हैं और अब तक संक्रमण के कोई लक्षण नजर नहीं आए हैं। ऐसे में उनके संक्रमित होने की आशंका कम है। इविवि के शिक्षकों के बीच यही चर्चा है लेकिन शिक्षकों में इस बात को लेकर नाराजगी भी है कि प्रोफेसर ने सच्चाई क्यों छिपाई।
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prayagraj - फोटो : prayagraj

बैंक ने मांगा प्रोफेसर का एकाउंट नंबर

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों के वेतन का खाता विश्वविद्यालय स्थित एसबीआई शाखा में है। सूत्रों का कहना है कि बैंक प्रबंधक ने रजिस्ट्रार ने प्रोफेसर का खाता नंबर मांगा है, ताकि पता लगाया जा सके कि दिल्ली की जमात से लौटने के प्रोफेसर कितनी बार बैंक आए थे। अगर उनके बैंक आने की पुष्टि होती है तो इविवि परिसर स्थित एसबीआई शाखा को सैनिटाइज कराया जाएगा।

संपर्क में आए सभी शिक्षकों, छात्रों की हो जांच

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता रजनीश सिंह रिशू ने कुलपति से मांग की है कि प्रोफेसर के संपर्क में जो भी छात्र-छात्राएं, शिक्षक और कर्मचारी आए हैं, उनकी सघन चिकित्सकीय जांच कराई जाए। रजनीश का आरोप है कि शासन की अपील के बावजूद प्रोफेसर ने सच्चाई छिपाकर गैर जिम्मेदाराना हरकत की है और अन्य शिक्षकों एवं छात्रों के जीवन से खिलवाड़ किया है। रजनीश ने कुलपति से मांग की है कि प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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