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130 की रफ्तार से दौड़ी हाई स्पीड टी-18, चौथा ट्रायल सफल, यात्रियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

Sat, 29 Dec 2018 11:03 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Train 18
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया के तहत तैयार की गई देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन टी-18 का चौथा स्पीड ट्रायल सफल रहा। देश के सबसे व्यस्तम रेलमार्ग दिल्ली-प्रयागराज के बीच की दूरी इस ट्रेन ने 6 घंटे 53 मिनट में तय की। शनिवार सुबह 7.20 के बजाय यह ट्रेन करीब आधे घंटे देरी से 7.48 बजे जंक्शन के प्लेटफार्म छह पर पहुंची। वहां डीआरएम समेत अन्य रेलवे के अफसर मौजूद रहे। दोपहर दो बजे इसे दिल्ली के लिए रवाना किया गया। दिल्ली से प्रयागराज के बीच टी-18 ट्रेन का ट्रायल 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से किया गया।
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Train 18
‘टी-18’ ट्रेन के सभी कोच चेयरकार वाले हैं। दिल्ली से शुक्रवार रात इसे रात 0.55 बजे रवाना किया गया। इसे सुबह 7.20 बजे जंक्शन पहुंचना था। जानकारी के मुताबिक अलीगढ़ के निकट दाऊ द खां के पास ट्रैक फ्रैक्चर होने के कारण इसे कुछ देर के लिए रोका गया। इस वजह से करीब आधा घंटे देरी से यह ट्रेन सुबह 7.48 बजे जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन को कुंभ के लिए विशेष रूप से तैयार कराए गए प्लेटफार्म संख्या छह पर रोका गया। पूरे रास्ते के करीब 70 फीसदी सफर में यह ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ी। यहां से इस ट्रेन को दोपहर दो बजे के बाद दिल्ली के लिए रवाना किया गया।
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Train 18
सेमी हाई स्पीड टी-18 ट्रेन को दिल्ली से यहां लाने वाले ड्राइवर अरशद खान और रमन सिंह हैं। दोनों इलाहाबाद मंडल के ही रेल कर्मचारी हैं। डीआरएम अमिताभ के मुताबिक इसके लिए मंडल के 15 ड्राइवरों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया है। ट्रायल रन के गार्ड मोहम्मद आदिल, संदीप निगम और एलआई ओपी मिश्रा रहे। वहीं दिल्ली वापसी के दौरान ट्रेन के ड्राइवर पीके दत्ता, राम प्रकाश और गार्ड अरविंद तिवारी, एसडी मिश्रा तथा एलआई पीके मिश्रा रहे।

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जंक्शन पर ट्रेन के साथ आने वालों में आरडीएसओ लखनऊ के निदेशक मनोज कुमार, अनिल सिद्धार्द और प्रशांत कुमार के साथ रेलवे बोर्ड के कर्मचारी भी शामिल रहे। ट्रायल में मेधा कंपनी के इंजीनियरों की टीम भी शामिल रही। ट्रेन के हर कोच में डिवाइस और मीटर लगाकर तारों का जाल बिछाया गया था। जिससे इसके ट्रैक पर दौड़ने की क्षमता का ऑनलाइन आंकलन किया गया। जानकारी के मुताबिक ट्रेन को इस रेल ट्रैक पर राजधानी की रफ्तार से चलाया गया। 
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Train 18
जंक्शन पर टी-18 ट्रेन के पहुंचने पर डीआरएम इलाहाबाद मंडल अमिताभ, एडीआरएम, इनामुल हक, अनिल द्विवेदी, अनुराग गुप्ता, सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित, सीनियर डीओएम मनु प्रकाश, सीनियर डीएससी अमलेश कुमार, सीनियर डीएमई अजीत सिंह के साथ अन्य अफसर भी पहुंचे। अफसरों ने ट्रेन की खूबियां देखीं और उसके बारे में चालक और तकनीकी दल के कर्मचारियों से बात भी की। इस मौके पर पीआरओ एनसीआर अमित मालवीय, मंडल के सुनील गुप्ता समेत अन्य अफसर और आम लोगों की भीड़ लगी रही। इसके लिए आरपीएफ स्टाफ को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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Train 18
वापसी के दौरान सेंसर में आई तकनीकी खामी
जंक्शन से दिल्ली के लिए दोपहर दो बजे सेमी हाई स्पीड ट्रेन टी-18 को समय से रवाना नहीं किया जा सका। सेंसर में आई तकनीकी खामी के चलते शुरुआती संचालन में परेशानी हुई। तुरंत रेलवे के तकनीकी अफसर सक्रिय हो गए। पांच से सात मिनट में खामी को दुरुस्त कर ट्रेन को रवाना किया गया।
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डीआरएम इलाहाबाद मंडल अमिताभ ने बताया कि सेमी हाई स्पीड टी-18 ट्रेन का चौथा ट्रायल भी सफल रहा। प्रयागराज तक इस ट्रेन का आना सुखद है। रिपोर्ट के आधार पर इस ट्रेन के संचालन के बारे में रेलवे बोर्ड निर्णय लेगा।

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Train 18
बिना इंजन के स्वदेशी सेमी हाई स्पीड टी-18 ट्रेन में यात्रियों को हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी। पूरी तरह चेयरकार 16 कोच की इस ट्रेन में सभी सीटें पुश बैक होंगी। हर सीट के बगल मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और एलईडी लाइट की व्यवस्था की गई है। विशिष्ट श्रेणी के दो कोच की सीटें जिस दिशा में ट्रेन चलेगी, उधर घूम जाएंगी। दिव्यांगों के लिए सीट नंबर समेत सभी संकेतक ब्रेल लिपि में भी दर्ज किए गए हैं। खास यह है कि ड्राइवर हर कोच में बैठे यात्रियों की गतिविधियों को देख सकेंगे।

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सेमी हाई स्पीड ट्रेन के हर कोच में अलार्म सिस्टम के साथ टॉक बैक सुविधा भी दी गई है। जिससे यात्री अपनी परेशानी बता सकेंगे। आवश्यकता पर ड्राइवर और गार्ड ट्रेन रोकने का निर्णय ले सकते हैं। अलार्म बजाकर आपात स्थिति की जानकारी भी दी जा सकेगी। जीपीएस तकनीक पर आधारित डिस्प्ले बोर्ड हर कोच में होंगे। ट्रेन कहां है, इसकी जानकारी भी मिलेगी। उम्मीद है कि कुंभ के मौके पर पर्यटकों को इस बहु प्रतीक्षित ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा।

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Train 18
जंक्शन के नए प्लेटफार्म पर शनिवार सुबह पहुंची टी-18 ट्रेन को देखने वालों का इसके दिल्ली रवाना होने से पहले तांता लगा रहा। हर कोई सेल्फी लेने को आतुर रहा। डीआरएम अमिताभ समेत सभी अफसरों ने ट्रेन के कोचों के भीतर जाकर इसकी खूबियां देखीं और सराही। एडीआरएम अनिल द्विवेदी के पुत्र आयुष्मान और तनु प्रिया ने भी टी-18 के कोच देखे। सीनियर डीएमई अजीत सिंह के मुताबिक टी-18 सभी आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस है। इसे इस तरह डिजायन किया गया है कि झटके लगने की संभावना न के बराबर है। यह ट्रेन सुखद सफर का एहसास कराएगी।  

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Train 18
टी-18 की खूबियां
-इसके सभी कोच चेन्नई स्थित आाईसीएफ (इंट्रीगल कोच फैक्ट्री) में तैयार किए गए।
-मेक इन इंडिया के तहत 16 कोच 18 महीने में निर्मित। 
-अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा।
-ट्रेेन में इंजन नहीं, बल्कि चालक केबिन एवं हर दूसरे कोच में लगी मोटर से संचालन। 
-सभी कोच दिव्यांग की सुविधा के लिहाज से किए गए हैं डिजाइन। सभी कोचों में एक सीट दिव्यांग व्यक्ति के लिए आरक्षित होगी।
-पूर्णतया एसी चेयरकार इस ट्रेन में होंगी दो श्रेणियां। जिसमें कुल 1128 सीटें होंगी। 
-एक्जीक्यूटिव चेयरकार को दो कोच, जिसमें 52-52 सीटें हैं। 
 
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Train 18
-12 एसी चेयर कार के हर डिब्बे में 78-78 सीटें हैं। 
-एक्जीक्यूटिव क्लास की सीटें इस तरह से डिजाइन की गई हैं कि 360 डिग्री पर घूम सकती हैं।
-हर सीट पर रीडिंग लाइट्स और डिफ्यूजिंग लाइट्स की सुविधा।
-हर कोच में दो बायो वैक्यूम टॉयलेट तथा छह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 
-ट्रेन के हर कोच में खास पेंट्रीकार की व्यवस्था 
-वाई-फाई सुविधा मिलेगी, एडवांस पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम रहेगा। यात्री रेलवे स्टाफ या ड्राइवर से सीधे बात कर सकेंगे। 
-ट्रेन का ब्रेक ऐसा कि हाई स्पीड में भी इसे कुछ सेकेंड में सिर्फ 800मीटर की दूरी पर रोका जा सकेगा। 
-ट्रेन के दरवाजे ऑटोमेटिक है। बिना दरवाजा बंद हुए ट्रेन रवाना नहीं होगी। ट्रेन रुकते ही प्लेटफार्म पर उतरने के लिए कोच से निकलेगा स्लाइडिंग स्टेप।
-‘टी-18’  ट्रेन 15 से 20 फीसदी ऊर्जा की करेगी बचत। इससे कार्बन फुट प्रिंट का उत्सर्जन होगा कम।
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