मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम घाट पर सुरक्षा को तैनात कमांडो।
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मिलिट्री पुलिस, एटीएस, आरएएफ, पीएसी और पुलिस की टीमें मेले में तैनात
मकर संक्रांति पूरे मेले की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से होती रही। ट्रिपल आईसी के माध्यम से मेले में चप्पे चप्पे पर नजर रखी गई। इस दौरान पुलिस ने ऑपरेशन स्वीप आउट भी चलाया। डीआईजी और एसएसपी दिन भर मेले में निरीक्षण में लगे रहे। एटीएस और बीडीडीएस की टीमें भी लगी रहीं।
मेले में मकर संक्रांति पर मिलिट्री पुलिस के साथ ही एटीएस, आरएएफ, पीएसी और पुलिस की टीमें मंगलवार रात से ही तैनात कर दी गई थीं। नोडल अधिकारी माघमेला एसपी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि सभी इंट्री प्वाइंट्स पर संदिग्ध लोगों की चेकिंग की जा रही थी। क्राइम ब्रांच की टीमें सादे वेष में मेले में घूमते रहे। इस दौरान संदिग्ध लोगों और संदिग्ध वस्तुओं (विस्फोटक आदि) के लिए आपरेशन स्वीप आउट भी चलाया गया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड (बीडीडीएस) और एएस टीमें भी ली गईं। रेत पर चलने वाले तीन वाहनों से दिन भर गश्त किया गया। डीआईजी केपी सिंह और एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज व्यवस्था की निगरानी में जुटे रहे। संगम तथा अन्य घाटों पर एनडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ राहत कंपनियां की तैनाती रही। इस दौरान तमाम लोगों को बचाया भी गया।
संगम पर डाग स्क्वायड के साथ मार्च भी किया गया। मेले में आईट्रिपलसी के माध्यम से चप्पे चप्पे की जानकारी मिलती रही। करीब डेढ़ सौ कैमरों के साथ तीन ड्रोन कैमरों से निगरानी होती रही। एसपी आशुतोष ने बताया कि पुलिसिंग के साथ ही श्रद्धालुओं की तमाम तरह की मदद की गई। कुछ लोग अपना स्नान करते समय अपने कपड़े और सामान भूल गए थे। उन्हें कपड़े और खाने की मदद दी गई।
चार दर्जन से अधिक उचक्कों को पकड़ा गया
प्रयागराज। मेले में उचक्कों ने दर्जनों स्नानार्थियों के कपड़े, पर्स तथा अन्य सामान चोरी हो गए थे। पुलिस तड़के से ही संदिग्ध लोगों को पकड़ रही थी। संगम से चार दर्जन से अधिक उचक्कों को पकड़ा गया। कुछ को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। कुछ को दारागंज पुलिस के हवाले किया गया।