फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महामंडलेश्वर-महंतों संग विदेशी संतों ने भी संगम में लगाई पुण्य की डुबकी

विज्ञापन
1 of 9
मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम स्नान कर साधना करते मौनी बाबा। - फोटो : Prayagraj
संगम पर बुधवार को मकर संक्रांति पर अखाड़ों के संतों,महामंडेश्वरों संग विदेशी संतों ने भी पुण्य की डुबकी लगाई। संगम तट पर आध्यात्मिक संस्कृति के विविध रूप-रंग देखते बने। संन्यासी, बैरागी हों या गृहस्थ। सभी एक साथ एक राह पर चले। संगम तीरे डुबकी की बहोड़ में छोटे-बड़े, अमीर-गरीब के फर्क मिट गए। देश-दुनिया से आए संतों-भक्तों ने एक साथ गोता लगाकर त्रिवेणी को नमन किया। 

जर्मनी के लाला बाबा दो अन्य विदेशी संतों के साथ मकर स्नान के लिए संगम पहुंचे। हाथ पर टैटू और लंबी जटा वाले इन विदेशी साधुओं ने गंगा, यमुना, विलुप्त सरस्वती के तट पर डुबकी लगाने के बाद सूर्य को अर्घ्य भी दिया और तिलक लगाकर निहाल हुए।
 
विज्ञापन

लंबी जटा और बाहों पर टैटू वाले बाबाओं ने संक्रांति पर्व पर भक्ति के रंग को गाढ़ा बनाया

2 of 9
माघ मेला 2020 - फोटो : Prayagraj
जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद महाराज के अलावा बाघंबरी गद्दी मठ व संगम स्थि बड़े हनुमान मंदिर के प्रबंधक योग गुरु आनंद गिरि महाराज, विष्णु संप्रदाय के महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, स्वामी अधोक्षजानंद महाराज, शारदानंद सरस्वती महाराज, महामंडलेश्वर प्रेम दास महाराज, महामंडलेश्वर त्यागी जी महाराज के अलावा बड़ी तादाद में संतों ने संगम पर आस्था की डुबकी लगाई और उत्तरायण हुए भगवान सूर्य की विश्व कल्याण की कामना से आराधना की।
 
विज्ञापन

विदेशी भजनानंदियों ने संगीतमय भजनों से रेती पर खींचा संतों-भक्तों का ध्यान

3 of 9
माघ मेला 2020 - फोटो : Prayagraj
इसी तरह संगम की रेती पर स्नान के साथ ही ध्यान और सत्संग करने वालों की भी टोलियां जगह-जगह ढोल, मजीरे के साथ संगीतमय हरिनाम का पाठ करती रहीं। इस्कॉन के विदेशी साधकों व भजनानंदियों की भी टोली जंबे, झांझ, मजीरे के साथ हरे राम नाम संकीर्तन कर संतों-भक्तों का ध्यान खींचती रही।  

वाहनों से बेरोकटोक संगम तक गए अफसरों के रिश्तेदार

4 of 9
संगम स्नान के लिए व्हील चेयर से पहुंची वृद्धा - फोटो : Prayagraj
मकर संक्रांति स्नान पर्व पर मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर आम श्रद्धालुओं को फजीहत झेलनी पड़ी। एक ओर जहां सामान्य श्रद्धालुओं के दो पहिया वाहन भी परेड में प्रवेश करते ही रोक दिए गए, जिसे लेकर लोगें में नाराजगी रही। स्नानार्थियों की सुरक्षाकर्मियों से झड़पें होती रहीं। वहीं तमाम वीआईपी चार पहिया वाले वाहनों से संगम तक गए। इसमें बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन के अफसरों के रिश्तेदार और करीबी शामिल थे। प्रतिबंध के बावजूद वीआईपी वाहनों का संगम तक जाने का सिलसिला बेरोकटोक जारी रहा।
विज्ञापन

शहरियों ने लगाया ‘पुण्य’ का भंडारा, आयुर्वेदिक चाय की रही धूम

5 of 9
माघ मेला 2020 - फोटो : Prayagraj
मकर संक्रांति पर्व पर शहरियों ने स्नानार्थियों का जगह-जगह स्वागत किया। संगम चौराहे से लेकर बालसन चौराहा, सिविल लाइंस बस अड्डा सहित दर्जन भर से ज्यादा स्थानों पर भंडारे आयोजित किए गए। इसमें चाय-नाश्ता के अलावा श्रद्धालुआें को खिचड़ी खिलाई गई। बालसन चौराहे और सिविल लाइंस बस अड्डे के करीब लगे भंडारे सहित तकरीबन सभी जगहों पर आयोजकों की ओर से प्रसाद पाने के लिए श्रद्धालुओं से प्रेमपूर्वक अनुरोध किया जाता रहा।

आयुर्वेदिक चाय की रही धूम
भंडारे में आयुर्वेदिक चाय की भी धूम रही। संगम चौराहे पर एक संस्था की ओर से आयुर्वेदिक चाय की व्यवस्था की गई थी, यहां चाय पीने वालों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन

संगम स्नान के लिए बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु

6 of 9
मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम स्नान को जाती श्रद्घालुओं की भीड़। - फोटो : Prayagraj
 मकर संक्रांति पर्व के स्नान के साथ ही आस्था और भक्ति का मेला एक कदम और आगे बढ़ गया है। इसके साथ ही माह भर के कल्पवास का पहला चरण भी पूरा हुआ है। बुधवार को संगम तट पर दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं के साथ लाखों कल्पवासियों ने भी पुण्य की कामना के साथ स्नान किया।
 
विज्ञापन

ड्रोन और सीसीटीवी से होती रही निगरानी 

7 of 9
मकर संक्रांति स्नान पर्व पर संगम घाट पर सुरक्षा को तैनात कमांडो। - फोटो : Prayagraj
मिलिट्री पुलिस, एटीएस, आरएएफ, पीएसी और पुलिस की टीमें मेले में तैनात

मकर संक्रांति पूरे मेले की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से होती रही। ट्रिपल आईसी के माध्यम से मेले में चप्पे चप्पे पर नजर रखी गई। इस दौरान पुलिस ने ऑपरेशन स्वीप आउट भी चलाया। डीआईजी और एसएसपी दिन भर मेले में निरीक्षण में लगे रहे। एटीएस और बीडीडीएस की टीमें भी लगी रहीं। 


मेले में मकर संक्रांति पर मिलिट्री पुलिस के साथ ही एटीएस, आरएएफ, पीएसी और पुलिस की टीमें मंगलवार रात से ही तैनात कर दी गई थीं। नोडल अधिकारी माघमेला एसपी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि सभी इंट्री प्वाइंट्स पर संदिग्ध लोगों की चेकिंग की जा रही थी। क्राइम ब्रांच की टीमें सादे वेष में मेले में घूमते रहे। इस दौरान संदिग्ध लोगों और संदिग्ध वस्तुओं (विस्फोटक आदि) के लिए आपरेशन स्वीप आउट भी चलाया गया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड (बीडीडीएस) और एएस टीमें भी ली गईं। रेत पर चलने वाले तीन वाहनों से दिन भर गश्त किया गया। डीआईजी केपी सिंह और एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज व्यवस्था की निगरानी में जुटे रहे। संगम तथा अन्य घाटों पर एनडीआरएफ और पीएसी की बाढ़ राहत कंपनियां की तैनाती रही। इस दौरान तमाम लोगों को बचाया भी गया।



संगम पर डाग स्क्वायड के साथ मार्च भी किया गया। मेले में आईट्रिपलसी के माध्यम से चप्पे चप्पे की जानकारी मिलती रही। करीब डेढ़ सौ कैमरों के साथ तीन ड्रोन कैमरों से निगरानी होती रही।  एसपी आशुतोष ने बताया कि पुलिसिंग के साथ ही श्रद्धालुओं की तमाम तरह की मदद की गई। कुछ लोग अपना स्नान करते समय अपने कपड़े और सामान भूल गए थे। उन्हें कपड़े और खाने की मदद दी गई। 

चार दर्जन से अधिक उचक्कों को पकड़ा गया
प्रयागराज। मेले में उचक्कों ने दर्जनों स्नानार्थियों के कपड़े, पर्स तथा अन्य सामान चोरी हो गए थे। पुलिस तड़के से ही संदिग्ध लोगों को पकड़ रही थी। संगम से चार दर्जन से अधिक उचक्कों को पकड़ा गया। कुछ को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। कुछ को दारागंज पुलिस के हवाले किया गया। 

60 लाख के स्नान का दावा, मेला में रेल टिकट बिके सिर्फ 100

8 of 9
मकर संक्रांति पर बुधवार को प्रयाग घाट रेलवे स्टेशन सन्नाटे में रहा। - फोटो : Prayagraj
 रात आठ बजे तक शहर के विभिन्न स्टेशनों से 17 हजार टिकट की हुई बिक्री
भीड़ न होने पर रेलवे ने शाम छह बजे खोल दिया सिविल लाइंस साइड का रास्ता


माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर जिला प्रशासन भले ही 60 लाख श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया है। हालांकि जिला प्रशासन के लाखों के आंकड़े के बीच मकर संक्रांति पर्व पर भी माघ मेला स्थित रेलवे के शिविर से टिकट बिक्री का आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला आया है। यहां 20 घंटे में सिर्फ 100 रेल टिकट ही बिके। यानी की हर  घंटे पांच रेल टिकट की बिक्री रेलवे के मेला स्थित यूटीएस काउंटर से हुई।


माघ मेले के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर भी मेला क्षेत्र के टिकट घर से महज नौ टिकट ही बिके थे। बुधवार को भी महज सौ टिकट रात आठ बजे तक बिक सके थे। इस अवधि में इलाहाबाद जंक्शन पर 13237, छिवकी में 3039 एवं नैनी में 937 अनारक्षित श्रेणी के टिकट बिके। इस तरह से यह आंकड़ा 17 हजार टिकट का ही शहर के प्रमुख स्टेशनों का रहा। उधर रेलवे द्वारा बुधवार को दर्जन भर से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों को चलाने की भी तैयारी की गई थी। लेकिन भीड़ न होने की वजह से पूर्व में घोषित समय सारिणी के हिसाब से ही मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन हुआ।



दिन भर में कुल छह मेला स्पेशल ट्रेन हीं चली। इसमें भी सभी आधी से ज्यादा खाली ही रहीं। वहीं दूसरी ओर जंक्शन पर भीड़ न होने की वजह से रेलवे ने एक बार फिर से सिविल लाइंस साइड में प्रवेश का रास्ता बुधवार की शाम 6.30 बजे ही खोल दिया। जबकि इसे खोला जाना था 16 जनवरी की रात 12 बजे। उधर डीआरएम अमिताभ, एडीआरएम अनुराग गुप्ता समेत तमाम अफसर जंक्शन स्थित कंट्रोल टावर से ही सभी स्टेशनों की जानकारी लेते रहे। एडीआरएम अनुराग गुप्ता ने बताया कि उम्मीद से काफी कम भीड़ आई। इसी वजह से शाम 6.30 बजे यात्रियों को सिविल लाइंस साइड से प्रवेश दे दिया गया।
विज्ञापन

दिन में तीन बजे सिविल लाइंस से चलने लगी रोडवेज बसें 

9 of 9
मकर संक्रांति पर सिविल लाइंस बस अड्डे पर नहीं दिखी भीड़ - फोटो : Prayagraj
मकर संक्रांति पर तैयारी थी 1300 बसों की, भीड़ कम होने पर चली 850 बसें 
मकर संक्रांति के अवसर पर यूपी रोडवेज की बसें जीजीआईसी और एमएनएनआईटी शिफ्ट कर दिए जाने की वजह से बुधवार को यात्रियों को खासी परेशानी हुई। हालांकि भीड़ न होने की वजह से दिन में तीन बजे के बाद बसों का सिविल लाइंस बस स्टेशन पर आवागमन शुरू हो गया। इससे यात्रियों को कुछ राहत जरूर मिली।


जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के निर्देश पर रोडवेज ने मकर संक्रांति के अवसर पर कानपुर रूट की बसें सिविल लाइंस एवं लखनऊ, फैजाबाद रूट की बसें एमएनएनआईटी के सामने प्रिंटिंग कालेज ग्राउंड में शिफ्ट कर दी थी। इन दोनों ही स्थानों पर रोडवेज ने अस्थायी बस स्टेशन बनाया था। सुबह से ही इन दोनों ही स्थानों से बसें चल रही थी। सिर्फ वाराणसी-गोरखपुर रूट की बसें ही सिविल लाइंस बस स्टेशन से संचालित होती रही। बीच-बीच में एक-दो बसें कानपुर और लखनऊ रूट की यहां पहुंचती भी रहीं। अस्थायी बस स्टेशनों एवं शहर की सड़कों पर भीड़ कम होने की वजह से दिन में तीन बजे ट्रैफिक पुलिस से अनुमति लेकर रोडवेज प्रशासन ने सभी रूट की बसों का संचालन सिविल लाइंस बस स्टेशन से शुरू कर दिया।


रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन ने बताया कि आज दिन भर में 850 बसों का आवागमन हुआ। हालांकि तैयारी 1300 बस के संचालन की थी, लेकिन ज्यादा भीड़ न होने की वजह से अतिरिक्त बसों की नौबत नहीं आई। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें