पौष पूर्णिमा पर सैकड़ों विदेशी साध्वियों और भक्तों ने संगम में डुबकी लगाई। अमेरिका से आईं साईं की शिष्याएं जब संगम तट पर पहुंचीं, तब वहां की छटा बदल गईं। श्वेत वस्त्रों में महिला साध्वियों और साधकों ने संगम स्नान के बाद पूजा-आरती में हिस्सा लिया। विदेशी साध्वियों ने बताया कि उन्होंने ऐसा कुंभ मेला पहले कभी नहीं देखा।
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Kumbh 2019
दिन के करीब 10:30 बजे के करीब अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, इटली, फ्रांस समेत कई देशों की विदेशी साध्वियां संगम तट पर डुबकी लगाने पहुंचीं। उस दौरान साईं मां उनके साथ नहीं थीं। साध्वियों ने आम श्रद्धालुओं के साथ संगम स्नान किया।
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इसके बाद वह सेक्टर-12 स्थित साईं मां के शिविर में पहुंचीं। वहां मानवता, विश्व बंधुत्व पर सत्संग के बाद योग, ध्यान और प्रणायाम हुआ। यहां साईं मां ने कहा कि कुंभ यूनेस्को की सूची में मानवता की विश्व धरोहर के रूप में दर्ज है।
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इस कुंभ से विश्व को मानवता की सेवा और कर्तव्य परायणता की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुंभ के हजारों शिविरों में जिस तरह विश्व कल्याण के लिए एक साथ यज्ञ, भजन-कीर्तन और अनुष्ठान हो रहे हैं, वैसा संयोग कहीं भी नहीं मिलता।