भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार रेलवे का बर्थडे बृहस्पतिवार 16 अप्रैल को नहीं मनाया गया। देशव्यापी लॉक डाउन की वजह से 167 वर्ष के इतिहास में रेलवे ने एक भी यात्री ट्रेन नहीं चलाई। साथ ही उत्तर मध्य रेलवे का गठन होने के बाद बृहस्पतिवार को किसी भी रेलकर्मी और अफसर तक को सम्मानित नहीं किया। हालांकि, एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने इस उपलक्ष्य पर अपना पांच मिनट का वीडियो संदेश जारी कर सभी रेलकम्रियों और अफसरों की हौसलाफजाई जरूर की। उनका यह संदेश रेलवे के तकरीबन सभी रेलकर्मियों के मोबाइल पर भेजा गया।
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- फोटो : अमर उजाला।
जीएम राजीव चौधरी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह पहला मौका है कि रेलवे द्वारा इस बार रेलवे वीक का आयोजन नहीं किया जा रहा। यह संकट की घड़ी है। रेलवे वीक भले ही अभी हम नहीं मना रहे लेकिन, कोरोना आपदा से मुक्ति पाने के बाद दोगुने उत्साह के साथ इस आयोजन को किया जाएगा। बता दें कि भारतीय रेलवे में पहली बार 16 अप्रैल 1853 को मुंबई से ठाणे के बीच पहली यात्री ट्रेन चलाई गई थी। इस ऐतिहासिक दिन के अवसर पर रेलवे की ओर से हर वर्ष 10 से 16 अप्रैल के मध्य भारतीय रेल में रेल सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और मंडल स्तर पर मेधावी कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है।
167 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब संपूर्ण यात्री सेवाएं निलंबित हैं। औपचारिक रेलवे सप्ताह समारोह जो अन्यथा बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं, को भी स्थगित कर दिया गया है। यात्री सेवाओं के पूरी तरह से स्थगित होने के बावजूद रेलकर्मी इस राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर के पहिये को चलायमान बनाए हुए हैं और इस महामारी से कई मोर्चों पर संघर्षरत हैं। जीएम ने अपने वीडियो संदेश में आवश्यक सामग्री की उपलब्धता को बनाए रखने और कोविड-19 के प्रसार के रोकथाम के लिए रेलवे के कुछ महत्वपूर्ण योगदानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेल सुरक्षा बल, स्काउट्स एंड गाइड एवं विभिन्न विभागों के कर्मियों आदि के सामूहिक प्रयासों से दिनांक 15 अप्रेल् तक 52 हजार से अधिक गरीबो और असहाय लोगों को भोजन प्रदान किया गया और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।