prayagraj news : पटाखों की खरीदारी करते लोग।
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स्वग्रही गुरु और शनि यश, कीर्ति और समृद्धि प्रदान करेंगे। ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र के मुताबिक दिवाली अपमृत्यु, अकाल मृत्यु से मुक्ति, रोग एवं ब्याधियों के नाश के साथ ही रूप, यौवन और लक्ष्मी प्राप्ति का दीप पर्व है। ऐसे में इस बार ग्रहों की अनुकूल दशा इस ज्योति पर्व में चार चांद लगाएगी। इस दिवाली पर लक्ष्मी, गणेश के साथ समुद्र मंथन से प्राप्त आयोग्य के देवता धनवंतरि, इंद्र, चित्रगुप्त और यम की भी पूजा की जाएगी।